Friday, 23 October 2026

गंगा के आंगन में गूंजेगा भारत का शौर्य, काशी में मोदी-राजनाथ

गंगा के आंगन में गूंजेगा भारत का शौर्य, काशी में मोदी-राजनाथ 

राफेल की गर्जना से तेजस की उड़ान तक... नमो घाट पर आसमान में सजेगा सामर्थ्य का तिरंगा

अरविंद मिल में महिला कर्मियों से संवाद करेंगे प्रधानमंत्री, 25 अक्टूबर को वायुसेना के महाप्रदर्शन के साक्षी बनेंगे मोदी-राजनाथ

सुरेश गांधी

वाराणसी. गंगा की लहरें, घाटों की भव्यता और आसमान में भारतीय वायुसेना के लड़ाकू विमानों की गर्जना...। काशी के आंगन में 25 अक्टूबर को ऐसा दृश्य आकार लेने जा रहा है, जहां अध्यात्म की नगरी में भारत की सामरिक शक्ति का परचम लहराएगा। गंगा के ऊपर राफेल की गर्जना, तेजस की रफ्तार और सूर्यकिरण की कलाबाजियां देश की सैन्य क्षमता का ऐसा विहंगम दृश्य प्रस्तुत करेंगी, जिसे देखने के लिए काशी ही नहीं, आसपास के जिलों से भी बड़ी संख्या में लोगों के पहुंचने की संभावना है। ‘विंग्स ओवर गंगा’ के इस महाआयोजन में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह की मौजूदगी इसे राष्ट्रीय महत्व का कार्यक्रम बनाएगी।

प्रधानमंत्री 25 अक्टूबर को काशी पहुंचेंगे। प्रस्तावित कार्यक्रम के अनुसार, वह सेवापुरी क्षेत्र के खोचवां स्थित अरविंद मिल में महिला कर्मियों से संवाद करेंगे। इसके बाद पुलिस लाइन होते हुए नमो घाट पहुंचकर वायुसेना के हवाई प्रदर्शन के साक्षी बनेंगे। दूसरी ओर, रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह के 24 अक्टूबर की शाम वाराणसी पहुंचने का कार्यक्रम है। वह मंदिरों में दर्शन-पूजन के बाद 39 जीटीसी में रात्रि विश्राम करेंगे और अगले दिन प्रधानमंत्री के साथ एयर शो देखेंगे। हालांकि, दोनों नेताओं के कार्यक्रमों की अंतिम समय-सारिणी प्रशासन की आधिकारिक पुष्टि के अधीन रहेगी।

आसमान में दिखेगा स्वदेशी सामर्थ्य का दम

भारतीय वायुसेना के 94वें स्थापना वर्ष के उपलक्ष्य में आयोजित ‘विंग्स ओवर गंगा’ में आधुनिक लड़ाकू विमानों, परिवहन विमानों और हेलीकॉप्टरों की क्षमता का प्रदर्शन होगा। राफेल, सुखोई-30 एमकेआई, तेजस, मिग-29 और मिराज-2000 जैसे विमानों की गर्जना गंगा के ऊपर गूंजेगी। सूर्यकिरण एरोबेटिक टीम की सधी हुई कलाबाजियां आसमान में रंगों और रोमांच की इबारत लिखेंगी। परिवहन विमानों और हेलीकॉप्टरों की भागीदारी इस प्रदर्शन को और व्यापक बनाएगी। यह आयोजन केवल हवाई करतबों का प्रदर्शन नहीं, बल्कि आधुनिक भारत की रक्षा तैयारियों, तकनीकी दक्षता और वायुसेना के अनुशासन को करीब से देखने का अवसर भी है। गंगा के विस्तृत प्रवाह और काशी के ऐतिहासिक घाटों की पृष्ठभूमि में उड़ान भरते विमान भारतीय सैन्य सामर्थ्य और सांस्कृतिक विरासत का अनूठा मेल प्रस्तुत करेंगे।

अरविंद मिल में महिला शक्ति से संवाद

प्रधानमंत्री के कार्यक्रम में सेवापुरी के खोचवां स्थित अरविंद मिल का दौरा भी महत्वपूर्ण है। यहां प्रशिक्षित महिला कर्मियों से संवाद के जरिए रोजगार, आत्मनिर्भरता और महिला सशक्तीकरण की पहल को सामने लाने की तैयारी है। उपलब्ध जानकारी के अनुसार, इकाई में करीब 300 महिलाओं को प्रशिक्षण देकर रोजगार से जोड़ने की पहल की गई है। काशी के इस दौरे में एक ओर आसमान में देश की सैन्य शक्ति का प्रदर्शन होगा, तो दूसरी ओर जमीन पर महिला श्रम, हुनर और आत्मनिर्भरता की तस्वीर भी सामने आएगी। यही इस यात्रा का व्यापक सामाजिक संदर्भ है।

