रेल क्रांति की नई इबारत... पटरियों पर दौड़ रहा ‘नया भारत’
वंदे भारत
से
अमृत
भारत
तक,
रिकॉर्ड
रेल
लाइन
बिछाने
से
लेकर
लगभग
पूर्ण
विद्युतीकरण
तक...
अश्विनी वैष्णव
के
कार्यकाल
में
भारतीय
रेल
ने
रफ्तार,
सुरक्षा
और
तकनीक—तीनों
मोर्चों
पर
बनाई
नई
पहचान
अब लक्ष्य
बुलेट
ट्रेन,
800 वंदे
भारत
और
विश्वस्तरीय
नेटवर्क
सुरेश गांधी
वाराणसी.
भारतीय रेल आज केवल
यात्रियों को एक स्थान
से दूसरे स्थान तक पहुंचाने का
माध्यम नहीं रह गई
है, बल्कि देश की आर्थिक
धड़कन और विकास की
सबसे बड़ी जीवनरेखा बन
चुकी है। पिछले कुछ
वर्षों में रेलवे जिस
गति से बदली है,
उसने दुनिया का ध्यान अपनी
ओर खींचा है। यही वजह
है कि आज भारत
दुनिया के सबसे तेजी
से आधुनिक होते रेल नेटवर्क
वाले देशों में गिना जा
रहा है। रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव के कार्यकाल में
रेलवे ने केवल नई
ट्रेनों की संख्या ही
नहीं बढ़ाई, बल्कि सुरक्षा, तकनीक, यात्री सुविधाओं और बुनियादी ढांचे
में भी बड़े बदलाव
दर्ज किए हैं। रेलवे
अब उस सोच से
आगे बढ़ चुका है,
जहां केवल नई ट्रेनें
चलाना उपलब्धि मानी जाती थी।
अब फोकस है—तेज,
सुरक्षित, आधुनिक और पर्यावरण-अनुकूल
रेल व्यवस्था।
नई ट्रेनों की सबसे तेज रफ्तार
2021 में रेल मंत्रालय
संभालने के बाद अश्विनी
वैष्णव के नेतृत्व में
रेलवे ने वंदे भारत,
अमृत भारत, नमो भारत और
आधुनिक मेमू सेवाओं का
विस्तार किया। 2025 के अंत तक
164 वंदे भारत ट्रेनें संचालित
हो चुकी थीं और
2026 में वंदे भारत स्लीपर
सेवा भी शुरू हो
गई। सरकार का लक्ष्य 2030 तक
800 वंदे भारत और 2047 तक
4,500 नई पीढ़ी की ट्रेनें तैयार
करने का है।
इसके साथ ही अमृत
भारत एक्सप्रेस, नई एक्सप्रेस ट्रेनों
और क्षेत्रीय रेल सेवाओं का
भी लगातार विस्तार किया जा रहा
है।
सिर्फ ट्रेनें नहीं, पूरी रेलवे बदल रही है
रेलवे की सबसे बड़ी
उपलब्धियों में रिकॉर्ड स्तर
पर नई रेल लाइनें
बिछाना, डबलिंग, तीसरी-चौथी लाइन, इलेक्ट्रिफिकेशन
और स्टेशन पुनर्विकास शामिल हैं। पिछले एक
दशक में देश में
35 हजार किमी से अधिक
नई रेल लाइनें जोड़ी
गई हैं तथा लगभग
पूरे ब्रॉडगेज नेटवर्क का विद्युतीकरण पूरा
होने की ओर है।
इससे डीजल पर निर्भरता
घटी है और संचालन
अधिक तेज व किफायती
हुआ है।
सुरक्षा में ऐतिहासिक बदलाव
रेलवे अब दुर्घटनाओं को
कम करने के लिए
कवच जैसी स्वदेशी ट्रेन
सुरक्षा प्रणाली का तेजी से
विस्तार कर रहा है।
आधुनिक सिग्नलिंग, स्वचालित सुरक्षा तंत्र, एलएचबी कोच और नई
तकनीकों ने रेलवे की
सुरक्षा को नई ऊंचाई
दी है। वंदे भारत
ट्रेनों में अत्याधुनिक सुरक्षा
और यात्री सुविधाएं मानक बन चुकी
हैं।
