बढ़ते ट्रांसफार्मर फॉल्ट और कार्रवाई से नाराज जूनियर इंजीनियर, प्रबंधन को सौंपा ज्ञापन
संसाधन, सुरक्षा
उपकरण
और
पर्याप्त
मैनपावर
के
अभाव
में
बिगड़
रही
बिजली
व्यवस्था,
बिना
जांच
कार्रवाई
पर
रोक
लगाने
की
मांग
सुरेश गांधी
वाराणसी। राज्य विद्युत परिषद जूनियर इंजीनियर्स संगठन की पूर्वांचल शाखा
ने शनिवार को वितरण व्यवस्था
से जुड़ी विभिन्न समस्याओं और बढ़ती ट्रांसफार्मर
क्षतिग्रस्ता को लेकर प्रबंधन
के समक्ष गंभीर चिंता जताई। संगठन के पदाधिकारियों ने
पूर्वांचल विद्युत वितरण निगम लिमिटेड के
प्रबंध निदेशक के प्रतिनिधि एवं
निदेशक (कार्मिक एवं प्रशासन) को
ज्ञापन सौंपकर विद्युत व्यवस्था से संबंधित ज्वलंत
मुद्दों के शीघ्र समाधान
की मांग उठाई। साथ
ही निदेशक तकनीकी को भी संवर्ग
की समस्याओं से अवगत कराया
गया।
ज्ञापन में संगठन ने
कहा कि वर्तमान में
पर्याप्त संसाधन, सुरक्षा उपकरण और आवश्यक मानव
संसाधन के बिना ही
विद्युत व्यवस्था का संचालन कराया
जा रहा है। इससे
एक ओर जहां वितरण
ट्रांसफार्मरों की क्षतिग्रस्ता लगातार
बढ़ रही है, वहीं
दूसरी ओर दुर्घटनाओं की
घटनाओं में भी इजाफा
हो रहा है। संगठन
ने मांग उठाई कि
ट्रांसफार्मरों की सुरक्षा के
लिए प्रभावी तंत्र विकसित किया जाए और
तकनीकी मानकों के अनुरूप आवश्यक
संसाधनों की उपलब्धता सुनिश्चित
की जाए।
संगठन ने यह भी
आरोप लगाया कि विद्युत कर्मचारियों
और अवर अभियंताओं के
विरुद्ध कई मामलों में
समुचित जांच के बिना
दंडात्मक कार्यवाही की जा रही
है, जिससे कर्मचारियों में असंतोष बढ़
रहा है। पदाधिकारियों ने
ऐसी कार्यवाहियों पर तत्काल रोक
लगाने और निष्पक्ष जांच
व्यवस्था लागू करने की
मांग की। ज्ञापन में
जले हुए ट्रांसफार्मरों की
मरम्मत के लिए ऑन-साइट पर्याप्त कार्यदायी
संस्थाएं, आवश्यक सामग्री और आधुनिक उपकरण
उपलब्ध कराने की भी मांग
की गई, ताकि उपभोक्ताओं
को निर्बाध और गुणवत्तापूर्ण विद्युत
आपूर्ति सुनिश्चित हो सके।
संगठन ने कहा कि
विद्युत उपकेंद्रों और लाइनों के
अनुरक्षण कार्यों के लिए प्रशिक्षित
और पर्याप्त मैनपावर की उपलब्धता अत्यंत
आवश्यक है। इसके साथ
ही सुरक्षा मानकों का कड़ाई से
पालन और फील्ड कर्मचारियों
की सुरक्षा सुनिश्चित करने की मांग
भी रखी गई। अवर
अभियंताओं के रिक्त पदों
को जल्द भरने और
फील्ड स्तर पर व्यावहारिक
कार्य व्यवस्था लागू करने पर
भी जोर दिया गया।
संगठन पदाधिकारियों ने चेतावनी दी
कि यदि समस्याओं का
समय रहते समाधान नहीं
किया गया तो विद्युत
व्यवस्था और उपभोक्ता सेवाओं
पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ सकता है।
उन्होंने शासन और प्रबंधन
से सकारात्मक एवं व्यावहारिक निर्णय
लेकर कर्मचारियों के हितों की
रक्षा करने की अपील
की।
इस दौरान पूर्वांचल अध्यक्ष इं. नीरज बिंद, केंद्रीय उपमहासचिव इं. दीपक गुप्ता, पूर्वांचल उपाध्यक्ष इं. राम सिंह, सचिव इं. शिवम चौधरी, संरक्षक इं. अवधेश मिश्र, इं. आई.पी. सिंह, केंद्रीय कार्यकारिणी सदस्य इं. पुष्कर उपाध्याय, क्षेत्रीय सचिव मिर्जापुर इं. अभिषेक प्रजापति, जनपद अध्यक्ष वाराणसी इं. सतीश बिंद, जनपद अध्यक्ष आजमगढ़ इं. सहदेव राम सहित बड़ी संख्या में अवर अभियंता एवं प्रोन्नत अभियंता उपस्थित रहे।

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