बागबान संस्था की ‘सिंध की शाम’ में झलकी सिंधी संस्कृति की चमक
नृत्य, फैशन
शो
और
परंपरागत
व्यंजनों
ने
बांधा
समां
सुरेश गांधी
वाराणसी। सिंधी समाज की प्रमुख
महिला संस्था ‘बागबान’ द्वारा मंडुवाडीह स्थित बनारस ब्लेस होटल में आयोजित
सांस्कृतिक कार्यक्रम ‘सिंध की शाम
2025’ में सिंधी संस्कृति का रंगारंग प्रदर्शन
हुआ।
पूरे कार्यक्रम में सिंधी परंपराओं की झलक, लोकनृत्य, गीत, वेशभूषा तथा व्यंजनों की महक ने उपस्थित लोगों को सिंध की सांस्कृतिक धरोहर से रूबरू कराया। कार्यक्रम में अतिथियों का स्वागत संस्था की अध्यक्ष पूजा लखमानी ने किया।
आयोजन की सफलता में सचिव वर्षा बढ़ानी तथा कोषाध्यक्ष अमीषा रुपानी की महत्वपूर्ण भूमिका रही। सांस्कृतिक संध्या के लिए पूरे परिसर को सिंधी कला के अनुरूप सजाया गया था—रंगीन दुपट्टों, पारंपरिक कढ़ाईदार सजावट और लोक-प्रतीकों ने माहौल को जीवंत बना दिया।
सिंधी गीतों पर नृत्य व फैशन शो मुख्य आकर्षण
कार्यक्रम की शुरुआत सिंधी गीतों पर प्रस्तुत नृत्यों से हुई, जिसमें प्रतिभागियों ने पारंपरिक व आधुनिक दोनों शैलियों का सुंदर संयोजन दिखाया। इसके बाद सिंधी पारंपरिक परिधानों की विविधता को दर्शाता फैशन शो हुआ, जिसने दर्शकों से खूब तालियां बटोरीं।
सांस्कृतिक प्रस्तुतियाँ देने वालों में
मधु विशनानी, निधि लालवानी, कीर्ति
बिजलानी, पायल राजवानी, नीलम
वासवानी, रेशमा वाधवानी, दिशा पेशवानी, काव्या
चंदानी, अंजली लखमानी, लविश लखमानी, कीर्ति
कुकरेजा, भाविका, गीतू कुंदनानी, हर्षा
पुरुस्वानी, सिमरन लखमानी और भव्या तलरेजा
शामिल रहीं। सभी प्रतिभागियों ने
मंच पर सिंधी संस्कृति
के रंगों को जीवंत कर
दिया।
व्यंजनों में नजर आई परंपरा की मिठास
कार्यक्रम में सिंधी व्यंजनों का भी विशेष प्रदर्शन किया गया, जिसमें परोसे गए पारंपरिक पकवानों ने सभी का ध्यान खींचा।
साई भाजी, कोकी,
मिठा लोलो सहित कई
व्यंजनों ने मेहमानों को
सिंधी स्वाद का एहसास कराया।
निर्णायकों ने प्रयासों की सराहना
कार्यक्रम में शामिल निर्णायक मंडल ने प्रतिभागियों की प्रस्तुति और संस्था के सांस्कृतिक संरक्षण के प्रयासों की सराहना की। निर्णायकों का कहना था कि ऐसे आयोजन समाज को अपनी जड़ों से जोड़ने में अहम भूमिका निभाते हैं।




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