आंगनबाड़ी से
निकलेगा
विकसित
भारत
का
रास्ता
काशी से पोषण का शंखनाद, ‘बच्चा स्वस्थ तो राष्ट्र समर्थ’ : योगी
नौवें राष्ट्रीय
पोषण
माह
का
आगाज,
14 लाख
आंगनबाड़ी
केंद्र
जुड़े;
70 हजार
केंद्रों
का
बदला
कलेवर,
मानदेय
तीन
हजार
से
बढ़कर
12 हजार
और
पांच
लाख
का
स्वास्थ्य
बीमा
काशी से
उठी
यह
आवाज
अब
14 लाख
आंगनबाड़ी
केंद्रों
तक
पहुंचेगी—‘मेरी
आंगनबाड़ी,
मेरी
जिम्मेदारी’
सुरेश गांधी
वाराणसी। बाबा विश्वनाथ की
नगरी से बुधवार को
स्वस्थ बचपन और समर्थ
भारत का संकल्प देशभर
में गूंजा। मां अन्नपूर्णा की
धरती पर नौवें राष्ट्रीय
पोषण माह का शुभारंभ
करते हुए मुख्यमंत्री योगी
आदित्यनाथ ने कहा कि
युवा का भविष्य उसके
बचपन से तय होता
है और स्वस्थ बच्चे
से ही स्वस्थ विद्यार्थी,
कुशल युवा और समर्थ
राष्ट्र की नींव पड़ती
है। सिगरा स्थित रुद्राक्ष कन्वेंशन सेंटर में आयोजित समारोह
में काशी से शुरू
हुआ 30 दिवसीय अभियान नौ सितंबर से
आठ अक्टूबर तक चलेगा। देशभर
के करीब 14 लाख आंगनबाड़ी केंद्र
वर्चुअल माध्यम से समारोह से
जुड़े। मुख्यमंत्री ने आंगनबाड़ी केंद्रों
को सरकारी योजनाओं के वितरण स्थल
से आगे बढ़ाकर पोषण,
प्रारंभिक शिक्षा, संस्कार और बाल विकास
की पहली पाठशाला बनाने
का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि विकसित
भारत का सपना केवल
बड़ी परियोजनाओं से नहीं, बल्कि
स्वस्थ और सक्षम बचपन
से पूरा होगा।
‘मेरी आंगनबाड़ी, मेरी जिम्मेदारी’—अब केंद्र ही नहीं, समाज भी भागीदार
2017 से बदली आंगनबाड़ी की तस्वीर
पोषण की थाली में अब विविधता, सिर्फ पेट भरना मकसद नहीं
तीन हजार से 12 हजार हुआ मानदेय
हर पैकेट पर क्यूआर कोड, रियल टाइम निगरानी
खेल में गिनती, खेल में अक्षर
योगी ने अपने
आंगनबाड़ी केंद्रों के निरीक्षण के
अनुभव भी साझा किए।
उन्होंने कानपुर के एक केंद्र
का उदाहरण देते हुए बताया
कि वहां बच्चों को
खेल-खेल में गिनती
और दूसरी बुनियादी बातें सिखाई जा रही थीं।
उन्होंने एक छोटी बच्ची
का उदाहरण देते हुए कहा
कि करीब तीन वर्ष
की बच्ची से उन्होंने गिनती
पूछी तो उसने सहजता
से जवाब दिया। मुख्यमंत्री
ने कहा कि यह
बदलाव बताता है कि आंगनबाड़ी
केंद्र पोषण के साथ
प्रारंभिक शिक्षा का भी मजबूत
आधार बन रहे हैं।
उनका कहना था कि
बच्चे को केवल भोजन
नहीं, बल्कि ऐसा वातावरण मिलना
चाहिए जहां वह खेले,
सीखे, सोचे और अपनी
जिज्ञासा को आकार दे।
बच्चे के जीवन के पहले हजार दिन सबसे अहम
मुख्यमंत्री ने गर्भावस्था से
लेकर बच्चे के शुरुआती वर्षों
को बेहद महत्वपूर्ण बताते
हुए कहा कि मां
स्वस्थ होगी तो बच्चा
स्वस्थ होगा। बच्चे के जीवन के
पहले हजार दिन उसके
