सोमनाथ पर 17 आक्रमण हुए, लेकिन सनातन की चेतना को कोई पराजित नहीं कर सका : योगी
काशी से
मुख्यमंत्री
योगी
का
संदेश
जो
भारत
की
आत्मा
मिटाने
आए
थे,
इतिहास
से
स्वयं
मिट
गए
सोमनाथ स्वाभिमान
पर्व’
में
गरजे
मुख्यमंत्री,
बोलेकृ
काशी
और
सोमनाथ
भारत
की
सांस्कृतिक
चेतना
के
दो
अमर
ज्योति
स्तंभ
सुरेश गांधी
वाराणसी। सोमनाथ पर आक्रमण हुए,
मंदिर तोड़े गए, शिखर
गिराए गए, लेकिन भारत
की सनातन चेतना को कोई पराजित
नहीं कर सका। जो
भारत की आत्मा मिटाने
आए थे, वे स्वयं
इतिहास की धूल में
खो गए। मुख्यमंत्री योगी
आदित्यनाथ ने सोमवार को
काशी विश्वनाथ धाम में आयोजित
‘सोमनाथ स्वाभिमान पर्व’ के दौरान यह
उद्गार व्यक्त किए। मुख्यमंत्री ने
कहा कि काशी और
सोमनाथ केवल मंदिर नहीं,
बल्कि भारत की आध्यात्मिक
शक्ति, सांस्कृतिक स्वाभिमान और राष्ट्रीय पुनर्जागरण
के जीवंत प्रतीक हैं।
काशी विश्वनाथ धाम
परिसर में आयोजित ‘
सोमनाथ
संकल्प महोत्सव’
में प्रदेश की
राज्यपाल आनंदीबेन पटेल,
मंत्री हंसराज विश्वकर्मा,
आयुष राज्य मंत्री
दयाशंकर दयालु,
विधायक एवं पूर्व मंत्री
नीलकंठ तिवारी,
सौरभ श्रीवास्तव,
एमएलसी
धर्मेंद्र सिंह,
महापौर अशोक तिवारी और
बड़ी संख्या में संत,
विद्वान
एवं श्रद्धालु उपस्थित रहे। मुख्यमंत्री ने
कार्यक्रम की शुरुआत प्रधानमंत्री
नरेन्द्र मोदी के प्रति
आभार व्यक्त करते हुए की।
उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री
मोदी की प्रेरणा से
“
एक भारत-
श्रेष्ठ भारत”
की संकल्पना साकार रूप ले रही
है। सोमनाथ,
काशी विश्वनाथ धाम,
महाकाल लोक और अयोध्या
में राम मंदिर जैसे
प्रकल्प केवल निर्माण कार्य
नहीं,
बल्कि भारत के सांस्कृतिक
पुनर्जागरण के प्रतीक हैं।
उन्होंने कहा कि आज
भारत वैभव और विकास
की नई यात्रा पर
आगे बढ़ रहा है।
इस यात्रा की प्रेरक शक्ति
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी हैं,
जिन्होंने
भारत को उसकी सांस्कृतिक
चेतना से पुनः जोड़ने
का कार्य किया है। मुख्यमंत्री ने कहा
कि काशी और सोमनाथ
मंदिर भारत की सनातन
चेतना के दो अमर
ज्योति स्तंभ हैं। एक उत्तर
में गंगा तट पर
स्थित है,
जिसने सनातन
धर्म की आध्यात्मिक धारा
को अक्षुण्ण रखा,
जबकि दूसरा
पश्चिमी समुद्र तट पर भारत
के स्वाभिमान और पुनर्जागरण का
प्रतीक बनकर हजारों वर्षों
तक खड़ा रहा।
उन्होंने कहा कि सोमनाथ
मंदिर भारत की उस
अमर चेतना का प्रतीक है,
जहां धर्म, संस्कृति, इतिहास और राष्ट्रीय अस्मिता
एकाकार हो जाती है।
इतिहास हमें सिखाता है
कि सनातन संस्कृति पर आक्रमण हो
सकते हैं, लेकिन उसे
