बूथ से सोशल मीडिया तक महिला मोर्चा की घेराबंदी
मेधा कुलकर्णी
ने
काशी
क्षेत्र
में
संगठन
को
बूथ
स्तर
तक
मजबूत
करने
का
दिया
मंत्र,
महिला
मतदाताओं
से
निरंतर
संवाद
पर
जोर
विधानसभा स्तर
पर
पांच
हजार
से
अधिक
फॉलोअर्स
वाली
50 सक्रिय
महिलाओं
को
चिह्नित
करने
की
तैयारी,
डॉक्टरों-वकीलों
से
लेकर
स्वयं
सहायता
समूहों
तक
पहुंच
बढ़ाने
की
रणनीति
सुरेश गांधी
वाराणसी आगामी विधानसभा चुनाव की तैयारियों के
बीच भाजपा महिला मोर्चा ने काशी क्षेत्र
में बूथ स्तर पर
संगठन विस्तार की रणनीति बनाई
है। हर बूथ पर
पांच महिला कार्यकर्ताओं की टीम गठित
करने, महिला मतदाताओं से घर-घर
संपर्क बढ़ाने और सोशल मीडिया
पर सक्रिय महिलाओं को जोड़ने पर
जोर दिया गया। मंगलवार
को बाबतपुर स्थित बनारस किला में हुई
क्षेत्रीय बैठक में महिला
सुरक्षा, सरकारी योजनाओं के प्रचार और
विभिन्न वर्गों की महिलाओं के
बीच संगठन की पहुंच बढ़ाने
की रूपरेखा तय की गई।
बैठक की मुख्य
अतिथि भाजपा महिला मोर्चा की राष्ट्रीय उपाध्यक्ष,
राज्यसभा सांसद एवं उत्तर प्रदेश
की सह प्रभारी डॉ.
मेधा कुलकर्णी ने कार्यकर्ताओं से
बूथ स्तर पर सक्रियता
बढ़ाने और महिलाओं के
साथ निरंतर संवाद बनाए रखने का
आह्वान किया। उन्होंने कहा कि संगठन
की पहुंच घर-घर तक
होनी चाहिए। सरकार की योजनाओं की
जानकारी महिलाओं तक पहुंचाने के
साथ लाभार्थियों की समस्याएं सुनना
और उनके समाधान के
प्रयास करना भी कार्यकर्ताओं
की जिम्मेदारी है।
हर विधानसभा में सोशल मीडिया की 50 सक्रिय महिलाओं पर नजर
बैठक में प्रत्येक
विधानसभा क्षेत्र में सोशल मीडिया
पर पांच हजार से
अधिक फॉलोअर्स वाली 50 सक्रिय महिलाओं को चिह्नित करने
की रणनीति भी सामने आई।
इसके साथ प्रत्येक मंडल
में बूथ समन्वय बैठकें
करने और संगठनात्मक गतिविधियों
की नियमित समीक्षा पर जोर दिया
गया। महिला मोर्चा का नेटवर्क मजबूत
करने के लिए घर-घर संपर्क, महिला
समूहों के साथ संवाद
और योजनाओं की जानकारी पहुंचाने
को प्राथमिकता देने की बात
कही गई।
सुरक्षा, सम्मान और सरकारी योजनाओं पर जोर
डॉ. कुलकर्णी ने
महिला सुरक्षा के मुद्दे पर
सपा और भाजपा सरकारों
के कार्यकाल की तुलना करते
हुए योगी सरकार की
जीरो टॉलरेंस नीति का उल्लेख
किया। उन्होंने कार्यकर्ताओं से महिला सुरक्षा,
शिक्षा, सम्मान और आर्थिक-सामाजिक
सशक्तीकरण से जुड़ी योजनाओं
की जानकारी जन-जन तक
पहुंचाने को कहा। लाभार्थी
महिलाओं से संवाद बढ़ाकर
योजनाओं का लाभ लेने
में आ रही कठिनाइयों
को समझने पर भी जोर
दिया।
डॉक्टरों, वकीलों और शिक्षिकाओं को जोड़ने की तैयारी
महिला मोर्चा का दायरा समाज
के विभिन्न वर्गों तक बढ़ाने के
लिए डॉक्टरों, वकीलों, शिक्षिकाओं, उद्यमियों, आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं, बैंक सखियों और
स्वयं सहायता समूहों की महिलाओं से
संपर्क करने की रणनीति
बनाई गई। प्रदेश अध्यक्ष
सरोज कुशवाहा ने अनुभवी पदाधिकारियों
के मार्गदर्शन और नई कार्यकर्ताओं
की सक्रियता को संगठन की
मजबूती के लिए महत्वपूर्ण
बताया। उन्होंने कहा कि संगठन
की गतिविधियों का असर बूथ
और समाज के बीच
दिखाई देना चाहिए। बैठक
में राष्ट्रीय कार्यकारिणी सदस्य ऊषा बाजपेयी, प्रदेश
उपाध्यक्ष कृतिका अग्रवाल, प्रदेश महामंत्री अनीता सिंह, प्रदेश कोषाध्यक्ष रानिका जायसवाल, क्षेत्र अध्यक्ष सुनीता सिंह, जिला पंचायत अध्यक्ष
पूनम मौर्या, क्षेत्रीय महामंत्री अनूप जायसवाल, रीता
जायसवाल और नम्रता चौरसिया
सहित अन्य पदाधिकारी मौजूद
रहे।


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