Thursday, 15 October 2026

गौवंशों की सेवा से मंदिर की स्वच्छता तक, व्यवस्थाओं को परखने पहुंचे सत्यम मिश्र

गौवंशों की सेवा से मंदिर की स्वच्छता तक, व्यवस्थाओं को परखने पहुंचे सत्यम मिश्र 

संकट हरण हनुमान मंदिर की गौशाला में चारा-पानी, साफ-सफाई और नियमित चिकित्सकीय देखभाल पर जोर

मुख्य कार्यपालक अधिकारी ने किया बेनीपुर-सारनाथ स्थित मंदिर का निरीक्षण, अधिकारियों-कर्मचारियों को दिए आवश्यक निर्देश

सुरेश गांधी

वाराणसी। धार्मिक स्थलों की गरिमा केवल उनकी आस्था और परंपराओं में ही नहीं, बल्कि वहां की व्यवस्थाओं, स्वच्छता और सेवा भाव में भी प्रतिबिंबित होती है। विशेषकर गौवंशों का संरक्षण और उनकी समुचित देखभाल ऐसी जिम्मेदारी है, जिसमें संवेदनशीलता के साथ निरंतर निगरानी भी आवश्यक है। इसी दृष्टिकोण से श्री काशी विश्वनाथ मंदिर न्यास के मुख्य कार्यपालक अधिकारी सत्यम मिश्र ने गुरुवार को बेनीपुर-सारनाथ स्थित श्री संकट हरण हनुमान मंदिर का निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने मंदिर परिसर में संचालित गौशाला की व्यवस्थाओं से लेकर मंदिर की साफ-सफाई और दैनिक संचालन तक का जायजा लिया। साथ ही संबंधित अधिकारियों एवं कर्मचारियों को व्यवस्थाएं बेहतर बनाए रखने के निर्देश दिए।

गौवंशों की सेवा में लापरवाही बर्दाश्त नहीं

निरीक्षण के दौरान मुख्य कार्यपालक अधिकारी का विशेष ध्यान मंदिर परिसर में संचालित गौशाला पर रहा। उन्होंने वहां संरक्षित गौवंशों के लिए उपलब्ध मूलभूत सुविधाओं, उनके रख-रखाव और देखभाल की व्यवस्थाओं की समीक्षा की। गौवंशों को स्वच्छ पेयजल और पर्याप्त चारा उपलब्ध कराने के साथ उनके आश्रय स्थल की साफ-सफाई तथा नियमित चिकित्सकीय देखभाल सुनिश्चित करने पर जोर दिया। उन्होंने संबंधित अधिकारियों एवं कर्मचारियों को निर्देशित किया कि गौवंशों के संरक्षण और सेवा में किसी भी प्रकार की लापरवाही न बरती जाए। उनके भोजन, पानी और स्वास्थ्य संबंधी आवश्यकताओं का नियमित ध्यान रखा जाए। गौशाला की व्यवस्थाएं केवल कागजों तक सीमित न रहें, बल्कि धरातल पर भी उनका प्रभाव दिखाई दे। इसके लिए नियमित निगरानी और समयबद्ध सुधार आवश्यक हैं।

स्वच्छ परिसर, सुगम दर्शन पर जोर

गौशाला के साथ मुख्य कार्यपालक अधिकारी ने मंदिर परिसर की स्वच्छता, रख-रखाव और अन्य व्यवस्थाओं का भी निरीक्षण किया। उन्होंने परिसर में साफ-सफाई बनाए रखने, उपलब्ध संसाधनों का समुचित उपयोग करने और मंदिर की दैनिक व्यवस्थाओं को सुव्यवस्थित ढंग से संचालित करने के निर्देश दिए। धार्मिक स्थलों पर श्रद्धालुओं को स्वच्छ और व्यवस्थित वातावरण उपलब्ध कराना भी प्रबंधन की महत्वपूर्ण जिम्मेदारी है। इसे ध्यान में रखते हुए मंदिर परिसर की नियमित सफाई तथा आवश्यक व्यवस्थाओं को प्रभावी बनाए रखने पर बल दिया गया। अधिकारियों एवं कर्मचारियों से कहा गया कि मंदिर की गरिमा के अनुरूप व्यवस्थाएं बनी रहें और श्रद्धालुओं को दर्शन-पूजन के दौरान अनावश्यक असुविधा का सामना न करना पड़े।

नियमित निगरानी से सुधरेंगी व्यवस्थाएं

निरीक्षण के दौरान मुख्य कार्यपालक अधिकारी ने मंदिर और गौशाला से संबंधित व्यवस्थाओं की नियमित निगरानी करने पर विशेष जोर दिया। उन्होंने निर्देश दिया कि गौवंशों के भोजन-पानी, स्वास्थ्य और आश्रय स्थल की स्वच्छता से जुड़े सभी पहलुओं पर निरंतर ध्यान दिया जाए। जहां कहीं भी सुधार की आवश्यकता महसूस हो, वहां प्राथमिकता के आधार पर आवश्यक कदम उठाए जाएं। व्यवस्थाओं की गुणवत्ता केवल एक दिन के निरीक्षण से नहीं, बल्कि निरंतर अनुश्रवण और जिम्मेदारी के निर्वहन से सुनिश्चित होती है। इसी क्रम में संबंधित अधिकारियों एवं कर्मचारियों को अपनी जिम्मेदारियों के प्रति सजग रहने तथा मंदिर परिसर के रख-रखाव में अपेक्षित सुधार बनाए रखने के निर्देश दिए गए।

धार्मिक गरिमा के साथ संरक्षण की जिम्मेदारी

श्री संकट हरण हनुमान मंदिर, बेनीपुर-सारनाथ का संचालन श्री काशी विश्वनाथ मंदिर न्यास के स्वामित्वाधीन धार्मिक स्थलों की व्यवस्थाओं के अंतर्गत होता है। न्यास की ओर से ऐसे स्थलों पर स्वच्छता, रख-रखाव और गौवंशों के संरक्षण से जुड़ी व्यवस्थाओं को बेहतर बनाए रखने के प्रयास किए जा रहे हैं। मुख्य कार्यपालक अधिकारी का यह निरीक्षण इन्हीं व्यवस्थाओं की समीक्षा और उनके प्रभावी संचालन की दृष्टि से महत्वपूर्ण रहा। निरीक्षण के दौरान डिप्टी कलेक्टर शम्भू शरण तथा श्री काशी विश्वनाथ मंदिर न्यास के उप जिलाधिकारी भी उपस्थित रहे।

No comments:

Post a Comment

सड़क खोदने में तेजी, मरम्मत में मनमानी!

सड़क खोदने में तेजी , मरम्मत में मनमानी !  कहीं सीवर पिट बंद , कहीं उखड़े चौके ; विरोध पर ठेकेदार की दोटूक — शिकायत करिए , ...