बिजली बिल राहत योजना : सरचार्ज माफ, मूलधन में भी भारी छूट
पहले आए,
पहले
पाए
लाभ
: पहले
चरण
में
पंजीकरण
पर
25 फीसदी
तक
लाभ;
गरीब
और
मध्यमवर्ग
को
किस्तों
में
भुगतान
की
सुविधा
यह सिर्फ
छूट
नहीं,
भरोसा
लौटाने
की
मुहिम
है
: ऊर्जा
मंत्री
ए.के.
शर्मा
सुरेश गांधी
वाराणसी. उत्तर प्रदेश की योगी सरकार
ने बिजली उपभोक्ताओं को बड़ी राहत
देते हुए एक ऐतिहासिक
कदम उठाया है। नगर विकास
एवं ऊर्जा मंत्री के. शर्मा ने
मंगलवार को “बिजली बिल
राहत योजना 2025” की घोषणा की।
इस योजना के माध्यम से
उन उपभोक्ताओं को राहत दी
जाएगी, जिनके बिजली बिल लंबे समय
से लंबित हैं। पहली बार
सरकार ने सरचार्ज में
100 प्रतिशत और मूलधन में
अधिकतम 25 प्रतिशत तक की छूट
का व्यापक प्रावधान किया है।
इस योजना का
दायरा घरेलू उपभोक्ताओं (दो किलोवाट तक)
और वाणिज्यिक उपभोक्ताओं (एक किलोवाट तक)
दोनों को समाहित करता
है। बड़े पैमाने पर
ऐसे उपभोक्ता हैं जो आर्थिक
तंगी, विवाद, तकनीकी त्रुटियों या बिलिंग असंगतियों
के चलते भुगतान नहीं
कर पा रहे थे।
यह योजना उनके लिए राहत
की नई राह खोलती
है।
ऊर्जा
मंत्री ने कहा, “जो
जितना पहले आएगा, उसे
उतना अधिक लाभ मिलेगा।“
गरीब और मध्यम वर्ग
के लिए किस्तों की
सुविधा दी गयी है.
साथ ही सरकार ने
यह भी सुनिश्चित किया
कि जिन परिवारों की
आर्थिक क्षमता सीमित है, वे भी
योजना से वंचित न
रहें। इसलिए मासिक किस्तों में भुगतान की
सुविधा भी दी गई
है। इससे छोटे व्यापारियों,
मजदूर परिवारों और निम्न आय
वर्ग को बड़ी राहत
मिलेगी। यह सिर्फ छूट-योजना नहीं, बल्कि विश्वास बहाली अभियान भी है। बिलिंग
विवादों में फंसे उपभोक्ताओं
के बिलों को औसत उपभोग
के आधार पर संशोधित
करने का निर्णय उपभोक्ता
हित में अत्यंत महत्वपूर्ण
माना जा रहा है।
एकमुश्त भुगतान पर सर्वाधिक लाभ
योजना
तीन चरणों में लागू होगी,
जिसमें पहले पंजीकरण पर
लाभ ज्यादा मिलेगा, चरण अवधि मूलधन
पर छूट
प्रथम चरण 1 दिसंबर 2025 -
31 दिसंबर
2025 25 फीसदी
द्वितीय चरण 1 जनवरी 2026 -
31 जनवरी
2026 20 फीसदी
तृतीय चरण 1 फरवरी 2026 -
28 फरवरी
2026 15 फीसदी
सरचार्ज में
सभी
चरणों
में
100 फीसदी
छूट
रहेगी।
बिजली चोरी के मामलों में भी राहत की व्यवस्था
बिजली चोरी से जुड़े
मामलों में राजस्व निर्धारण
धनराशि पर छूट का
प्रावधान किया गया है।
पंजीकरण के लिए ₹2,000 अथवा
निर्धारण धनराशि का 10 फीसदी (जो अधिक हो)
जमा कराना अनिवार्य रखा गया है।
सरकार का संदेश : “जनता की सुविधा सर्वोपरि”
ऊर्जा मंत्री ने कहा, यह
योजना सिर्फ बिल कम करने
का प्रयास नहीं, बल्कि उपभोक्ता और विभाग के
बीच भरोसे को मजबूत करने
की पहल है। हमारा
लक्ष्य है, बिजली सबको,
राहत सबको।
आर्थिक अनुशासन और नई ऊर्जा नीति का नया अध्याय
यह कदम ऐसे
समय में आया है,
जब राज्य बिजली वितरण निगमों को राजस्व सुधार,
लाइन लॉस कम करने
और वित्तीय ढांचे को मजबूत बनाने
की जरूरत है। यह योजना
न केवल उपभोक्ता को
राहत देगी, बल्कि लंबे समय में
ऊर्जा क्षेत्र की आर्थिक स्थिरता
को भी मजबूत करेगी।
जन-सहभागिता ही बनेगी सफलता की कुंजी
सरकार ने अधिकारियों को
स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि
योजना का विस्तार से
प्रचार-प्रसार हो और हर
पात्र उपभोक्ता तक जानकारी पहुंचाई
जाए। योजना के पंजीकरण के
लिए : जन सेवा केंद्र,
उपखंड कार्यालय एवं विभागीय काउंटर
उपलब्ध रहेंगे।
राहत भी, जिम्मेदारी भी
यह योजना उपभोक्ताओं
को नई शुरुआत का
अवसर देती है। अब
यह जिम्मेदारी जनता की है
कि वे इस अवसर
का लाभ समय पर
उठाकर अपने बिजली खातों
को नियमित और पारदर्शी दायरे
में लाएं।
योजना की मुख्य बातें एक नज़र में
एकमुश्त
भुगतान पर 100 फीसदी सरचार्ज माफ
मूलधन
पर 25 फीसदी, 20 फीसदी और 15 फीसदी तक छूट (चरण
अनुसार)
घरेलू
(2 केवी) और वाणिज्यिक (1 केवी)
उपभोक्ता दोनों को लाभ
ओवर-बिलिंग/अंडर-बिलिंग खातों
का संशोधन
किस्तों
में भुगतान की सुविधा उपलब्ध
पंजीकरण
: उपखंड कार्यालय
मासिक
किस्तों में भी निपट
सकेगा बकाया बिजली बिल
ऊर्जा
व्यवस्था में सुधार का
नया अध्याय
राज्य
की वितरण प्रणाली को वित्तीय मजबूती
मिलेगी
सरकार
की संवेदनशील नीति का असर
‘बिजली
सबको : राहत सबको’ लक्ष्य
की ओर ठोस कदम
राजस्व
वसूली और राहत : दोनों
एक साथ
बिजली
चोरी प्रकरणों में भी मिलेगी
सुनियोजित छूट
सहज पंजीकरण प्रक्रिया, हर उपभोक्ता के लिए सुलभ

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