गजनवी टूट गया, सोमनाथ नहीं झुका!
सनातन को मिटाने वाले खुद मिट गए: मोदी
हजार साल
के
हमलों
पर
‘अमृत
अभिषेक’
पीएम मोदी
ने
साधा
इतिहास
और
राजनीति
दोनों
पर
निशाना
कहा, आक्रांताओं
ने
मंदिर
तोड़े,
आस्था
नहीं,
तलवारें
हार
गईं,
शिव
का
ध्वज
फिर
लहराया
प्रभास पाटन
में
गूंजा
“जय
सोमनाथ”
जो भारत
की
आस्था
से
टकराया,
इतिहास
से
मिट
गया
सरदार पटेल
और
राजेंद्र
प्रसाद
को
बताया
पुनर्जागरण
का
नायक
मंदिर को
पत्थर
समझने
वालों
ने
भारत
की
आत्मा
को
नहीं
पहचाना
जो काल
से
परे
है,
वही
भारत
की
आत्मा
है
75वें पुनर्निर्माण वर्ष
पर
सोमनाथ
में
भव्य
अमृत
महोत्सव
पीएम ने
जारी
किया
स्मारक
सिक्का
और
डाक
टिकट
11 तीर्थों के जल
से
हुआ
शिखर
कलश
अभिषेक
एयर शो,
पुष्पवर्षा
और
वैदिक
मंत्रों
से
गूंजा
प्रभास
पाटन
सुरेश गांधी
प्रधानमंत्री
ने आजादी के बाद के
राजनीतिक दौर का उल्लेख
करते हुए कहा कि
देश के स्वाभिमान से
जुड़े प्रतीकों की लंबे समय
तक उपेक्षा हुई। उन्होंने बिना
नाम लिए तत्कालीन सत्ता
व्यवस्था पर निशाना साधते
हुए कहा कि सोमनाथ
पुनर्निर्माण को भी वैसी
ही उपेक्षा झेलनी पड़ी, लेकिन सरदार
वल्लभभाई पटेल और डॉ.
राजेंद्र प्रसाद ने इसे राष्ट्रीय
स्वाभिमान का प्रतीक बनाकर
पुनर्जीवित किया। मोदी ने कहा
कि 500 वर्षों के संघर्ष के
बाद राम मंदिर निर्माण
का भी विरोध हुआ,
लेकिन भारत की सांस्कृतिक
चेतना को कभी दबाया
नहीं जा सकता।
मोदी ने कहा,
सोमनाथ गजनवी, खिलजी और तुगलक से
लड़ा, लेकिन कभी झुका नहीं.
11 मई 1998 के पोखरण परमाणु
परीक्षण को याद करते
हुए ‘शक्ति और भक्ति’ के
संगम का उल्लेख करते
हुए उन्होंने कहा कि अटल
बिहारी वाजपेयी के नेतृत्व में
भारत ने दुनिया के
दबाव के बावजूद परमाणु
परीक्षण किया और उसका
नाम “ऑपरेशन शक्ति” रखा गया। भारत
में शक्ति का आधार भी
शिव हैं और भक्ति
का केंद्र भी शिव हैं.
समारोह का सबसे भव्य
क्षण तब आया जब
760 किलो वजनी और 1100 लीटर
जल क्षमता वाले कलश का
90 मीटर ऊंची क्रेन के
जरिए अभिषेक किया गया। प्रधानमंत्री
मोदी ने रिमोट संचालन
से देश के 11 प्रमुख
तीर्थों के जल से
यह कुंभाभिषेक कराया। सोमनाथ मंदिर परिसर में सुबह से
श्रद्धालुओं का सैलाब उमड़ा
रहा। भगवा ध्वज, डमरू,
शंखनाद और शिवभक्ति के
बीच सांस्कृतिक प्रस्तुतियों ने सोमनाथ के
संघर्ष और पुनर्जागरण की
कथा जीवंत कर दी। भारतीय
वायुसेना की सूर्यकिरण एरोबैटिक
टीम ने भी आसमान
में तिरंगा बनाकर समारोह को रोमांच से
भर दिया। छह हॉक एमके-132
विमानों के एयर शो
ने श्रद्धालुओं का उत्साह चरम
पर पहुंचा दिया।
प्रधानमंत्री ने वैश्विक संकटों और पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव का जिक्र करते हुए देशवासियों से संयम और राष्ट्रहित में योगदान की अपील भी की। उन्होंने पेट्रोल-डीजल की खपत घटाने, सार्वजनिक परिवहन अपनाने और एक वर्ष तक सोने के आभूषणों की खरीद से बचने का आग्रह किया ताकि विदेशी मुद्रा की बचत हो सके। सोमनाथ मंदिर, जिसे 12 ज्योतिर्लिंगों में पहला माना जाता है, सदियों से भारत की सांस्कृतिक शक्ति और समृद्धि का प्रतीक रहा है। बार-बार टूटने और फिर खड़े होने की इसकी गाथा ही उसे केवल मंदिर नहीं, बल्कि भारत की सनातन जिजीविषा का सबसे बड़ा प्रतीक बनाती है।



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