जब गंगा को नमन कर राहत बनकर उतरे वायुसेना के जांबाज!
क्रूज के ऊपर हेलीकॉप्टर का सधा संचालन, चंद फीट की दूरी पर जवानों की तैनाती ने बांधा समांक्रूज के
ऊपर
चंद
फीट
की
दूरी
पर
हेलीकॉप्टर
का
हैरतअंगेज
करतब,
जवानों
को
उतारकर
बचाव
अभियान
का
जीवंत
प्रदर्शन;
सारंग
की
उड़ान
ने
काशी
को
किया
गौरवान्वित
स्क्वाड्रन लीडर
अंकिता
सिंह
से
खास
बातचीत
: बोलीं—
काशी
में
प्रदर्शन
का
अवसर
मिलना
हमारे
लिए
गर्व
की
बात,
हम
सभी
बेहद
उत्साहित,
टीमवर्क,
समर्पण
और
पेशेवर
दक्षता
भारतीय
वायुसेना
की
असली
ताकत
| दुनिया
भर
में
भारतीय
वायुसेना
के
कौशल
की
पहचान
सुरेश गांधी
वाराणसी. गंगा की लहरों
पर सूरज की चमक,
सामने काशी के ऐतिहासिक
घाट और ऊपर आसमान
में एक साथ उड़ान
भरते पांच हेलीकॉप्टर। कभी
एक-दूसरे के करीब आते
हुए, कभी हवा में
अद्भुत आकृतियां बनाते हुए और कभी
पलक झपकते ही अपनी दिशा
बदलते हुए। बुधवार का
यह दृश्य सिर्फ रोमांच ही नहीं पैदा
किया, बल्कि हर काशीवासी के मन में
गर्व का भाव भी
जगा गया। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के संसदीय
क्षेत्र वाराणसी में पहली बार
भारतीय वायुसेना के इतने भव्य
हवाई प्रदर्शन की प्रस्तुतियां काशीवासी
के दिल-ओ-दिमाग
पर साल-ओ-साल
राज करेगी। ‘विंग्स ओवर गंगा’ के
नाम से आयोजित इस
आयोजन में देश की
सैन्य विमानन क्षमता, आधुनिक तकनीक और वायुसेना के
जांबाजों के अद्भुत कौशल
की झलक देखने को मिल रही है. इस हवाई प्रदर्शन
का प्रमुख आकर्षण है भारतीय वायुसेना
की सारंग हेलीकॉप्टर डिस्प्ले टीम।
पांच स्वदेशी एएलएच
ध्रुव हेलीकॉप्टरों के साथ आसमान
में सधे हुए फॉर्मेशन
बनाने वाली यह टीम
अंतरराष्ट्रीय मंचों पर भी अपनी
विशिष्ट पहचान बना चुकी है।
दुनिया की एकमात्र पांच
हेलीकॉप्टरों वाली हवाई प्रदर्शन
टीम के रूप में
विख्यात सारंग जब काशी के
आसमान में अपने करतब
दिखाएं तो दर्शको की आंखे खुली की खुली की खुली रह गयी, गंगा के ऊपर
उड़ते हेलीकॉप्टरों का दृश्य और
आपदा में राहत पहुंचाने
की शानदार प्रस्तुति, जिसे काशीवासियों ने
देखा किस तरह जवान
रस्सी के सहारे उतरकर
लोगों को बचाने का
प्रयास करते दिखी, वह लंबे
समय तक लोगों की
स्मृतियों में बना रहेगा।
टीम की पायलट स्क्वाड्रन
लीडर अंकिता सिंह से बातचीत
में काशी के प्रति
उत्साह, वायुसेना के प्रति समर्पण
और टीमवर्क की अहमियत साफ
झलकी। उन्होंने कहा कि काशी
में आकर लोगों के
सामने प्रदर्शन करने का अवसर
मिलना खुशी की बात
है। पूरी टीम इसे
लेकर उत्साहित है। उन्होंने वायुसेना
की पेशेवर दक्षता और सामूहिक प्रयास
को उसकी सबसे बड़ी
ताकत बताया। प्रस्तुत हैं स्क्वाड्रन लीडर
अंकिता सिंह से सीनियर
रिपोर्टर सुरेश गांधी की बातचीत के
प्रमुख अंश : —
सवाल
: प्रधानमंत्री
नरेंद्र
मोदी
के
संसदीय
क्षेत्र
काशी
में
पहली
बार
इतने
बड़े
स्तर
पर
हवाई
प्रदर्शन
हो
रहा
है।
यहां
आकर
कैसा
लग
रहा
है?
स्क्वाड्रन
लीडर
अंकिता
सिंह
: जय हिंद! काशी में आकर
प्रदर्शन करने का अवसर
मिलना हमारे लिए बहुत खुशी
की बात है। हम
सभी यहां प्रदर्शन को
लेकर बेहद उत्साहित हैं।
भारतीय वायुसेना की 94वीं वर्षगांठ
के उपलक्ष्य में आयोजित इस
कार्यक्रम में अपनी क्षमता
और कौशल का प्रदर्शन
करने का मौका मिला
है। हम चाहते हैं
कि यहां के लोग
हमारे प्रदर्शन को देखें और
उसका आनंद लें।
सवाल
: काशी
एक
धार्मिक
और
सांस्कृतिक
नगरी
है।
गंगा
के
ऊपर
हेलीकॉप्टरों
के
करतब
दिखाने
को
लेकर
मन
में
क्या
भाव
हैं?
