सुपर एल-नीनो से निपटने को यूपी तैयार, 110 लाख हेक्टेयर में होगी खरीफ की बुवाई
4000 करोड़ की विश्व बैंक
परियोजना
से
बदलेगी
पूर्वांचल
की
कृषि
तस्वीर,
किसानों
को
मुफ्त
बीज
और
कृषि
निवेश
कम बारिश
की
आशंका
के
बीच
कृषि
मंत्री
ने
दिया
भरोसा—किसानों
को
नहीं
होगी
परेशानी
धान से
आगे
बढ़ेगा
किसान,
दलहन-तिलहन
पर
सरकार
का
बड़ा
दांव
सुरेश गांधी
वाराणसी. प्रदेश के कृषि मंत्री
सूर्य प्रताप शाही ने कहा
है कि संभावित सुपर
एल-नीनो और कम
वर्षा की चुनौती के
बावजूद उत्तर प्रदेश सरकार खरीफ सीजन को
सफल बनाने के लिए पूरी
तरह तैयार है। प्रदेश में
इस वर्ष 110 लाख हेक्टेयर क्षेत्रफल
में खरीफ फसलों की
बुवाई का लक्ष्य निर्धारित
किया गया है। किसानों
को पर्याप्त मात्रा में बीज, उर्वरक
और तकनीकी सहायता उपलब्ध कराई जा रही
है। साथ ही दलहन,
तिलहन और श्रीअन्न के
उत्पादन को बढ़ावा देकर
कृषि क्षेत्र को अधिक टिकाऊ
और आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में
कार्य किया जा रहा
है।
सर्किट हाउस में आयोजित
प्रेस वार्ता में कृषि मंत्री
ने बताया कि प्रदेश में
69 लाख हेक्टेयर में धान, 5.58 लाख
हेक्टेयर में मक्का, 3.20 लाख
हेक्टेयर में ज्वार, 9.75 लाख
हेक्टेयर में बाजरा, 11.69 लाख
हेक्टेयर में दलहन, 10.80 लाख
हेक्टेयर में तिलहन, 42 हजार
हेक्टेयर में श्रीअन्न तथा
20 हजार हेक्टेयर में कपास की
खेती का लक्ष्य रखा
गया है। उन्होंने बताया
कि किसानों को खरीफ सीजन
के लिए 1.96 लाख क्विंटल बीज
उपलब्ध कराया जा रहा है।
इसमें धान, दलहन, तिलहन
और श्रीअन्न के बीज शामिल
हैं। इसके अतिरिक्त 28 हजार
क्विंटल ढैंचा बीज हरी खाद
के लिए अनुदान पर
दिया जा रहा है।
प्रदेश के किसानों को
दलहन, तिलहन और श्रीअन्न की
5.62 लाख मिनीकिट निःशुल्क वितरित की जा रही
हैं।
दलहन-तिलहन पर विशेष फोकस
कृषि मंत्री ने
कहा कि सुपर एल-नीनो के संभावित
प्रभाव को देखते हुए
आत्मनिर्भरता मिशन इन पल्सेज
के तहत दलहनी फसलों
को विशेष बढ़ावा दिया जा रहा
है। इसके साथ ही
तिलहनी फसलों और श्रीअन्न के
क्षेत्रफल में वृद्धि पर
भी जोर है। किसानों
को 40 हजार क्विंटल मूंगफली
बीज अनुदान पर उपलब्ध कराया
जा रहा है। उन्होंने बताया
कि बीज वितरण व्यवस्था
को पूरी तरह पारदर्शी
बनाने के लिए इस
बार सभी बीज ऑनलाइन
बुकिंग और ई-लॉटरी
प्रणाली के माध्यम से
वितरित किए जा रहे
हैं। किसानों से विभागीय पोर्टल
पर समय से आवेदन
करने की अपील की
गई है।
प्रदेश में खाद की कोई कमी नहीं
मंत्री ने कहा कि
किसानों को उर्वरकों की
उपलब्धता को लेकर चिंता
करने की आवश्यकता नहीं
है। वर्तमान में प्रदेश में
14.84 लाख मीट्रिक टन यूरिया, 5.11 लाख
मीट्रिक टन डीएपी, 4.81 लाख
