Tuesday, 5 May 2026

काशी में अपराध पर प्रहार: व्यापार मंडल का पुलिस एक्शन को सलाम, एनकाउंटर नीति को खुला समर्थन

कमिश्नर को प्रतीक स्वरूप तलवार भेंट कर जताया गया सम्मान  

काशी में अपराध पर प्रहार: व्यापार मंडल का पुलिस एक्शन को सलाम, एनकाउंटर नीति को खुला समर्थन

कानून के राज पर भरोसा मजबूत, मनीष सिंह हत्याकांड में ताबड़तोड़ कार्रवाई से संतुष्ट व्यापारी, कमिश्नर एसओजी टीम सम्मानितय

कोई अपराधी नहीं बचेगा, जरूरत पड़ी तो बुलडोजर भी चलेगा: अजीत सिंह बग्गा

सुरेश गांधी

वाराणसी। काशी में कानून-व्यवस्था को लेकर एक बार फिर सख्त संदेश गया है। करणी सेना से जुड़े मनीष सिंह हत्याकांड के बाद पुलिस की ताबड़तोड़ कार्रवाई ने सिर्फ अपराधियों के नेटवर्क को झकझोरा है, बल्कि आमजन और व्यापारी वर्ग के भीतर सुरक्षा को लेकर भरोसा भी मजबूत किया है। वाराणसी व्यापार मंडल ने अपराधियों की शीघ्र गिरफ्तारी और कठोर कार्रवाई की मांग को लेकर अपना समर्थन दर्ज कराया। हालांकि, पुलिस प्रशासन पहले ही इस मामले में सक्रियता दिखाते हुए 8 से 10 आरोपियों को गिरफ्तार कर चुका है, वहीं दो आरोपियों को मुठभेड़ में घायल कर पकड़ने की कार्रवाई ने यह स्पष्ट संकेत दे दिया है कि अपराध के खिलाफ जीरो टॉलरेंस की नीति पर अमल हो रहा है।

व्यापार मंडल के अध्यक्ष अजीत सिंह बग्गा के नेतृत्व में मंगलवार को एक प्रतिनिधिमंडल ने पुलिस कमिश्नर मोहित अग्रवाल, एसओजी प्रभारी गौरव सिंह तथा उनकी टीम के कार्यों की सराहना करते हुए उन्हें सम्मानित किया। कमिश्नर को प्रतीक स्वरूप तलवार भेंट कर सम्मान जताया गया, जो अपराध के विरुद्ध संघर्ष और न्याय की स्थापना का प्रतीक माना गया। इस दौरान जिला मजिस्ट्रेट शतेंद्र कुमार सिंह से भी टेलीफोनिक वार्ता कर व्यापारियों ने प्रशासनिक कार्रवाई की सराहना की और विश्वास जताया कि कोई भी दोषी कानून के शिकंजे से बाहर नहीं रहेगा। यह घटनाक्रम केवल एक आपराधिक मामले की प्रतिक्रिया नहीं, बल्कि उस बदलती प्रशासनिक कार्यशैली का संकेत है, जिसमें अपराध के प्रति कठोरता और त्वरित न्याय की अपेक्षा समाज की प्राथमिकता बन चुकी है।

व्यापार मंडल के पदाधिकारियों ने एक स्वर में कहा कि प्रदेश के मुखिया योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में उत्तर प्रदेश में अपराधियों के लिए कोई स्थान नहीं है और काशी के अधिकारी उसी सोच के अनुरूप कार्य कर रहे हैं। यह भरोसा केवल राजनीतिक बयान नहीं, बल्कि जमीनी स्तर पर दिख रही कार्रवाई का परिणाम है। दिलचस्प पहलू यह भी है कि जिला प्रशासन द्वारा अपराधियों की संपत्तियों की पहचान और माप-तौल की प्रक्रिया शुरू किए जाने की जानकारी ने यह संकेत दिया है कि जरूरत पड़ने पर बुलडोजर कार्रवाई भी की जा सकती है। यह नीति जहां एक ओर अपराधियों के मनोबल को तोड़ने का काम करती है, वहीं दूसरी ओर कानून के कठोर पक्ष को भी उजागर करती है। हालांकि, लोकतांत्रिक व्यवस्था में यह भी आवश्यक है कि ऐसी कार्रवाइयां पूरी तरह विधिक प्रक्रिया के तहत हों, ताकि न्याय की पारदर्शिता और विश्वसनीयता बनी रहे।

व्यापार मंडल ने 6 मई को किसी भी प्रकार के विरोध या बंद से दूरी बनाते हुए सामान्य रूप से व्यापार जारी रखने का निर्णय लिया, जो यह दर्शाता है कि व्यापारी वर्ग अब अस्थिरता नहीं, बल्कि स्थायित्व और सुरक्षा को प्राथमिकता दे रहा है। जिला अध्यक्ष नन्हे जायसवाल सहित अन्य पदाधिकारियों ने भी व्यापारियों से अपील की कि वे अपने कार्य सामान्य रूप से करें और प्रशासन पर विश्वास बनाए रखें। इस पूरे घटनाक्रम में एक सकारात्मक संदेश यह भी उभरकर सामने आता है कि जब प्रशासन सक्रिय हो और समाज सहयोगी, तब अपराध के खिलाफ लड़ाई अधिक प्रभावी बनती है। वाराणसी में पुलिस और व्यापारियों के बीच बना यह विश्वास आने वाले समय में कानून-व्यवस्था को और सुदृढ़ कर सकता है। मुख्य रूप से इस अवसर पर खुर्शीद बानो, रविंद्र जायसवाल, संजय गुप्ता, मनीष गुप्ता, कृष्णा राजू वर्मा, जयप्रकाश, रमेश भारद्वाज, सत्य प्रकाश, अरविंद जायसवाल, प्रिया अग्रवाल सहित अनेक व्यापारी नेता उपस्थित रहे। सभी ने एकजुट होकर यह संदेश दिया कि काशी में अपराध के लिए कोई जगह नहीं है और कानून का राज सर्वोपरि रहेगा।

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