हाई अलर्ट पर काशी : विश्वनाथ धाम की सुरक्षा बढ़ाई गई, सीपी खुद सड़कों पर उतरे
दिल्ली ब्लास्ट
के
बाद
नमो
घाट
से
विश्वनाथ
धाम
व
रेलवे
सहित
सभी
सार्वजनिक
स्थलों
तक
बढ़ी
चौकसी,
संदिग्धों
की
तलाश
में
वाराणसी
पुलिस
मुस्तैद
चाय-पान
की
दुकानों
पर
भी
चला
चेकिंग
अभियान
रेलवे स्टेशन
पर
लगेज
और
पार्सल
स्कैनर
पर
बढ़ी
निगरानी
सुरेश गांधी
वाराणसी. दिल्ली में हुए धमाके
के बाद काशी में
सुरक्षा व्यवस्था अभूतपूर्व स्तर पर कड़ी
कर दी गई है।
पुलिस आयुक्त मोहित अग्रवाल ने गुरुवार को
स्वयं मोर्चा संभालते हुए नमो घाट
से लेकर काशी विश्वनाथ
धाम तक सुरक्षा इंतज़ामों
का स्थलीय निरीक्षण किया। उन्होंने घाटों, प्रमुख मंदिर परिसरों, पार्किंग स्थलों और मार्गों पर
संदिग्ध व्यक्तियों एवं वस्तुओं की
बारीकी से जाँच कराई।
पुलिस कमिश्नर ने काशी विश्वनाथ
धाम की सुरक्षा का
जायज़ा लेते हुए अतिरिक्त
पुलिस बल की तैनाती
के निर्देश दिए। धाम क्षेत्र
में प्रवेश करने वाले सभी
श्रद्धालुओं और पर्यटकों की
डीएफएमडी (डोर फ्रेम मेटल
डिटेक्टर) और एचएचएमडी (हैंड
हेल्ड मेटल डिटेक्टर) से
अनिवार्य जाँच की जा
रही है। साथ ही,
सुरक्षा घेरा और सीसीटीवी
निगरानी को और मजबूत
किया गया है। पुलिस
ने सादे वस्त्रों में
कर्मियों की विशेष ड्यूटी
लगाई है ताकि भीड़
के बीच संदिग्ध गतिविधियों
पर तुरंत नजर रखी जा
सके।
वाराणसी, जहाँ प्रतिदिन लाखों
श्रद्धालु और पर्यटक आते
हैं, वहाँ सुरक्षा व्यवस्था
का यह सख्त मॉडल
समय की माँग है।
सीपी मोहित अग्रवाल का “मैदान में
उतरना” यह संदेश देता
है कि अब सुरक्षा
केवल आदेशों तक सीमित नहीं,
बल्कि जमीनी हकीकत बन चुकी है।
काशी विश्वनाथ धाम और नमो
घाट पर कड़ी निगरानी
से यह स्पष्ट है
कि पुलिस अब “संदेह से
पहले सतर्कता” की नीति पर
चल रही है, यही
व्यवस्था को मज़बूत बनाने
का असली सूत्र है।
रेलवे स्टेशनों पर तलाशी अभियान
चलाया जा रहा है।
इस दौरान जगह-जगह बैग
में सामान लेकर बैठे लोगों
की तलाशी लेने के साथ
ही पूछताछ भी बढ़ा दी
गई है। आरपीएफ के
जवान लोगों से सामानों की
जांच मशीन पर करवाने
के बाद ही प्लेटफॉर्म
पर जाने की अपील
कर रहे हैं। कैंट
और बनारस स्टेशन पर यात्रियों के
सामान की स्कैनर की
सुविधा है। यहां आरपीएफ
टीम सामानों को स्कैन करती
नजर आई। दूसरी ओर
बनारस स्टेशन पर पार्सल स्कैन
करने की कोई सुविधा
नहीं है, पार्सल का
काम देखने वाली कंपनी के
लोग सामान का मिलान करने
के बाद उसको ट्रेन
की पार्सल बोगी में रखवा
देते हैं।
नमो घाट पर पुलिस चौकी और पर्यटन पुलिस बूथ
निरीक्षण के दौरान सीपी
अग्रवाल ने नमो घाट
पर स्थायी पुलिस चौकी और पर्यटन
पुलिस बूथ की स्थापना
के आदेश दिए। साथ
ही यह निर्देश भी
दिया गया कि रोजाना
एक राजपत्रित अधिकारी के नेतृत्व में
पेट्रोलिंग हो और अन्य
घाटों पर भी विशेष
सतर्कता बरती जाए।
वाहनों पर जीरो टॉलरेंस
सीपी के नेतृत्व
में चलाए गए विशेष
अभियान के दौरान बिना
नंबर या अपठनीय नंबर
प्लेट वाले वाहनों पर
सख्त कार्रवाई की गई। भ्रमण
के दौरान दर्जनों वाहनों को मौके पर
सीज़ किया गया, जबकि
पूरे कमिश्नरेट में अब तक
251 वाहनों का चालान और
45 वाहन सीज़ किए जा
चुके हैं। चारपहिया वाहनों
की डिग्गी खोलकर जाँच को अनिवार्य
