सुपारी लेकर श्रेया का कत्ल, मुठभेड़ में शूटर घायल
22 लाख का था कांट्रैक्ट,
पुलिस
पर
फायरिंग
के
बाद
जवाबी
कार्रवाई;
पैर
में
गोली
लगने
के
बाद
गिरफ्तार,
तमंचा-बाइक
और
मोबाइल
बरामद
हत्याकांड का
राज
खुलते
ही
मऊ
तक
पहुंची
पुलिस
की
कड़ी—जक्खिनी
में
घेराबंदी
के
दौरान
भागा
आरोपी,
बाइक
गिरी
तो
तमंचे
से
झोंक
दी
फायर
मुख्य किरदार
विवेक
अब
भी
पुलिस
की
पकड़
से
बाहर
सुरेश गांधी
वाराणसी। श्रेया उपाध्याय हत्याकांड की परतें खुलने
लगी हैं। हत्या के
मामले में वांछित पुनीत
मिश्रा (26) सोमवार को राजातालाब पुलिस
और एसओजी के साथ मुठभेड़
में दबोच लिया गया।
पुलिस के मुताबिक, गिरफ्तारी
से बचने के लिए
आरोपी ने पुलिस टीम
पर सीधे फायर झोंक
दिया। जवाबी कार्रवाई में उसके दाहिने
पैर में गोली लगी।
घायल आरोपी को तत्काल जक्खिनी
सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र भेजा गया।
पुलिस के अनुसार, पुनीत
के पास से .315 बोर
का तमंचा, खोखा और जिंदा
कारतूस बरामद हुए। जिस हीरो
स्प्लेण्डर बाइक से वह
फरार हो रहा था,
उसे भी पुलिस ने
कब्जे में ले लिया।
घटना में इस्तेमाल बताया
गया आईफोन भी बरामद हुआ
है। पुलिस आयुक्त मोहित अग्रवाल ने हत्या
के खुलासे और आरोपियों की
गिरफ्तारी के लिए चार
टीमें गठित की थीं।
सर्विलांस इनपुट के आधार पर
वांछित आरोपी की लोकेशन और
गतिविधियों पर नजर रखी
गई, जिसके बाद जक्खिनी क्षेत्र
में घेराबंदी कर मुठभेड़ के
दौरान पुनीत मिश्रा को गिरफ्तार किया
गया।
18 अगस्त को गायब हुई, दो दिन बाद मिली लाश
18 अगस्त को 22 वर्षीय श्रेया उपाध्याय घर से जगतपुर
महाविद्यालय जाने के लिए
निकली थीं, लेकिन वापस
नहीं लौटीं। परिजनों की शिकायत पर
राजातालाब थाने में गुमशुदगी
दर्ज हुई। दो दिन
बाद 20 अगस्त को रोहनिया क्षेत्र
के बच्छाव पश्चिमपुरा में पानी की
टंकी के पास एक
मकान से श्रेया का
शव मिला। शव मिलते ही
इलाके में सनसनी फैल
गई। परिजनों की तहरीर पर
पुलिस ने विवेक चौबे
उर्फ निखिल के खिलाफ हत्या
का मुकदमा दर्ज कर जांच
शुरू की। हत्यारे तक
पहुंचने के लिए राजातालाब
पुलिस और एसओजी की
चार टीमें लगाई गईं।
जक्खिनी में घेरा, भागा तो बाइक फिसली
सोमवार को पुलिस को
सूचना मिली कि हत्या
का वांछित आरोपी काले रंग की
स्प्लेण्डर से खैरा मिर्जापुर
की ओर से जक्खिनी
आ रहा है। जमुनीपुर
तिराहे पर पुलिस ने
नाकाबंदी कर दी। पुलिस
को देखते ही बाइक सवार
ने रफ्तार बढ़ाकर भागने की कोशिश की।
टीम ने पीछा किया
तो रमईपुर भट्ठा के पास खराब
रास्ते में बाइक अनियंत्रित