स्टेशन भी बन रहे एयरपोर्ट जैसे
देशभर में 1,300 से अधिक रेलवे
स्टेशनों के पुनर्विकास पर
काम चल रहा है।
इनमें से सैकड़ों स्टेशनों
पर कार्य पूरा हो चुका
है या अंतिम चरण
में है। आधुनिक प्रतीक्षालय,
फूड कोर्ट, डिजिटल सूचना प्रणाली, एस्केलेटर, लिफ्ट और मल्टीमॉडल कनेक्टिविटी
पर विशेष जोर है।
माल ढुलाई में भी बड़ी छलांग
रेलवे अब केवल यात्री
सेवा तक सीमित नहीं
है। डेडिकेटेड फ्रेट कॉरिडोर, आधुनिक मालगाड़ियां, लॉजिस्टिक पार्क और कंटेनर परिवहन
से उद्योगों को नई ताकत
मिली है। इससे सड़क
परिवहन का दबाव घट
रहा है और निर्यात
क्षमता भी मजबूत हो
रही है।
आगे का रोडमैप
रेल मंत्रालय की
अगली प्राथमिकताओं में शामिल हैं—
2030 तक 800 वंदे भारत ट्रेनें।
260 वंदे भारत स्लीपर रेक
का निर्माण। बुलेट ट्रेन परियोजना को चरणबद्ध तरीके
से आगे बढ़ाना। हर
प्रमुख शहर को आधुनिक
सेमी हाईस्पीड रेल नेटवर्क से
जोड़ना। रेलवे में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस,
डिजिटल टिकटिंग और स्मार्ट मेंटेनेंस
का विस्तार।
क्या चीन से आगे निकल रहा है भारत?
भारतीय रेल का नेटवर्क
अभी भी लंबाई के
मामले में दुनिया के
सबसे बड़े नेटवर्कों में
शामिल है और आधुनिकीकरण की गति उल्लेखनीय
है। हालांकि चीन आज भी
हाई-स्पीड रेल नेटवर्क की
लंबाई में दुनिया में
पहले स्थान पर है। भारत
की उपलब्धि यह है कि
उसने स्वदेशी तकनीक, बड़े पैमाने पर
विद्युतीकरण, स्टेशन पुनर्विकास और नई पीढ़ी
की ट्रेनों के विस्तार में
हाल के वर्षों में
अभूतपूर्व गति दिखाई है।
भारतीय रेल दुनिया के
सबसे तेज़ी से आधुनिक हो
रहे रेल नेटवर्कों में
शामिल हो चुकी है।
रेलवे की बड़ी उपलब्धियां
164 वंदे भारत ट्रेनें
2025 के अंत तक संचालन
में।
वंदे भारत स्लीपर
सेवा शुरू, 260 रेक निर्माण की
योजना।
35,000 किमी से अधिक
नई रेल लाइनें एक
दशक में।
लगभग 100% ब्रॉडगेज विद्युतीकरण की दिशा में
भारत।
1,300+ स्टेशन अमृत भारत स्टेशन
योजना के तहत विकसित
हो रहे हैं।
2030 तक 800 वंदे भारत ट्रेनों
का लक्ष्य।
दुनिया की सबसे आधुनिक, सुरक्षित और भरोसेमंद रेल व्यवस्था बने
"रेलवे में
जो
बदलाव
आज
दिख
रहा
है,
वह
आने
वाले
विकसित
भारत
की
मजबूत
नींव
है।
भारतीय
रेल
केवल
परिवहन
का
साधन
नहीं,
विकसित
भारत
की
विकास-रेखा
है।
हमारा
संकल्प
है
कि
भारतीय
रेल
दुनिया
की
सबसे
आधुनिक,
सुरक्षित
और
भरोसेमंद
रेल
व्यवस्था
बने।
हमारा लक्ष्य है—हर यात्री
को
सुरक्षित,
तेज
और
विश्वस्तरीय
यात्रा
का
अनुभव
देना।
वंदे
भारत,
अमृत
भारत,
कवच
और
स्टेशन
आधुनिकीकरण
इसी
परिवर्तन
के
प्रतीक
हैं।"
— अश्विनी
वैष्णव,
रेल
मंत्री

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