मीट्रिक टन एनपीके, 1.03 लाख
मीट्रिक टन एमओपी तथा
4.02 लाख मीट्रिक टन एसएसपी उपलब्ध
है। इस प्रकार प्रदेश
में कुल 29.81 लाख मीट्रिक टन
अनुदानित उर्वरकों का भंडार मौजूद
है। उन्होंने कहा कि सरकार
संतुलित उर्वरक उपयोग के साथ-साथ
प्राकृतिक खेती और मृदा
स्वास्थ्य सुधार पर विशेष बल
दे रही है ताकि
मिट्टी की उर्वरता और
मानव स्वास्थ्य दोनों सुरक्षित रह सकें।
4000 करोड़ की एग्रीज परियोजना बनेगी गेम चेंजर
सूर्य प्रताप शाही ने बताया
कि विश्व बैंक की सहायता
से उत्तर प्रदेश एग्रीज परियोजना शुरू की जा
रही है। लगभग 4000 करोड़
रुपये की लागत वाली
यह परियोजना पांच वर्षों तक
संचालित होगी। योजना के तहत प्रदेश
के आठ मंडलों और
28 जिलों के 123 विकासखंडों तथा 3667 ग्राम पंचायतों में चयनित कृषि
क्लस्टरों का विकास किया
जाएगा। वाराणसी, चंदौली, जौनपुर, गाजीपुर, मऊ, आजमगढ़, बलिया,
गोरखपुर, देवरिया, कुशीनगर, महाराजगंज, बस्ती, सिद्धार्थनगर, संतकबीरनगर, भदोही, मिर्जापुर, सोनभद्र, झांसी, बांदा, चित्रकूट सहित कुल 28 जिले
इसमें शामिल हैं। योजना के
तहत किसानों को निःशुल्क बीज,
माइक्रोन्यूट्रिएंट, फसल सुरक्षा रसायन,
हरी खाद किट और
मृदा परीक्षण की सुविधा उपलब्ध
कराई जाएगी। सीमांत और लघु किसानों
को दो हेक्टेयर तक
कृषि निवेश निःशुल्क दिया जाएगा।
हजारों किसानों को मिलेगा मुफ्त बीज
एग्रीज परियोजना के तहत 34,155 क्विंटल
ढैंचा, 2.57 लाख हरी खाद
किट, 16,047 क्विंटल धान, 2,037 क्विंटल मक्का, 3,770 क्विंटल मूंगफली, 1,259 क्विंटल उड़द, 905 क्विंटल अरहर, 458 क्विंटल तिल, 407 क्विंटल बाजरा और 496 क्विंटल ज्वार बीज निःशुल्क वितरित
किए जा रहे हैं।
मंत्री ने कहा कि
परियोजना का उद्देश्य कृषि
संसाधनों का बेहतर उपयोग,
उत्पादों की गुणवत्ता में
सुधार, डिजिटल कृषि प्लेटफॉर्म की
स्थापना, कृषि बाजार श्रृंखला
को मजबूत करना तथा किसानों
को नई तकनीक और
बेहतर बाजार उपलब्ध कराना है। उन्होंने विश्वास
जताया कि यह परियोजना
पूर्वांचल और बुंदेलखंड के
किसानों की आय बढ़ाने,
फसल विविधीकरण को प्रोत्साहित करने
और कृषि को अधिक
लाभकारी बनाने में मील का
पत्थर साबित होगी।
प्रमुख आंकड़े
खरीफ बुवाई लक्ष्य
: 110 लाख हेक्टेयर
धान : 69 लाख हेक्टेयर
दलहन : 11.69 लाख हेक्टेयर
तिलहन : 10.80 लाख हेक्टेयर
मक्का : 5.58 लाख हेक्टेयर
बाजरा : 9.75 लाख हेक्टेयर
मुफ्त मिनीकिट : 5.62 लाख
मूंगफली बीज (अनुदान पर)
: 40 हजार क्विंटल
उपलब्ध उर्वरक : 29.81 लाख मीट्रिक टन
एग्रीज परियोजना : 4000 करोड़ रुपये
लाभान्वित जिले : 28
विकासखंड : 123
ग्राम पंचायतें : 3667

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