होकर गिर गई। पुलिस
के मुताबिक, टीम ने आरोपी
को दबोचने की कोशिश की
तो उसने तमंचा निकालकर
पुलिस पर गोली चला
दी। पुलिस ने आत्मरक्षा में
जवाबी फायरिंग की। गोली आरोपी
के दाहिने पैर में लगी
और वह मौके पर
ही गिर पड़ा। इसके
बाद पुलिस ने उसे दबोच
लिया।
22 लाख मिलते, इसलिए कर दी हत्या
पूछताछ में पुनीत ने
पुलिस को बताया कि
उसने विवेक चौबे उर्फ निखिल
के साथ मिलकर 18 अगस्त
को श्रेया की हत्या की
थी। पुलिस के अनुसार आरोपी
ने यह भी बताया
कि हत्या के बदले विवेक
ने उसे 22 लाख रुपये देने
का लालच दिया था।
पुलिस अब आरोपी के
इस दावे की स्वतंत्र
रूप से जांच कर
रही है। हत्या की
साजिश, रकम के लेन-देन और इसमें
शामिल अन्य लोगों की
भूमिका को लेकर पूछताछ
और साक्ष्य संकलन जारी है।
बाइक भी विवेक ने दी थी
पुनीत ने पुलिस को
बताया कि घटना के
लिए इस्तेमाल की गई स्प्लेण्डर
मोटरसाइकिल उसे विवेक ने
ही आने-जाने के
लिए दी थी। पुलिस
ने बाइक और मोबाइल
को कब्जे में लेकर जांच
शुरू कर दी है।
मुख्य किरदार विवेक अब भी पुलिस की पकड़ से बाहर
पुलिस के मुताबिक, हत्याकांड
का मुख्य आरोपी बताए जा रहे
विवेक चौबे उर्फ निखिल
की तलाश तेज कर
दी गई है। संभावित
ठिकानों पर दबिश दी
जा रही है। पुलिस
अब यह पता लगाने
में जुटी है कि
श्रेया की हत्या की
साजिश कब और कहां
रची गई, हत्या की
वजह क्या थी और
22 लाख रुपये के पीछे असली
कहानी क्या है। पुलिस
ने पुनीत के खिलाफ मुठभेड़
के मामले में धारा 109(1) बीएनएस
और आयुध अधिनियम की
संबंधित धाराओं में मुकदमा दर्ज
किया है। श्रेया हत्याकांड
में वह धारा 103(1) बीएनएस
के तहत वांछित था।
पुलिस टीम : ऑपरेशन श्रेया में जुटे ये चेहरे
दयाराम, प्रभारी निरीक्षक, थाना राजातालाब. आनन्द कुमार पाण्डेय, चौकी प्रभारी जक्खिनी. अजब सिंह, रोहित दूबे, उपनिरीक्षक. राजेश मौर्या, चौकी प्रभारी कस्बा राजातालाब. साकेत पटेल, चौकी प्रभारी मातलदेई गिरजाशंकर, हेड कांस्टेबल. राजू सोनकर, मन्तोष कुमार शाह, कांस्टेबल. सुनील कुमार सिंह, हेड कांस्टेबल चालक एसओजी टीम. गौरव कुमार सिंह, प्रभारी एसओजी. आयुष पाण्डेय, उपनिरीक्षक. प्रमोद सिंह, हेड कांस्टेबल. आलोक मौर्या, मयंक त्रिपाठी, इन्द्रेश सिंह, सचिन मिश्रा, मनीष बघेल, अंकित मिश्रा, प्रेमशंकर पटेल, मनीष तिवारी, अभिषेक वर्मा व सुमित शाही, पुलिसकर्मी. सर्विलांस सेल : दिनेश कुमार यादव, प्रभारी सर्विलांस सेल. सन्तोष कुमार पासवान, हेड कांस्टेबल. मनीष कुमार, कांस्टेबल.

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