शारीरिक और मानसिक विकास
के लिए निर्णायक होते
हैं। उन्होंने प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना
के माध्यम से गर्भवती और
धात्री माताओं को उपलब्ध कराए
जा रहे सहयोग का
उल्लेख किया। उनके मुताबिक आंगनबाड़ी
केंद्र को मां और
बच्चे की देखभाल की
ऐसी कड़ी बनाना होगा,
जहां परिवार को पोषण, स्वास्थ्य
और बाल विकास की
सही जानकारी मिल सके।
पांच करोड़ माताओं तक पहुंचा आर्थिक सहयोग
योगी ने बताया
कि आंगनबाड़ी व्यवस्था और मातृ वंदना
योजना के माध्यम से
पांच करोड़ से अधिक माताओं
को 2100 करोड़ रुपये से ज्यादा की
धनराशि उपलब्ध कराई गई है।
प्रदेश में एक लाख
90 हजार आंगनबाड़ी केंद्र स्वीकृत हैं। उन्होंने कहा
कि पोषण पर किया
गया निवेश कभी व्यर्थ नहीं
जाता, क्योंकि स्वस्थ बचपन पर खर्च
वास्तव में राष्ट्र के
भविष्य पर निवेश है।
सक्षम आंगनबाड़ी से कुशल युवा तक
मुख्यमंत्री ने आंगनबाड़ी से
बेसिक और माध्यमिक शिक्षा
तक किए जा रहे
बदलावों को भी पोषण
अभियान से जोड़ा। उन्होंने
कहा कि स्वस्थ बच्चा
ही आगे चलकर स्वस्थ
विद्यार्थी बनेगा और वही कुशल
युवा के रूप में
देश की आर्थिक एवं
सामाजिक ताकत बनेगा। उन्होंने
बताया कि बाल वाटिकाओं
में बच्चों को दो ड्रेस
देने की व्यवस्था की
गई है। बेसिक शिक्षा
परिषद के करीब एक
करोड़ 60 लाख बच्चों को
ड्रेस, स्वेटर, बैग, जूते-मोजे
जैसी सुविधाएं उपलब्ध कराई जा रही
हैं। इससे विद्यालयों में
भेदभाव कम हुआ है
और ड्रॉपआउट की स्थिति में
सुधार आया है। प्रोजेक्ट
अलंकार के तहत माध्यमिक
विद्यालयों के भवनों को
बेहतर बनाने तथा करीब 40 वर्ष
पुराने 2100 विद्यालयों के भवनों के
लिए भी संसाधन उपलब्ध
कराने का उल्लेख उन्होंने
किया।
आंगनबाड़ी बहनें हैं फ्रंटलाइन सोल्जर’—अन्नपूर्णा देवी
केंद्रीय महिला एवं बाल विकास
मंत्री अन्नपूर्णा देवी ने कहा
कि बाबा विश्वनाथ की
धरती से शुरू हो
रहा पोषण अभियान केवल
सरकारी कार्यक्रम नहीं, बल्कि हर घर और
पूरे समाज से जुड़ा
जनभागीदारी का अभियान है।
उन्होंने कहा कि मजबूत
इमारत के लिए जिस
तरह मजबूत नींव चाहिए, उसी
तरह विकसित भारत के लिए
बच्चों को मजबूत बनाना
होगा। देशभर के 14 लाख आंगनबाड़ी केंद्र
स्वस्थ भारत की नींव
मजबूत करने में महत्वपूर्ण
भूमिका निभा रहे हैं
और करीब दो लाख
केंद्रों को सक्षम आंगनबाड़ी
केंद्र के रूप में
विकसित किया जा रहा
है। अन्नपूर्णा देवी ने आंगनबाड़ी
कार्यकर्ताओं को अभियान की
सबसे मजबूत कड़ी बताते हुए
कहा कि सरकार नीति
बना सकती है, लेकिन
उसे घर-घर तक
पहुंचाने का काम आंगनबाड़ी
दीदियों के बिना संभव
नहीं है। उन्होंने कहा
कि पोषण को केवल
