शिक्षामित्रों को सम्मान का संबल: बढ़े मानदेय के साथ मिला आत्मविश्वास
गोरखपुर से
मुख्यमंत्री
का
लाइव
संदेश,
वाराणसी
में
चेक
वितरण
के
साथ
हुआ
भव्य
सम्मान
समारोह
शिक्षामित्रों को
डमी
चेक
देकर
सम्मानित
किया
गया
सुरेश गांधी
वाराणसी. प्रदेश सरकार द्वारा शिक्षामित्रों के मानदेय में
की गई वृद्धि को
लेकर मंगलवार को वाराणसी में
एक गरिमामय और उत्साहपूर्ण कार्यक्रम
का आयोजन हुआ। चौकाघाट स्थित
गिरिजा देवी संकुल में
आयोजित इस समारोह में
शिक्षामित्रों को बढ़े हुए
मानदेय के प्रतीक चेक
वितरित कर सम्मानित किया
गया। कार्यक्रम की खास बात
यह रही कि गोरखपुर
में आयोजित मुख्य समारोह, जिसमें मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ मुख्य
अतिथि थे, उसका सजीव
प्रसारण भी यहां उपस्थित
जनसमूह को दिखाया गया।
कार्यक्रम का शुभारंभ प्रदेश
के श्रम एवं सेवायोजन
समन्वय मंत्री अनिल राजभर, स्टाम्प
एवं न्यायालय पंजीयन शुल्क राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) रविन्द्र जायसवाल, जिला पंचायत अध्यक्ष
पूनम मौर्या, एमएलसी धर्मेंद्र सिंह, विधायक सौरभ श्रीवास्तव और
जिलाधिकारी सत्येंद्र कुमार ने संयुक्त रूप
से दीप प्रज्वलन और
मां सरस्वती की प्रतिमा पर
माल्यार्पण कर किया। समारोह के
दौरान शिक्षामित्रों को डमी चेक
देकर सम्मानित किया गया। पूरे
कार्यक्रम में शिक्षामित्रों के
चेहरों पर संतोष और
उत्साह स्पष्ट नजर आया। परिषदीय
विद्यालयों के विद्यार्थियों ने
सरस्वती वंदना और स्वागत गीत
प्रस्तुत कर कार्यक्रम को
सांस्कृतिक गरिमा भी प्रदान की।
राष्ट्र निर्माण की नींव हैं शिक्षामित्र : अनिल राजभर
श्रम मंत्री अनिल
राजभर ने शिक्षामित्रों और
शिक्षकों की भूमिका को
देश के भविष्य की
आधारशिला बताते हुए कहा कि
ये वर्ग केवल शिक्षा
नहीं दे रहा, बल्कि
राष्ट्र के चरित्र का
निर्माण कर रहा है।
उन्होंने मानदेय वृद्धि को शिक्षामित्रों के
मनोबल को सशक्त करने
वाला ऐतिहासिक निर्णय बताया।
सम्मान और आत्मसम्मान से जुड़ा फैसला : रविन्द्र जायसवाल
स्टाम्प मंत्री रविन्द्र जायसवाल ने कहा कि
प्रदेश में बेसिक शिक्षा
के क्षेत्र में अभूतपूर्व कार्य
हो रहे हैं। शिक्षामित्रों
के मानदेय में वृद्धि केवल
आर्थिक सहयोग नहीं, बल्कि उनके सम्मान और
आत्मसम्मान को मजबूत करने
वाला कदम है।
जनप्रतिनिधियों ने सराहा निर्णय
एमएलसी धर्मेंद्र सिंह ने इसे
शिक्षामित्रों के लिए प्रेरणादायक
पहल बताया, वहीं विधायक सौरभ
श्रीवास्तव ने ग्रामीण क्षेत्रों
में पढ़ने वाले बच्चों के
लिए शिक्षामित्रों की भूमिका को
अत्यंत महत्वपूर्ण बताया। कार्यक्रम में एमएलसी हंसराज
विश्वकर्मा, प्रदीप अग्रहरि, अदिति पटेल, मुख्य विकास अधिकारी प्रखर कुमार सिंह, जिला बेसिक शिक्षा
अधिकारी अनुराग श्रीवास्तव सहित कई अधिकारी
और शिक्षा विभाग से जुड़े प्रतिनिधि
मौजूद रहे।
शिक्षा व्यवस्था में जमीनी स्तर को मजबूती
शिक्षामित्रों के मानदेय में वृद्धि का यह कदम न सिर्फ उनके आर्थिक सशक्तिकरण की दिशा में अहम है, बल्कि प्रदेश की शिक्षा व्यवस्था को जमीनी स्तर पर मजबूती देने की एक बड़ी पहल के रूप में भी देखा जा रहा है। सरकार का यह संदेश साफ है कि शिक्षा के आधार स्तंभ को मजबूत किए बिना समग्र विकास संभव नहीं।

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