चीनी की चढ़ती कीमत से मिठास पर संकट, छोटे कारोबारियों का कारोबार बंद
10-15 दिनों में
अप्रत्याशित
उछाल
से
बिस्किट,
कन्फेक्शनरी
और
मिठाई
कारोबारियों
में
रोष
— त्योहारों
से
पहले
कीमतें
बढ़ने
की
आशंका,
जमाखोरी
पर
रोक
की
मांग
सुरेश गांधी
वाराणसी। चीनी के दाम
में पिछले 10-15 दिनों में हुई अप्रत्याशित
बढ़ोतरी ने बिस्किट, कन्फेक्शनरी,
मिठाई और छोटे खाद्य
कारोबारियों की चिंता बढ़ा
दी है। काशी बिस्किट
एंड कन्फेक्शनरी व्यापार मंडल की गुरुवार
को अध्यक्ष अजीत सिंह बग्गा
के सिगरा स्थित आवास पर हुई
आपात बैठक में व्यापारियों
ने चीनी की बढ़ती
कीमतों पर गहरा रोष
जताया। व्यापारियों का कहना था
कि लागत लगातार बढ़ने
से छोटे और कुटीर
उद्योगों के सामने कारोबार
चलाना मुश्किल हो गया है
और कई इकाइयां पिछले
एक सप्ताह से बंद हैं।
अध्यक्ष अजीत सिंह बग्गा
ने कहा कि चीनी
केवल कारोबार की कच्ची सामग्री
नहीं, बल्कि आम आदमी की
रसोई की आवश्यक वस्तु
है। कीमतों में अचानक हुई
वृद्धि का असर व्यापारी
से लेकर उपभोक्ता तक
पड़ रहा है। उन्होंने
कहा कि बेकरी, मिठाई,
टॉफी और कन्फेक्शनरी जैसे
छोटे उद्योग पहले से ही
मुश्किल दौर से गुजर
रहे थे। अब चीनी
की कीमत ने उनकी
लागत का गणित पूरी
तरह बिगाड़ दिया है।
त्योहारी बाजार पर पड़ेगा सीधा असर
प्रदेश उपाध्यक्ष रमेश निरंकारी ने
कहा कि रक्षाबंधन और
दुर्गापूजा जैसे त्योहारों के
कारण आने वाले दिनों
में मिठाइयों की मांग तेजी
से बढ़ेगी। ऐसे समय चीनी
के दाम में उछाल
से मिठाई की लागत बढ़ना
तय है। दूध, खोवा,
घी, मैदा और ड्राई
फ्रूट्स जैसी महंगी सामग्री
के साथ चीनी की
बढ़ी कीमत जुड़ने पर
मिठाइयों के दाम बढ़ने
की आशंका है। इसका सीधा
असर आम लोगों की
जेब पर पड़ेगा। युवा
वाराणसी व्यापार मंडल के अध्यक्ष
संजय गुप्ता ने कहा कि
छोटे कारोबारी लागत और बिक्री
मूल्य के बीच संतुलन
नहीं बना पा रहे
हैं। लागत बढ़ने के
बावजूद पूरा भार ग्राहक
पर डालना संभव नहीं है।
कीमत बढ़ाने पर बिक्री घटने
का डर है और
पुरानी कीमत पर बिक्री
करने से मुनाफा लगातार
सिमट रहा है।
बड़े भंडारण पर भी हो निगरानी
भाजपा कल्याण बोर्ड के प्रदेश कार्यकारिणी
सदस्य राजकुमार शर्मा ने कहा कि
सरकार को बड़े थोक
कारोबारियों और उद्योगपतियों के
गोदामों में रखे चीनी
के स्टॉक की भी निगरानी
करनी चाहिए। उन्होंने कहा कि जिस
तरह छोटे व्यापारियों के
लिए स्टॉक सीमा निर्धारित होती
है, उसी तरह बड़े
भंडारकों के लिए भी
प्रभावी स्टॉक सीमा तय हो,
ताकि जमाखोरी और कालाबाजारी पर
अंकुश लगे। युवा वाराणसी
व्यापार मंडल के उपाध्यक्ष
दीप्तिमान देव गुप्ता ने
कहा कि चीनी के
बढ़ते दाम से आम
आदमी का घरेलू बजट
प्रभावित हो रहा है।
गरीब और मध्यम वर्ग
के परिवारों के लिए चाय
से लेकर मीठी चीजों
तक की लागत बढ़
गई है। सरकार को
इस मामले में तत्काल हस्तक्षेप
करना चाहिए।
सस्ती चीनी उपलब्ध कराने की मांग
युवा काशी बिस्किट एंड कन्फेक्शनरी व्यापार मंडल के महामंत्री मनीष गुप्ता ने जमाखोरों के खिलाफ सख्त कार्रवाई, चीनी के दाम तत्काल कम कराने और राशन की दुकानों के माध्यम से सस्ती चीनी उपलब्ध कराने की मांग की। व्यापारियों ने कहा कि यदि कीमतों पर जल्द नियंत्रण नहीं हुआ तो त्योहारों के बाजार में मिठाई और अन्य खाद्य उत्पादों की कीमतों पर इसका व्यापक असर दिखाई देगा। बैठक में रमेश निरंकारी, सुशील लखमणि, संजय गुप्ता, दीप्तिमान देव गुप्ता, मनीष गुप्ता, धर्मेंद्र सिंह, शरद गुप्ता, अंबे सिंह, जितेंद्र गुप्ता, नीरज गुप्ता, जय निहलानी, विकास गुप्ता, जीतन चौधरी, प्रिंस गुप्ता, रोशन जायसवाल सहित बड़ी संख्या में व्यापारी मौजूद रहे।

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