काशी से
प्रयाग
की
ओर
शिव
की
यात्रा
आज माघ मेला क्षेत्र में विराजेंगे कुंभेश्वर महादेव
माघ मेला
प्रयागराज
3 जनवरी
से
प्रारंभ
भगवान विश्वनाथ
के
चल
स्वरूप
हैं
कुंभेश्वर
महादेव
काशी विश्वनाथ
धाम
में
हुआ
विधिवत
रुद्राभिषेक
माघ मेला
शिविर
में
विशेष
मंदिर
में
होगी
स्थापना
सुरेश गांधी
वाराणसी. सनातन परंपरा की जीवंत धारा
एक बार फिर काशी
से प्रयाग की ओर प्रवाहित
होने जा रही है।
माघ मेला प्रयागराज के
शुभारंभ से पूर्व आज
भगवान विश्वनाथ के चल स्वरूप
कुंभेश्वर महादेव काशी से प्रयागराज
के लिए प्रस्थान करेंगे।
यह केवल एक धार्मिक
यात्रा नहीं, बल्कि काशी और प्रयाग
के बीच आध्यात्मिक एकात्मता
का प्रतीक है।
माघ मेला प्रयागराज
दिनांक 3 जनवरी से आरंभ होगा.
परंपरा के अनुसार कुंभ
और माघ पर्व के
दौरान काशी में विराजमान
कुंभेश्वर महादेव कुम्भ परिक्षेत्र में स्थापित होते
हैं। गत वर्ष 2025 में
पहली बार श्री काशी
विश्वनाथ मंदिर न्यास के शिविर में
कुंभेश्वर महादेव की स्थापना की
गई थी, जिसे श्रद्धालुओं
से व्यापक आस्था प्राप्त हुई। इसी परंपरा
को आगे बढ़ाते हुए
इस वर्ष से माघ
मेला स्नान पर्व में भी
कुंभेश्वर महादेव का विराजमान होना
सुनिश्चित किया गया है।
आज प्रातः श्री
काशी विश्वनाथ धाम में कुंभेश्वर
महादेव स्वरूप का विधिवत रुद्राभिषेक
संपन्न हुआ। वैदिक मंत्रोच्चार
और विधि-विधान के
बीच संपन्न इस अनुष्ठान के
पश्चात कुंभेश्वर महादेव को समारोहपूर्वक विशेष
वाहन से प्रयागराज माघ
मेला क्षेत्र के लिए रवाना
किया जाएगा। वहां श्री काशी
विश्वनाथ मंदिर न्यास शिविर में विशेष रूप
से निर्मित मंदिर में उनकी प्रतिष्ठा
की जाएगी।
कुंभेश्वर महादेव का माघ मेला
क्षेत्र में विराजमान होना
काशी और प्रयाग, दोनों
तीर्थों की आध्यात्मिक चेतना
को जोड़ने वाला दुर्लभ संयोग
है। स्नान पर्व पर आने
वाले श्रद्धालु गंगा स्नान के
साथ-साथ भगवान विश्वनाथ
के चल स्वरूप के
दर्शन का पुण्य लाभ
प्राप्त कर सकेंगे। यह
परंपरा न केवल धार्मिक
आस्था को सुदृढ़ करती
है, बल्कि सनातन संस्कृति की सतत यात्रा
को भी रेखांकित करती
है।


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