प्रोटीन तक सीमित नहीं
रखा जा सकता। स्वस्थ
वसा, विटामिन और अन्य जरूरी
पोषक तत्वों से भरपूर संतुलित
भोजन बच्चे के समग्र विकास
के लिए आवश्यक है।
मां स्वस्थ तो आने वाली पीढ़ी सशक्त
केंद्रीय मंत्री ने कहा कि
स्वस्थ परिवार की पहली शर्त
मां का स्वस्थ होना
है। होम विजिट के
माध्यम से गर्भवती महिलाओं
और परिवारों को पोषण एवं
स्वच्छता के प्रति जागरूक
करने की पहल को
उन्होंने महत्वपूर्ण बताया। उन्होंने उत्तर प्रदेश में मुख्यमंत्री योगी
आदित्यनाथ के नेतृत्व में
पोषण और महिला कल्याण
के क्षेत्र में किए जा
रहे कार्यों की सराहना की।
मां अन्नपूर्णा की धरती से पूरे देश को पोषण संदेश
केंद्रीय राज्य मंत्री सावित्री ठाकुर ने कहा कि
काशी की धरती से
पोषण माह का शुभारंभ
अपने आप में विशेष
है। मां अन्नपूर्णा की
कृपा वाली इस धरती
से पूरे देश को
पोषण का संदेश मिलना
अभियान को नई ऊर्जा
देगा। उन्होंने आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं की भूमिका की
सराहना करते हुए बताया
कि मातृत्व अवकाश को 12 सप्ताह से बढ़ाकर 26 सप्ताह
किया गया है, ताकि
मां और बच्चे के
स्वास्थ्य एवं विकास को
बेहतर आधार मिल सके।
बच्चों की थाली ही देश के भविष्य की थाली
प्रदेश की महिला एवं
बाल विकास मंत्री बेबी रानी मौर्य
ने कहा कि पोषण
अभियान को जनभागीदारी से
ही सफल बनाया जा
सकता है। आंगनबाड़ी केंद्र
केवल पोषण वितरण की
जगह न रहकर बच्चों
के समग्र विकास का केंद्र बनें,
यही अभियान का उद्देश्य है।
उन्होंने कहा कि पोषण
का अर्थ केवल भोजन
उपलब्ध करा देना नहीं,
बल्कि भोजन की गुणवत्ता
और उसमें जरूरी पौष्टिक तत्वों की मौजूदगी सुनिश्चित
करना है। तकनीक के
माध्यम से अभियान को
आंगनबाड़ी की चारदीवारी से
बाहर निकालकर घर-घर तक
पहुंचाना होगा। उन्होंने ऐसे बच्चों को
सामान्य श्रेणी में लाने में
आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं के प्रयासों की
सराहना की, जो कभी
कुपोषण की श्रेणी में
थे।
काशी से देशभर की आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं से सीधा संवाद
समारोह में मुख्यमंत्री योगी
आदित्यनाथ ने ओडिशा से
आई आंगनबाड़ी सहायिका से सीधा संवाद
किया। उन्होंने भगवान जगन्नाथ की धरती से
बाबा विश्वनाथ की धरती पर
उनका स्वागत करते हुए कुपोषित
बच्चों के शारीरिक और
मानसिक विकास में आंगनबाड़ी केंद्र
की भूमिका पर सवाल किए।
गोरखपुर के बसियापुर की
आंगनबाड़ी कार्यकर्ता से भी मुख्यमंत्री
ने संवाद किया। उन्होंने बच्चों में कुपोषण की
स्थिति, टेक होम राशन
और केंद्र पर उपलब्ध गतिविधियों
की जानकारी ली। गुजरात के
गांधीनगर से आई सहायिका
