काशी मॉडल पर महाराष्ट्र की नजर!
त्र्यंबकेश्वर मंदिर
प्रबंधन
ने
लिया
विश्वनाथ
धाम
की
व्यवस्था
का
अध्ययन,
आधिकारिक
प्रस्ताव
का
इंतजार
सुरेश गांधी
वाराणसी। देशभर में अपनी भव्यता,
आधुनिक व्यवस्थाओं और श्रद्धालु सुविधाओं
के कारण पहचान बना
चुके श्रीकाशी विश्वनाथ धाम का मॉडल
अब दूसरे राज्यों के लिए भी
प्रेरणा बनता जा रहा
है। महाराष्ट्र के प्रसिद्ध त्र्यंबकेश्वर
मंदिर प्रशासन द्वारा काशी विश्वनाथ धाम
की व्यवस्थाओं का अध्ययन किए
जाने की खबरों के
बीच श्रीकाशी विश्वनाथ मंदिर प्रशासन ने स्पष्ट किया
है कि अभी तक
महाराष्ट्र शासन अथवा त्रयंबकेश्वर
मंदिर प्रशासन की ओर से
कोई आधिकारिक प्रस्ताव प्राप्त नहीं हुआ है।
श्रीकाशी विश्वनाथ मंदिर न्यास के मुख्य कार्यपालक
अधिकारी विश्व भूषण ने कहा
कि कुछ समय पूर्व
नाशिक से आए अधिकारियों
ने काशी विश्वनाथ धाम
की व्यवस्थाओं, श्रद्धालु सुविधाओं, सुरक्षा तंत्र, भीड़ प्रबंधन तथा
कॉरिडोर विकास मॉडल का अध्ययन
किया था। महाराष्ट्र की
मीडिया में इसे लेकर
कई समाचार प्रकाशित हुए हैं, लेकिन
अभी तक कोई औपचारिक
प्रस्ताव नहीं मिला है।
उन्होंने कहा कि यदि महाराष्ट्र
सरकार अथवा त्र्यंबकेश्वर मंदिर
प्रशासन की ओर से
प्रस्ताव प्राप्त होता है, तो
श्री काशी विश्वनाथ मंदिर
न्यास एवं श्री काशी
विश्वनाथ विशिष्ट क्षेत्र विकास प्राधिकरण बोर्ड द्वारा स्वीकृत प्रक्रिया के अनुसार अन्य
संस्थानों को कंसल्टेंसी और
एक्जीक्यूशन सर्विसेज देने पर सहर्ष
विचार करेगा।
दरअसल, प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के ड्रीम प्रोजेक्ट के रूप में विकसित श्रीकाशी विश्वनाथ धाम ने देश-दुनिया में एक नया मानक स्थापित किया है। बाबा विश्वनाथ के दरबार में हर दिन लाखों श्रद्धालुओं की सुगम आवाजाही, हाईटेक सुरक्षा, स्वच्छता, यात्री सुविधाएं और सांस्कृतिक सौंदर्यीकरण को लेकर इसकी चर्चा लगातार होती रही है। यही वजह है कि अब अन्य बड़े तीर्थस्थल भी काशी मॉडल को अपनाने की दिशा में रुचि दिखा रहे हैं। माना जा रहा है कि यदि भविष्य में यह प्रस्ताव औपचारिक रूप लेता है तो काशी विश्वनाथ धाम का प्रबंधन मॉडल देश के अन्य प्रमुख मंदिरों और धार्मिक स्थलों के लिए भी मार्गदर्शक बन सकता है।

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