किया गया है ताकि
कोई भी प्रतिबंधित वस्तु,
विस्फोटक या हथियार शहर
में प्रवेश न कर सके।
साथ ही, काली फिल्म
लगे वाहनों के विरुद्ध जीरो
टॉलरेंस नीति लागू की
गई है।
चेकिंग का मकसद चालान नहीं, सुरक्षा है
पुलिस आयुक्त ने स्पष्ट कहा
चेकिंग का उद्देश्य केवल
चालान भरना नहीं, बल्कि
अपराधियों की आवाजाही पर
रोक लगाना है। हमें अपने
शहर को इतना सुरक्षित
बनाना है कि कोई
असामाजिक तत्व यहाँ कदम
रखने से पहले सोचने
को मजबूर हो। उन्होंने पुलिस
टीमों को पेशेवर अंदाज़
में जाँच करने और
संदिग्धों की हर गतिविधि
पर पैनी नजर बनाए
रखने के निर्देश दिए।
घाटों और धार्मिक स्थलों पर बढ़ी गश्त
काशी विश्वनाथ धाम,
दशाश्वमेध घाट, अस्सी घाट
और नमो घाट जैसे
प्रमुख धार्मिक एवं पर्यटन स्थलों
पर रोजाना पेट्रोलिंग बढ़ाई गई है।
पुलिस नावों से भी गंगा
पार आने-जाने वालों
पर निगरानी रख रही है।
इसके साथ ही, पुलिस
कंट्रोल रूम को 24 घंटे
सक्रिय मोड में रखा
गया है।
सुरक्षा का पूरा अमला मैदान में
निरीक्षण के दौरान पुलिस
आयुक्त के साथ अपर
पुलिस आयुक्त (कानून-व्यवस्था एवं मुख्यालय) शिवहरी
मीणा, पुलिस उपायुक्त (काशी ज़ोन) गौरव
बंशवाल, अपर पुलिस उपायुक्त
सरवणन टी सहित संबंधित
एसीपी, थाना प्रभारी और
सुरक्षा बल मौजूद रहे।
देव दीपावली पर आतंकी हमले की साजिश का था इनपुट
दिल्ली में ब्लास्ट की
घटना के बाद एनआईए
की जांच में सामने
आया कि वाराणसी भी
निशाने पर था। देव
दीपावली पर आतंकी हमले
की साजिश का इनपुट मिलने
के बाद से ही
केंद्रीय सुरक्षा एजेंसियां सक्रिय थीं। एनआईए की
टीम दो दिनों तक
वाराणसी में डेरा डाले
रही। गंगा घाटों पर
नो फ्लाई जोन घोषित था।
लालकिला ब्लास्ट मामले में गिरफ्तार आरोपियों
से पूछताछ के आधार पर
प्राप्त इनपुट के बाद से
सुरक्षा और भी तगड़ी
कर दी गई है।
आतंकियों के माड्यूल में
वाराणसी के प्रमुख मंदिर
और गंगा घाट थे।
ब्लाट की घटना ने
केंद्रीय सुरक्षा एजेंसियों के कान खड़े
कर दिए हैं। आतंकी
हमले झेल चुकी काशी
में देव दीपावली के
दौरान घाटों पर शांति व्यवस्था
में खलल पैदा करने
के मंसूबे को सुरक्षा एजेंसियों
ने पूर्व में भी भांप
लिया था। एनआईए, एटीएस
और आईबी, एलआईयू समेत अन्य एजेंसियों
ने देव दीपावली के
दौरान काफी इनपुट जुटाए।
यही कारण रहा कि
देव दीपावली के बाद एनएसजी
ने गंगा में पूर्वाभ्यास
भी किया था।
संकटमोचन, कचहरी, शीतला घाट और कैंट स्टेशन पर हो चुका है ब्लास्ट
काशी में आतंकी
हमले पूर्व में हो चुके
हैं। सिलसिलेवार बम ब्लास्ट को
याद कर आज भी
लोग सिहर उठते हैं।
उस समय 18 लोग मारे गए
थे और 100 से अधिक लोगों
का अंग भंग हो
गया था। 7 मार्च 2006 संकटमोचन मंदिर, शीतला घाट, कचहरी और
कैंट स्टेशन पर धमाके हुए
थे।
एयरपोर्ट पर पांच स्तरीय सुरक्षा
लालबहादुर शास्त्री अंतरराष्ट्रीय एयरपोर्ट पर सुरक्षा सख्त
कर दी गई। पांच
स्तरीय जांच की जा
रही है. सीआईएसएफ ने
एयरपोर्ट परिसर में चेकिंग अभियान
चलाया। पार्किंग क्षेत्र में खड़े वाहनों
की जांच की गई।
संदिग्ध दिखने वाले कुछ वाहन
चालकों से पूछताछ भी
की गई। सीआईएसएफ कमांडेंट
सूचिता सिंह ने बताया
कि सभी बिंदुओं पर
जांच हो रही है।

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