से हॉट कुक्ड मील
और केंद्र के मेन्यू पर
भी जानकारी ली गई। देश के अलग-अलग हिस्सों से
आईं आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं ने स्थानीय खाद्य
सामग्री से तैयार पौष्टिक
व्यंजनों और बच्चों के
बीच उनके प्रभाव के
अनुभव साझा किए। संदेश
यही रहा कि पोषण
की सबसे बड़ी प्रयोगशाला
घर की रसोई और
सबसे पहली पाठशाला आंगनबाड़ी
है।
बटन दबाकर अभियान का शुभारंभ
मुख्यमंत्री
योगी आदित्यनाथ ने बटन दबाकर
नौवें राष्ट्रीय पोषण माह के
30 दिवसीय अभियान का विधिवत शुभारंभ
किया। इससे पहले महिला
एवं बाल विकास विभाग
के सचिव अनिल मलिक
ने मुख्यमंत्री को अंगवस्त्र एवं
स्मृति चिह्न देकर स्वागत किया।
उन्होंने कहा कि पिछले
आठ पोषण अभियानों के
दौरान करोड़ों गतिविधियों के माध्यम से
इस अभियान को जनआंदोलन बनाने
का प्रयास हुआ और इसमें
आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं एवं सहायिकाओं की
भूमिका सबसे महत्वपूर्ण रही।
काशी से निकला संदेश—हर घर बने पोषण की पाठशाला
मुख्यमंत्री ने काशी की
आध्यात्मिक और सांस्कृतिक विरासत
का उल्लेख करते हुए कहा
कि यह प्रधानमंत्री नरेंद्र
मोदी की कर्मभूमि है,
जिसने विकास के साथ अपनी
विरासत को भी नई
पहचान दी है। उन्होंने
कहा कि काशी आज
नए कलेवर के साथ दुनिया
को अपनी ओर आकर्षित
कर रही है और
इसी धरती से पोषण
का संदेश जाना अपने आप
में विशेष है। समारोह का
मूल स्वर एक ही
था—विकसित भारत की इमारत
की ऊंचाई उसके बचपन की
मजबूती से तय होगी।
आंगनबाड़ी की चौखट पर
मिलने वाला पौष्टिक भोजन,
खेल में सीखी गई
पहली गिनती, मां को मिली
स्वास्थ्य की जानकारी और
परिवार की बदली हुई
सोच—यही वे छोटी-छोटी ईंटें हैं,
जिनसे भविष्य का भारत आकार
लेगा।
ये रहे मौजूद
समारोह में श्रम एवं सेवायोजन मंत्री अनिल राजभर, स्टाम्प एवं पंजीयन शुल्क राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) रविन्द्र जायसवाल, आयुष राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) डॉ. दयाशंकर मिश्र ‘दयालु’, एमएसएमई राज्य मंत्री हंसराज विश्वकर्मा, बाल पुष्टाहार राज्य मंत्री प्रतिभा शुक्ला, जिला पंचायत अध्यक्ष पूनम मौर्य, महापौर अशोक तिवारी, सदस्य विधान परिषद राय धर्मेंद्र सिंह, पूर्व मंत्री एवं विधायक डॉ. नीलकंठ तिवारी, विधायक सौरभ श्रीवास्तव, विधायक त्रिभुवन राम, विधायक डॉ. सुनील पटेल, अपर मुख्य सचिव वीना जौहरी, मंडलायुक्त एस. राजलिंगम, जिलाधिकारी सत्येंद्र कुमार, मुख्य विकास अधिकारी प्रखर कुमार समेत विभिन्न विभागों के अधिकारी एवं जनप्रतिनिधि मौजूद रहे।






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