समाप्त नहीं किया जा
सकता। विनाश क्षणिक होता है, जबकि
सनातन शाश्वत है। मुख्यमंत्री योगी ने कहा
कि विदेशी आक्रांताओं ने सोमनाथ मंदिर
पर 17 बार हमला किया।
महमूद गजनवी से लेकर औरंगजेब
तक अनेक शासकों ने
मंदिरों को ध्वस्त कर
भारत की आध्यात्मिक चेतना
को तोड़ने का प्रयास किया,
लेकिन वे सफल नहीं
हो सके।
उन्होंने कहा, “
आक्रांताओं ने समझा कि
मूर्तियां तोड़कर और वैभव लूटकर
भारत की आत्मा को
समाप्त किया जा सकता
है,
लेकिन वे यह नहीं
समझ पाए कि सनातन
केवल मंदिरों की दीवारों में
नहीं,
बल्कि भारत की चेतना
में बसता है। मुख्यमंत्री
ने काशी विश्वनाथ धाम
का उल्लेख करते हुए कहा
कि औरंगजेब ने यहां प्राचीन
मंदिर को ध्वस्त कर
गुलामी का प्रतीक खड़ा
किया था,
लेकिन वह
भी भारत की आत्मा
को नहीं तोड़ सका।
आज काशी विश्वनाथ धाम
पुनः दिव्य और भव्य स्वरूप
में पूरी दुनिया के
सामने खड़ा है।
उन्होंने कहा कि आज
भी कुछ शक्तियां भारत
के सांस्कृतिक पुनर्जागरण और आध्यात्मिक स्वाभिमान
को आगे बढ़ते नहीं
देखना चाहतीं। “
जिन लोगों ने
अयोध्या में राम मंदिर
निर्माण का विरोध किया,
वही मानसिकता सोमनाथ और काशी के
पुनरुत्थान के खिलाफ भी
दिखाई देती रही है।
लेकिन अब भारत अपनी
सांस्कृतिक अस्मिता के साथ आगे
बढ़ रहा है।”
मुख्यमंत्री
ने सरदार वल्लभ भाई पटेल को
याद करते हुए कहा
कि स्वतंत्रता के बाद उन्होंने
सोमनाथ मंदिर के पुनर्निर्माण का
संकल्प लिया था। अनेक
चुनौतियों और विरोधों के
बावजूद उन्होंने राष्ट्र की आत्मप्रतिष्ठा के
रूप में इस कार्य
को आगे बढ़ाया। उन्होंने
भारत के प्रथम राष्ट्रपति
राजेन्द्र प्रसाद का भी उल्लेख
किया,
जिन्होंने 75
वर्ष पूर्व तत्कालीन
विरोध के बावजूद सोमनाथ
मंदिर के प्राण प्रतिष्ठा
समारोह में भाग लिया
था।
मुख्यमंत्री ने कहा कि
डॉ. राजेंद्र प्रसाद ने उस समय
कहा था कि भौतिक
संरचनाओं को क्षतिग्रस्त किया
जा सकता है, लेकिन
भारत की आत्मा अजर,
अमर और शाश्वत है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि
सोमनाथ स्वाभिमान पर्व भारत की
उसी शाश्वत चेतना का उत्सव है।
यह केवल धार्मिक आयोजन
नहीं, बल्कि राष्ट्र की सांस्कृतिक आत्मा
के पुनर्जागरण का महापर्व है।
अपने संबोधन के अंत में
मुख्यमंत्री ने प्रदेशवासियों और
देशभर के श्रद्धालुओं को
शुभकामनाएं देते हुए कहा
कि भारत की ज्योतिर्लिंग
परंपरा राष्ट्रीय एकता की सबसे
बड़ी पहचान है। उन्होंने राज्यपाल
आनंदीबेन पटेल का स्वागत
करते हुए आयोजन समिति
को सफल आयोजन के
लिए बधाई दी।
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