Friday, 23 October 2026

मतदान में शिक्षक आगे, स्नातक पीछे; कई जगह सियासी तकरार

मतदान में शिक्षक आगे, स्नातक पीछे; कई जगह सियासी तकरार 

सदर तहसील में सपा प्रत्याशी आशुतोष सिन्हा और भाजपा कार्यकर्ताओं के बीच झड़प, पुलिस को करना पड़ा हस्तक्षेप

स्नातक सीट पर 35.04 और शिक्षक सीट पर 66.72 फीसदी मतदान; सुबह से शाम तक दोनों दलों के बीच आरोप-प्रत्यारोप, मतदान केंद्रों पर गहमागहमी

सुरेश गांधी

वाराणसी. विधान परिषद की वाराणसी खंड स्नातक एवं शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र के चुनाव में शुक्रवार को मतदाताओं ने अपने प्रतिनिधि चुनने के लिए वोट डाले। मतदान के दौरान जहां शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र में मतदाताओं का उत्साह अधिक दिखाई दिया, वहीं स्नातक सीट पर मतदान की रफ्तार अपेक्षाकृत धीमी रही। दूसरी ओर, मतदान केंद्रों पर राजनीतिक दलों की सक्रियता और आरोप-प्रत्यारोप ने चुनावी माहौल को गरमा दिया। वाराणसी की सदर तहसील में सपा के स्नातक प्रत्याशी आशुतोष सिन्हा और भाजपा कार्यकर्ताओं के बीच झड़प की घटना सामने आई। विवाद बढ़ने पर पुलिस को हस्तक्षेप करना पड़ा। घटना के दौरान कुछ देर के लिए तनाव की स्थिति बनी, हालांकि मतदान जारी रहा।

शाम चार बजे मतदान समाप्त होने तक वाराणसी जिले में स्नातक निर्वाचन क्षेत्र के लिए 23,457 मतदाताओं ने वोट डाले। वहीं, शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र में 5,263 मतदाताओं ने अपने मताधिकार का प्रयोग किया। उपलब्ध मतदाता संख्या के आधार पर स्नातक सीट पर मतदान लगभग 35.04 प्रतिशत और शिक्षक सीट पर 66.72 प्रतिशत रहा। इस तरह शिक्षक सीट पर मतदान का प्रतिशत स्नातक की तुलना में लगभग दोगुना रहा।

सदर तहसील में आमने-सामने आए सपा-भाजपा कार्यकर्ता

मतदान के दौरान सदर तहसील परिसर में उस समय गहमागहमी बढ़ गई, जब सपा प्रत्याशी आशुतोष सिन्हा की मौजूदगी को लेकर भाजपा कार्यकर्ताओं ने आपत्ति जताई। भाजपा कार्यकर्ताओं ने आरोप लगाया कि सपा प्रत्याशी मतदान को प्रभावित करने का प्रयास कर रहे हैं। इसी को लेकर कहासुनी शुरू हुई, जो आगे चलकर झड़प में बदल गई। मौके पर मौजूद पुलिसकर्मियों ने हस्तक्षेप कर स्थिति को संभालने का प्रयास किया। घटना ने मतदान के दौरान दोनों प्रमुख राजनीतिक दलों के बीच चल रही खींचतान को उजागर कर दिया। भाजपा कार्यकर्ताओं के आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है। इस मामले में संबंधित पक्षों के आधिकारिक बयान और प्रशासन की विस्तृत प्रतिक्रिया सामने आने के बाद ही पूरे घटनाक्रम की स्थिति स्पष्ट हो सकेगी। चुनाव के दौरान दोनों दलों के कार्यकर्ता अपने-अपने प्रत्याशियों के समर्थन में सक्रिय रहे। मतदान की निगरानी, मतदाताओं की आवाजाही और केंद्रों के आसपास राजनीतिक गतिविधियों को लेकर कई स्थानों पर तनातनी की सूचनाएं सामने आईं। हालांकि, अन्य स्थानों पर झड़प की घटनाओं का विस्तृत और स्वतंत्र सत्यापन आवश्यक है।

