साहस, सूझबूझ और टीमवर्क का मिला सम्मान, जांबाज पुलिसकर्मियों को सीपी ने दिया एक लाख का पुरस्कार
अवलेशपुर के
चर्चित
व्यापारी
जितेंद्र
पटेल
हत्याकांड
का
शीघ्र
खुलासा
करने
वाली
एसओजी,
रोहनिया
थाना
और
वरुणा
जोन
की
संयुक्त
टीम
का
सम्मान,
मुठभेड़
में
दो
बदमाशों
को
दबोचने
वाले
पुलिसकर्मियों
को
मिला
नकद
पुरस्कार,
प्रशस्ति-पत्र
और
स्मृति
चिह्न
सुरेश गांधी
वाराणसी। कमिश्नरेट पुलिस द्वारा रोहनिया क्षेत्र के ग्राम अवलेशपुर
में हुए चर्चित व्यापारी
जितेंद्र पटेल हत्याकांड का
त्वरित और सफल खुलासा
करने वाली संयुक्त पुलिस
टीम को मंगलवार को
सम्मानित किया गया। पुलिस
आयुक्त मोहित अग्रवाल ने उत्कृष्ट विवेचना,
साहसिक कार्रवाई और पेशेवर दक्षता
का परिचय देने वाले पुलिस
अधिकारियों एवं कर्मचारियों को
कुल एक लाख रुपये
का नगद पुरस्कार, प्रशस्ति-पत्र और स्मृति
चिह्न प्रदान कर उनका उत्साहवर्धन
किया।
यह सम्मान उस
संयुक्त टीम को दिया
गया, जिसने घटना के बाद
लगातार तकनीकी और मानवीय सूचनाओं
के आधार पर कार्रवाई
करते हुए पूरे गिरोह
का पर्दाफाश किया। पुलिस ने इस मामले
में शामिल पांच आरोपियों को
गिरफ्तार किया, जिनमें से दो को
साहसिक पुलिस मुठभेड़ के दौरान दबोचा
गया। कम समय में
हुई इस कार्रवाई को
कमिश्नरेट पुलिस की बड़ी उपलब्धि
माना जा रहा है।
सम्मान समारोह में पुलिस आयुक्त
ने कहा कि किसी
भी जघन्य अपराध का शीघ्र अनावरण
केवल आधुनिक तकनीक से नहीं, बल्कि
पुलिसकर्मियों की सतर्कता, समर्पण,
पेशेवर दक्षता और बेहतर टीमवर्क
से संभव होता है।
उन्होंने कहा कि इस
कार्रवाई ने यह साबित
किया है कि कमिश्नरेट
पुलिस अपराधियों के विरुद्ध पूरी
मजबूती के साथ कार्य
कर रही है और
किसी भी गंभीर अपराध
में दोषियों को कानून के
शिकंजे से बचने नहीं
दिया जाएगा।
उन्होंने कहा कि उत्कृष्ट
कार्य करने वाले पुलिसकर्मियों
को सम्मानित करना केवल पुरस्कार
देना नहीं, बल्कि पूरे पुलिस बल
का मनोबल बढ़ाने का माध्यम है।
ऐसे सम्मान से अन्य पुलिसकर्मियों
को भी बेहतर कार्य
करने की प्रेरणा मिलती
है और जनसेवा की
भावना और मजबूत होती
है।
पुलिस आयुक्त ने उपस्थित अधिकारियों
और कर्मचारियों को संबोधित करते
हुए कहा कि कानून-व्यवस्था को मजबूत बनाए
रखने, अपराध नियंत्रण तथा आमजन की
सुरक्षा सुनिश्चित करना पुलिस की
सर्वोच्च प्राथमिकता है। उन्होंने सभी
पुलिसकर्मियों से भविष्य में
भी इसी ईमानदारी, समर्पण,
पारदर्शिता और पेशेवर दक्षता
के साथ कार्य करते
रहने का आह्वान किया।
उन्होंने कहा कि जनता
का विश्वास पुलिस की सबसे बड़ी
पूंजी है। जब किसी
बड़ी घटना का शीघ्र
खुलासा होता है और
अपराधियों को समय रहते
गिरफ्तार किया जाता है,
तब समाज में सुरक्षा
का वातावरण मजबूत होता है और
अपराधियों में कानून का
भय भी बढ़ता है।
कमिश्नरेट पुलिस इसी दिशा में
लगातार प्रभावी कार्रवाई कर रही है।
पुरस्कार वितरण के दौरान एसओजी
प्रभारी उपनिरीक्षक गौरव कुमार सिंह
तथा प्रभारी निरीक्षक रोहनिया राजू सिंह को
उनके उत्कृष्ट नेतृत्व और प्रभावी कार्रवाई
के लिए 25-25 हजार रुपये का
नगद पुरस्कार प्रदान किया गया। वहीं
इस महत्वपूर्ण कार्रवाई में उल्लेखनीय भूमिका
निभाने वाले उपनिरीक्षक आयुष
पाण्डेय, कांस्टेबल मनीष बघेल, कांस्टेबल
अंकित मिश्रा, उपनिरीक्षक भरत चौधरी तथा
वरुणा जोन के उपनिरीक्षक
गौरव कुमार सिंह को 10-10 हजार
रुपये का नगद पुरस्कार
देकर सम्मानित किया गया। सभी
सम्मानित पुलिसकर्मियों को प्रशस्ति-पत्र
एवं स्मृति चिह्न भी प्रदान किए
गए।
सम्मान समारोह के दौरान वरिष्ठ
पुलिस अधिकारियों ने भी संयुक्त
टीम की सराहना करते
हुए कहा कि आधुनिक
पुलिसिंग में त्वरित सूचना
संकलन, वैज्ञानिक विवेचना, तकनीकी विश्लेषण और टीमवर्क की
महत्वपूर्ण भूमिका होती है। रोहनिया
व्यापारी हत्याकांड के खुलासे में
इन सभी पहलुओं का
प्रभावी उपयोग देखने को मिला, जिसके
परिणामस्वरूप पुलिस कम समय में
पूरे गिरोह तक पहुंचने में
सफल रही।
कमिश्नरेट पुलिस का मानना है
कि उत्कृष्ट कार्य करने वाले अधिकारियों
एवं कर्मचारियों का सार्वजनिक सम्मान
पुलिस बल के भीतर
सकारात्मक प्रतिस्पर्धा और कार्य संस्कृति
को बढ़ावा देता है। इससे
पुलिसकर्मियों में नई ऊर्जा
का संचार होता है और
वे अपराध नियंत्रण, जनसुरक्षा तथा कानून-व्यवस्था
को और अधिक प्रभावी
बनाने के लिए प्रेरित
होते हैं। इस सम्मान
समारोह ने यह संदेश
भी दिया कि वाराणसी
कमिश्नरेट अपराध और अपराधियों के
प्रति "जीरो टॉलरेंस" की
नीति पर काम कर
रहा है। अपराध चाहे
कितना भी गंभीर क्यों
न हो, पुलिस पूरी
तत्परता, तकनीकी दक्षता और कानूनी मजबूती
के साथ कार्रवाई करते
हुए दोषियों को न्यायालय तक
पहुंचाने के लिए प्रतिबद्ध
है। उत्कृष्ट कार्य करने वाले पुलिसकर्मियों
को सम्मानित करने की यह
परंपरा भविष्य में भी जारी
रहेगी, जिससे पूरे पुलिस बल
का मनोबल और जनविश्वास दोनों
लगातार मजबूत होंगे।

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