जेई के निलंबन पर भड़का जूनियर इंजीनियर संगठन, मुख्य अभियंता से की तत्काल बहाली की मांग
गलत कार्रवाई
का
आरोप,
एसओपी
की
अनदेखी
का
दावा;
15 दिन
में
व्यवस्था
सुधारने
की
चेतावनी,
अन्यथा
लोकतांत्रिक
आंदोलन
का
ऐलान
सुरेश गांधी
वाराणसी। बिजली विभाग में एक जूनियर
इंजीनियर (जेई) के निलंबन
को लेकर राज्य विद्युत
परिषद जूनियर इंजीनियर संगठन और प्रबंधन आमने-सामने आ गए हैं।
मंगलवार को संगठन के
पदाधिकारियों ने मुख्य अभियंता
से मुलाकात कर अधिशासी अभियंता
की रिपोर्ट के आधार पर
किए गए अवर अभियंता
नितेश कुमार के निलंबन को
अन्यायपूर्ण बताते हुए तत्काल निरस्त
करने की मांग की।
संगठन का आरोप है
कि संबंधित दुर्घटना जिस विद्युत लाइन
पर हुई, उस पर
कार्य करने वाले लाइन
स्टाफ के खिलाफ कोई
कार्रवाई नहीं की गई,
जबकि केवल जूनियर इंजीनियर
को निशाना बनाकर निलंबित कर दिया गया।
पदाधिकारियों ने मुख्य अभियंता
से पूछा कि आखिर
किस एसओपी के तहत यह
कार्रवाई की गई।
मुख्य अभियंता ने संगठन को
बताया कि कार्रवाई चेयरमैन
के निर्देशों एवं निर्धारित एसओपी
के अनुरूप की गई है।
हालांकि संगठन ने दावा किया
कि निगम के एसओपी
के प्रावधानों की अनदेखी करते
हुए केवल जूनियर इंजीनियर
संवर्ग को लक्ष्य बनाया
गया है, जिससे कर्मचारियों
में भारी नाराजगी है।
बैठक में संगठन
ने स्पष्ट कहा कि वह
संसाधनों की कमी, सुरक्षित
कार्य संस्कृति और बेहतर उपभोक्ता
सेवा के लिए लगातार
प्रयासरत रहा है, लेकिन
अन्यायपूर्ण कार्रवाई स्वीकार नहीं की जाएगी।
संगठन जल्द कार्यकारिणी की
बैठक बुलाकर लोकतांत्रिक तरीके से अपना विरोध
दर्ज कराएगा।
संगठन ने बिजली व्यवस्था
से जुड़े कई अन्य मुद्दे
भी मुख्य अभियंता के समक्ष उठाए।
पदाधिकारियों का कहना था
कि उपभोक्ताओं की संख्या के
अनुपात में संविदा कर्मियों
की कमी, बार-बार
ट्रांसफार्मरों का जलना तथा
कार्यदायी संस्थाओं द्वारा अपर्याप्त प्रशिक्षण प्राप्त कर्मियों की तैनाती के
कारण विद्युत दुर्घटनाएं लगातार बढ़ रही हैं।
संगठन ने मांग की
कि इन कमियों को
15 दिनों के भीतर दूर
किया जाए।
बैठक के दौरान
शीर्ष प्रबंधन से निलंबन आदेश
तत्काल वापस लेने का
अनुरोध भी किया गया।
संगठन ने चेतावनी दी
कि यदि आदेश निरस्त
नहीं किया गया तो
कर्मचारियों में असंतोष बढ़
सकता है और लोकतांत्रिक
तरीके से आंदोलन शुरू
किया जाएगा। ऐसी स्थिति में
उत्पन्न होने वाली किसी
भी औद्योगिक अशांति के लिए प्रबंधन
जिम्मेदार होगा।
प्रमुख मांगें
जेई नितेश कुमार
का निलंबन तत्काल वापस लिया जाए।
कार्रवाई में एसओपी का
समान रूप से पालन
किया जाए।
संविदा कर्मियों की संख्या बढ़ाई
जाए।
प्रशिक्षित कर्मचारियों की तैनाती सुनिश्चित
हो।
ट्रांसफार्मर और संसाधनों की
कमी 15 दिन में दूर
की जाए।
सुरक्षित कार्य संस्कृति और दुर्घटना रोकने के लिए ठोस व्यवस्था लागू की जाए।

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