सुबह से ही शिक्षक सीट पर ज्यादा उत्साह

मतदान की शुरुआत सुबह आठ बजे हुई। शुरुआती दो घंटों में ही शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र में स्नातक की तुलना में अधिक मतदान दर्ज किया गया। सुबह दस बजे तक स्नातक सीट पर 3,889 वोट पड़े, जबकि शिक्षक सीट पर 826 मतदाताओं ने अपने मताधिकार का प्रयोग किया। उपलब्ध आंकड़ों के अनुसार, यह क्रम आगे भी बना रहा। दोपहर बारह बजे तक स्नातक सीट पर 8,913 वोट पड़े थे। शिक्षक सीट पर मतदान करने वालों की संख्या 2,243 तक पहुंच गई। दोपहर दो बजे तक स्नातक सीट पर 16,152 और शिक्षक सीट पर 4,014 मतदाता वोट डाल चुके थे। अंतिम दो घंटों में भी दोनों सीटों पर मतदान जारी रहा। शाम चार बजे मतदान समाप्त होने तक स्नातक सीट पर 23,457 और शिक्षक सीट पर 5,263 वोट पड़े। शिक्षक सीट पर मतदान का प्रतिशत 66.72 तक पहुंच गया, जबकि स्नातक सीट पर यह लगभग 35.04 प्रतिशत रहा।

आंकड़ों में मतदान की तस्वीर

सुबह 10 बजे : स्नातक : 3,889 वोट, लगभग 5.8 प्रतिशत।

शिक्षक : 826 वोट, 10.47 प्रतिशत।

दोपहर 12 बजे : स्नातक : 8,913 वोट, 13.31 प्रतिशत।

शिक्षक : 2,243 वोट, 28.44 प्रतिशत।

दोपहर दो बजे : स्नातक : 16,152 वोट, 24.12 प्रतिशत।

शिक्षक : 4,014 वोट, 50.89 प्रतिशत।

शाम चार बजे : स्नातक : 23,457 वोट, लगभग 35.04 प्रतिशत।

शिक्षक : 5,263 वोट, 66.72 प्रतिशत।

दोनों सीटों पर प्रतिष्ठा की लड़ाई

वाराणसी खंड स्नातक एवं शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र में इस बार भाजपा और सपा के बीच मुकाबले को लेकर राजनीतिक सरगर्मी तेज रही। स्नातक सीट पर सपा के आशुतोष सिन्हा और भाजपा के केदारनाथ सिंह मैदान में हैं। शिक्षक सीट पर भाजपा के डॉ. प्रमोद मिश्रा और सपा के लाल बिहारी यादव के बीच मुकाबला है। दोनों सीटों पर सपा का कब्जा रहा है। ऐसे में भाजपा के सामने अपनी राजनीतिक पकड़ मजबूत करने और दोनों सीटें जीतने की चुनौती है, जबकि सपा अपने मौजूदा प्रतिनिधित्व को बचाए रखने के लिए मैदान में है। यही वजह रही कि मतदान के दौरान दोनों दलों की गतिविधियों पर सबकी निगाहें टिकी रहीं। मतदान केंद्रों पर हुई कहासुनी और आरोप-प्रत्यारोप ने मुकाबले की तल्खी को और बढ़ा दिया। हालांकि, मतदान के दौरान लगे आरोपों और वास्तविक अनियमितताओं के बीच अंतर स्पष्ट करने के लिए प्रशासनिक जांच और आधिकारिक तथ्यों का सामने आना जरूरी है।

आठ जिलों में फैला है निर्वाचन क्षेत्र

वाराणसी खंड स्नातक एवं शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र में वाराणसी के अलावा चंदौली, गाजीपुर, जौनपुर, मिर्जापुर, सोनभद्र, भदोही और बलिया जिले शामिल हैं। पूरे निर्वाचन क्षेत्र में मतदान के लिए 453 बूथ बनाए गए थे, जबकि अकेले वाराणसी जिले में 102 मतदान केंद्र निर्धारित थे। वाराणसी जिले में स्नातक मतदाताओं की संख्या 66,952 और शिक्षक मतदाताओं की संख्या 7,888 थी।  मतदान समाप्त होने के बाद मतपेटियों को निर्धारित स्ट्रॉन्ग रूम में सुरक्षित रखा गया। मतगणना 27 अक्टूबर को सुबह आठ बजे से वाराणसी की पहड़िया मंडी में प्रस्तावित है। अब दोनों सीटों के प्रत्याशियों की निगाहें मतगणना पर टिकी हैं। चुनावी मुकाबले का अंतिम फैसला मतों की गिनती के बाद सामने आएगा।

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