वीबी-जी रामजी अधिनियम, 2025 भ्रष्टाचार के खिलाफ सर्जिकल स्ट्राइक’ : पंकज चौधरी
गरीब, किसान,
महिला
और
युवा
केंद्र
में,
मनरेगा
की
खामियां
दूर
कर
‘विकसित
गांव’
की
नींव
रख
रही
है
एनडीए
सरकार
सुरेश गांधी
वाराणसी. वर्ष 2014 से प्रधानमंत्री नरेंद्र
मोदी के नेतृत्व में
केंद्र की एनडीए सरकार
का स्पष्ट और निर्णायक फोकस
आम गरीब, किसान, महिला और नौजवान पर
रहा है। बीते 70 वर्षों
में जिन बुनियादी जरूरतों
मकान, स्वास्थ्य, सामाजिक समावेशन और आय सुरक्षा
की लगातार उपेक्षा हुई, उन्हें मोदी
सरकार ने प्राथमिकता के
साथ पूरा किया है।
“वीबी-जी रामजी अधिनियम
2025 भ्रष्टाचार के खिलाफ सर्जिकल
स्ट्राइक है,” यह तीखा
बयान नवनिर्वाचित भाजपा प्रदेश अध्यक्ष पंकज चौधरी ने
सर्किट हाउस में आयोजित
पत्रकार वार्ता में दिया।
उन्होंने कांग्रेस पर सीधा हमला
बोलते हुए कहा कि
कांग्रेस ने अपने परिवार
के नाम पर कई
योजनाएं चलाईं, लेकिन जब योजनाएं ‘जी-रामजी’ जैसे लोक-कल्याणकारी
नाम से जुड़ती हैं
तो उन्हें आपत्ति होने लगती है।
उन्होंने कहा कि आर्थिक
रूप से कमजोर परिवारों
को आय की सुरक्षा
देना एनडीए सरकार की सबसे बड़ी
उपलब्धियों में है। आय
की गारंटी से न सिर्फ
जीवन स्तर में सुधार
होता है, बल्कि गांवों
में स्थायी संपत्ति निर्माण (एसेट क्रिएशन) की
मजबूत बुनियाद भी पड़ती है।
उन्होंने आरोप लगाया कि
पूर्ववर्ती सरकारों में न तो
इस सोच की स्पष्टता
थी और न ही
इच्छाशक्ति।
मनरेगा की विफलताओं पर तीखा प्रहार
पंकज चौधरी ने
कहा कि मनरेगा योजना
में संरचनात्मक और क्रियान्वयन से
जुड़ी गंभीर खामियां थीं। गुणवत्ता बेहद
खराब रही, अस्थायी सड़कें
बनीं, जल संरचनाएं अधूरी
रहीं और सरकारी धन
का बड़े पैमाने पर
दुरुपयोग हुआ। एक ही
काम को बार-बार
दिखाकर भुगतान लेने की प्रवृत्ति
रही, लेकिन वास्तविक एसेट जमीन पर
नहीं दिखे। अनियमितताओं के चलते कई
राज्यों का बजट रोकना
पड़ा। उन्होंने कहा कि कृषि
के पीक सीजन में
मजदूरों की कमी जैसी
समस्याओं पर पहले कभी
गंभीरता से काम नहीं
हुआ।
वीबी-जी रामजी अधिनियम से व्यवस्था में बदलाव
प्रदेश अध्यक्ष ने कहा कि
एनडीए सरकार ने इन सभी
खामियों को दूर करने
के लिए “विकसित भारत
रोजगार गारंटी एवं आजीविका मिशन
(ग्रामीण) अधिनियम 2025” लागू किया है।
इस कानून में जवाबदेही तय
की गई है। मौसम
और खेती के समय
को ध्यान में रखते हुए
60 दिनों तक कार्य रोकने,
या 20-20 दिनों के चरणों में
काम कराने की स्पष्ट व्यवस्था
की गई है। भ्रष्टाचार
पर लगाम लगाने के
लिए टेक्नोलॉजी-सेंट्रिक अप्रोच अपनाई गई है। जियो-टैगिंग, सैटेलाइट इमेजिंग, रियल टाइम ट्रैकिंग
के लिए मोबाइल ऐप,
एआई आधारित धोखाधड़ी पहचान तंत्र और बायोमेट्रिक सत्यापन
जैसे प्रावधान किए गए हैं।
सीएम गति शक्ति के
तहत योजनाओं का एकीकृत क्रियान्वयन
सुनिश्चित किया जा रहा
है, ताकि सड़क, नाला
और जल निकासी जैसे
कार्य अलग-अलग न
हों।
चार प्रमुख क्षेत्रों पर फोकस
उन्होंने बताया कि अधिनियम के
तहत चार प्रमुख श्रेणियों
जल संरक्षण, बुनियादी ढांचा निर्माण, आजीविका से जुड़े कार्य
और आपदा प्रबंधन पर
विशेष जोर दिया गया
है। सभी योजनाएं ग्राम
सभा के प्रस्ताव के
आधार पर ही स्वीकृत
होंगी।
भुगतान में देरी पर सख्ती
पंकज चौधरी ने
कहा कि मजदूरी भुगतान
में देरी पर अब
सख्त प्रावधान हैं। सात दिनों
के भीतर भुगतान अनिवार्य
है। 15 दिनों से अधिक देरी
होने पर ब्याज देना
होगा। काम न मिलने
की स्थिति में 125 दिनों तक रोजगार भत्ता
देने की व्यवस्था भी
कानून में सुनिश्चित की
गई है।
खर्च का आंकड़ा भी गिनाया
उन्होंने बताया कि 2006 से 2014 तक यूपीए सरकार
ने मनरेगा पर करीब 2 लाख
12 हजार 949 करोड़ रुपये खर्च
किए, जबकि 2014 के बाद एनडीए
सरकार ने 8 लाख 48 हजार
140 करोड़ रुपये यानी चार गुना
अधिक राशि खर्च कर
योजनाओं को मजबूत और
प्रभावी बनाया।
वोटर लिस्ट पर भाजपा की रणनीति
वोटर सूची पुनरीक्षण
(एसआईआरत्) पर उन्होंने स्पष्ट
किया कि यह पूरी
तरह चुनाव आयोग की प्रक्रिया
है। ड्राफ्ट सूची में किसी
भी प्रकार की गड़बड़ी को
दूर करने के लिए
भाजपा कार्यकर्ता बूथ स्तर तक
जाकर जांच करेंगे, ताकि
किसी भी योग्य मतदाता
का नाम न छूटे।
उन्होंने कहा कि भाजपा
सर्व समाज की पार्टी
है, जातीय राजनीति से ऊपर उठकर
विकास के एजेंडे पर
काम करती है। भाजपा
का कार्यकर्ता हर चुनाव में
पूरी प्रतिबद्धता के साथ मैदान
में उतरता है, इसी वजह
से पार्टी को लगातार जनता
का विश्वास मिल रहा है।
पत्रकार वार्ता में क्षेत्रीय अध्यक्ष
दिलीप पटेल, सांसद एवं काशी क्षेत्र
प्रभारी अमरपाल मौर्य, प्रदेश महामंत्री संजय राय, कैबिनेट
मंत्री अनिल राजभर, जिलाध्यक्ष
एवं एमएलसी हंसराज विश्वकर्मा, महानगर अध्यक्ष प्रदीप अग्रहरि, एमएलसी धर्मेंद्र सिंह, क्षेत्रीय मीडिया प्रभारी नवरतन राठी एवं सह
प्रभारी संतोष सोलापुरकर सहित अनेक वरिष्ठ
नेता उपस्थित रहे।

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