स्क्वाड्रन
लीडर
अंकिता
सिंह
: काशी को लेकर हम
सभी में बहुत उत्साह
है। यहां आकर लोगों
के सामने प्रदर्शन करना अपने आप
में खुशी की बात
है। हम अपने काम
के प्रति पूरी तरह समर्पित
हैं और इस अवसर
को लेकर उत्साहित हैं।
सवाल
: सारंग
टीम
की
सबसे
बड़ी
विशेषता
क्या
है?
पांच
हेलीकॉप्टरों
का
एक
साथ
उड़ान
भरना
कितना
चुनौतीपूर्ण
होता
है?
स्क्वाड्रन
लीडर
अंकिता
सिंह
: भारतीय वायुसेना में टीमवर्क, समर्पण
और पेशेवर दक्षता को बहुत महत्व
दिया जाता है। किसी
भी प्रदर्शन में सभी सदस्यों
का आपसी तालमेल बहुत
जरूरी होता है। हम
सब मिलकर अपने प्रदर्शन को
बेहतर बनाने के लिए काम
करते हैं। यही हमारी
ताकत है।
सवाल
: आपकी
टीम
कई
देशों
में
प्रदर्शन
कर
चुकी
है।
अंतरराष्ट्रीय
मंचों
पर
भारतीय
वायुसेना
के
कौशल
को
प्रदर्शित
करने
का
अनुभव
कैसा
रहता
है?
स्क्वाड्रन
लीडर
अंकिता
सिंह
: भारतीय वायुसेना की पेशेवर दक्षता
और समर्पण को लेकर हमें
दुनिया भर में सराहना
मिलती है। ऐसे आयोजनों
में प्रदर्शन करना हमारे लिए
खुशी की बात है।
हम अपने प्रशिक्षण और
टीमवर्क के माध्यम से
भारतीय वायुसेना की क्षमता को
प्रदर्शित करते हैं।
सवाल
: काशी
के
दर्शकों
को
आपके
प्रदर्शन
में
क्या
खास
देखने
को
मिलेगा?
स्क्वाड्रन
लीडर
अंकिता
सिंह
: प्रदर्शन के अलग-अलग
चरण होंगे। उद्घोषक हर चरण से
पहले दर्शकों को बताएंगे कि
आगे क्या होने वाला
है और उस प्रदर्शन
की खासियत क्या है। इससे
लोगों को हर गतिविधि
को समझने और उसका आनंद
लेने में मदद मिलेगी।
हमें उम्मीद है कि काशी
के लोग इस प्रदर्शन
को पसंद करेंगे।
सवाल
: क्या
इस
तरह
के
प्रदर्शन
के
पीछे
बहुत
लंबी
तैयारी
होती
है?
स्क्वाड्रन
लीडर
अंकिता
सिंह
: किसी भी प्रदर्शन में
अनुशासन, समर्पण और टीमवर्क बहुत
महत्वपूर्ण होते हैं। सभी
को अपनी जिम्मेदारी समझनी
होती है और एक-दूसरे के साथ तालमेल
बनाकर काम करना होता
है। हमारा प्रयास रहता है कि
हम अपनी पेशेवर दक्षता
के अनुरूप अच्छा प्रदर्शन करें।
सवाल
: काशी
के
लोगों
को
आप
क्या
संदेश
देना
चाहेंगी?
स्क्वाड्रन
लीडर
अंकिता
सिंह
: हमें यहां आकर प्रदर्शन
करने का अवसर मिला
है, यह हमारे लिए
खुशी की बात है।
हम सभी उत्साहित हैं
और दर्शकों के सामने अपनी
क्षमता का प्रदर्शन करने
के लिए तैयार हैं।
सारंग की उड़ान, भारत की पहचान
2003 में शुरुआत,
2004 में
अंतरराष्ट्रीय
मंच
पर
पदार्पण
: भारतीय वायुसेना की सारंग हेलीकॉप्टर
डिस्प्ले टीम की शुरुआत
वर्ष 2003 में हुई थी।
फरवरी 2004 में सिंगापुर के
एशियन एयरोस्पेस एयर शो में
टीम ने अपना पहला
अंतरराष्ट्रीय सार्वजनिक प्रदर्शन किया। इसके बाद सारंग
ने कई अंतरराष्ट्रीय आयोजनों
में भाग लेकर अपनी
विशिष्ट पहचान बनाई।
पांच हेलीकॉप्टर, एक लय
सारंग टीम पांच स्वदेशी
एडवांस्ड लाइट हेलीकॉप्टर यानी
एएलएच ध्रुव के साथ प्रदर्शन
करती है। इसकी उड़ान
की सबसे बड़ी विशेषता
है— करीबी फॉर्मेशन, सटीक नियंत्रण और
पायलटों के बीच अद्भुत
तालमेल।
दुनिया भर में भारतीय कौशल का प्रदर्शन
सारंग टीम रूस, सिंगापुर
और कई अन्य देशों
के अंतरराष्ट्रीय एयर शो में
भारतीय वायुसेना का प्रतिनिधित्व कर
चुकी है। सितंबर 2026 में
टीम ने मिस्र के
एल अलामेन अंतरराष्ट्रीय एयर शो में
भी भाग लिया।
काशी के लिए गौरव का अवसर
वाराणसी में ‘विंग्स ओवर
गंगा’ के तहत 22, 24 और
25 अक्टूबर को हवाई प्रदर्शन
निर्धारित हैं। प्रधानमंत्री के
संसदीय क्षेत्र में आयोजित यह
कार्यक्रम काशी को भारतीय
वायुसेना की पेशेवर दक्षता
और विमानन क्षमता को करीब से
देखने का अवसर देगा।

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