स्वागत में डमरू, शंखनाद और पुष्पवर्षा

प्रधानमंत्री के स्वागत के लिए भाजपा ने शहर और जिले में विभिन्न स्थानों पर तैयारियां की हैं। प्रस्तावित कार्यक्रम के तहत 13 स्थानों पर स्वागत की व्यवस्था की गई है। ढोल-नगाड़े, डमरू दल, शंखनाद और सांस्कृतिक प्रस्तुतियों के साथ पुष्पवर्षा की तैयारी है। पुलिस लाइन से नमो घाट तक स्वागत के दौरान काशी की सांस्कृतिक पहचान को प्रदर्शित करने की योजना है। हालांकि, वीआईपी आवागमन और एयर शो को देखते हुए सुरक्षा तथा यातायात व्यवस्था सर्वोपरि रहेगी। प्रशासन की कोशिश है कि स्वागत कार्यक्रमों के साथ आम नागरिकों की आवाजाही भी व्यवस्थित बनी रहे।

सुरक्षा के घेरे में नमो घाट

प्रधानमंत्री और रक्षा मंत्री की मौजूदगी को देखते हुए सुरक्षा के बहुस्तरीय इंतजाम किए गए हैं। उपलब्ध प्रशासनिक जानकारी के अनुसार, करीब 11,900 पुलिसकर्मियों की तैनाती की योजना है। पुलिस, पीएसी, आरएएफ, एटीएस, एनडीआरएफ, एसडीआरएफ और जल पुलिस के जवान सुरक्षा तथा आपात परिस्थितियों से निपटने की जिम्मेदारी संभालेंगे। नमो घाट और आसपास के क्षेत्रों में भीड़ प्रबंधन, निगरानी और बचाव के इंतजाम किए जा रहे हैं। गंगा में जल पुलिस की तैनाती के साथ चिकित्सा सहायता और आपात सेवाओं को सक्रिय रखने की तैयारी है। आयोजन के दौरान यातायात में बदलाव भी लागू रहेंगे। नाव संचालन और घाटों तक पहुंच के संबंध में जारी निर्देशों का पालन करना जरूरी होगा। प्रशासन ने संभावित बड़ी भीड़ को ध्यान में रखते हुए व्यवस्थाएं की हैं। लोगों से निर्धारित मार्गों का उपयोग करने, पुलिस के निर्देशों का पालन करने और असुरक्षित भवनों की छतों पर भीड़ नहीं लगाने की अपील की गई है।

गंगा के तट से देश को संदेश

काशी की पहचान सदियों से ज्ञान, संस्कृति और आध्यात्मिक चेतना की रही है। अब इसी सांस्कृतिक धरातल पर भारतीय वायुसेना का यह प्रदर्शन देश की आधुनिक सैन्य क्षमता को सामने लाने जा रहा है। एक ओर गंगा की अविरल धारा होगी, दूसरी ओर आसमान में सधे हुए विमानों की उड़ान। नीचे घाटों पर उमड़ता जनउत्साह और ऊपर राष्ट्रध्वज के रंगों में सजा आकाश—यह दृश्य काशी की स्मृतियों में लंबे समय तक दर्ज रह सकता है। ‘विंग्स ओवर गंगा’ का संदेश स्पष्ट है—भारत की शक्ति केवल उसकी सैन्य तकनीक में नहीं, बल्कि उस आत्मविश्वास में भी है, जो अपनी सांस्कृतिक विरासत और आधुनिक क्षमताओं को एक साथ लेकर आगे बढ़ता है। 25 अक्टूबर को काशी इसी संगम की साक्षी बनने जा रही है।

No comments:

Post a Comment

पांच ध्रुव, एक धड़कन… आसमान में सारंग का शौर्य! पंखों में भारत का स्वाभिमान!

पांच ध्रुव , एक धड़कन … आसमान में सारंग का शौर्य ! पंखों में भारत का स्वाभिमान !  गंगा के ऊपर कलाबाजियों से दुनिया ने देख...