स्मैशर्स का शो, ब्लॉकर्स की दीवार, जोश की गूंज, काशी में तय हुए राष्ट्रीय वॉलीबॉल चैम्पियपशिप विजेता
महिला में केरल और पुरुष में रेलवे बना नेशनल बादशाह
35 साल बाद यूपी में
नेशनल
वॉलीबॉल,
बनारस
ने
रचा
खेल
इतिहास
प्रधानमंत्री के
संसदीय
क्षेत्र
में
खेल
का
स्वर्णिम
अध्याय,
नेशनल
वॉलीबॉल
सफल
आठ दिन,
सौ
से
ज्यादा
मुकाबले,
फाइनल
में
फुल
हाउस,
रोमांच
चरम
पर,
नेशनल
वॉलीबॉल
का
ऐतिहासिक
समापन
रेलवे की
रफ्तार
और
केरल
की
जिद,
नेशनल
वॉलीबॉल
को
मिले
नए
चैंपियन
सुरेश गांधी
वाराणसी। धर्म, संस्कृति और अध्यात्म की नगरी काशी ने अब राष्ट्रीय खेल मानचित्र पर भी स्वर्णाक्षरों में अपनी मौजूदगी दर्ज करा दी है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के संसदीय क्षेत्र में 35 वर्षों के लंबे अंतराल के बाद उत्तर प्रदेश और पहली बार बनारस में आयोजित 72वीं सीनियर नेशनल वॉलीबॉल चैंपियनशिप का समापन रविवार को ऐतिहासिक उल्लास और रोमांच के साथ हुआ।
आठ दिनों तक चले इस महासमर में महिला वर्ग में केरल और पुरुष वर्ग में भारतीय रेलवे ने ओवरऑल चैंपियन का खिताब जीतकर अपनी श्रेष्ठता सिद्ध की। वहीं महिला वर्ग में रेलवे और पुरुष वर्ग में केरल को उपविजेता बनकर संतोष करना पड़ा।
कांस्य पदक के लिए खेले गए हार्ड लाइन मुकाबलों में पुरुष वर्ग में पंजाब और महिला वर्ग में राजस्थान ने दमदार प्रदर्शन करते हुए तीसरा स्थान हासिल किया। 72वीं सीनियर नेशनल वॉलीबॉल चैंपियनशिप ने यह साफ कर दिया कि काशी अब खेलों के राष्ट्रीय कैलेंडर में स्थायी ठिकाना बनने को तैयार है। पीएम के संसदीय क्षेत्र से उठा यह खेल संदेश आने वाले वर्षों में उत्तर प्रदेश को स्पोर्ट्स हब की दिशा में और मजबूती देगा।
खचाखच सिगरा स्टेडियम, तालियों की गड़गड़ाहट से गूंजा फाइनलसिगरा स्टेडियम का इंडोर कोर्ट फाइनल मुकाबलों के दौरान खेल प्रेमियों से खचाखच भरा रहा।
हर स्मैश, हर ब्लॉक और हर अंक पर उठती तालियों की गड़गड़ाहट ने यह साबित कर दिया कि काशी अब सिर्फ आध्यात्मिक ही नहीं, खेल चेतना की भी राजधानी बनने की ओर बढ़ चली है।
पुरुष फाइनल : रेलवे की रफ्तार के आगे बेबस केरल
रेलवे ने केरल को 3-0 (25-19, 25-17, 25-19) से हराकर खिताब अपने नाम किया। पुरुष फाइनल में रेलवे की टीम ने शुरू से अंत तक मैच पर नियंत्रण बनाए रखा।
कप्तान अंगामुथु के नेतृत्व में रेलवे ने आक्रामक और अनुशासित खेल का ऐसा नमूना पेश किया कि केरल को संभलने का मौका ही नहीं मिला।
रोहित कुमार के धारदार स्मैश, जॉर्ज एंटनी और एमिल टी. जोसेफ की नेट पर सटीक टाइमिंग, समीर सीएच के निर्णायक अंक और लिबरो आनंद के. की बिजली जैसी फुर्ती रेलवे की जीत की बुनियाद बनी।
केरल की
ओर से कप्तान सेथु
टी.आर. और एरिन
वर्गीस ने संघर्ष किया,
लेकिन रेलवे की संगठित दीवार
को भेद नहीं सके।
महिला फाइनलः केरल की बेटियों ने रचा रोमांचक इतिहास
हार्ड लाइन
मुकाबले
: पंजाब
और
राजस्थान
का
कांस्य
पर
कब्जा.
पुरुष वर्गः
पंजाब
ने
सर्विसेज
को
3-0 से
हराकर
कांस्य
पदक
जीता.
महिला वर्गः
राजस्थान
ने
हरियाणा
को
3-1 से
पराजित
कर
तीसरा
स्थान
हासिल
किया.
पंजाब के
जसजोत
सिंह,
प्रीत
करन
और
लिबरो
जगसीर
सिंह
जबकि
राजस्थान
की
गुंजन
रानी,
आयुषी
भंडारी
और
रितु
बिजारणिया
का
प्रदर्शन
निर्णायक
रहा.
पुरस्कार वितरण में सजा सत्ता, खेल और समाज का संगम
नगर निगम द्वारा
आयोजित पुरस्कार वितरण समारोह में उपमुख्यमंत्री केशव
प्रसाद मौर्य, उपमुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक, राज्यमंत्री स्वतंत्रप्रभार रवीन्द्र जायसवाल, सीनियर पत्रकार हेमंत शर्मा, महापौर अशोक कुमार तिवारी
सहित अनेक जनप्रतिनिधियों और
खेल हस्तियों ने विजेता टीमों
को ट्रॉफी व पदक प्रदान
किए।
काशी ने पहली मेजबानी में रचा इतिहास
चार जनवरी को
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा वर्चुअल
शुभारंभ और मुख्यमंत्री योगी
आदित्यनाथ की भौतिक उपस्थिति
ने आयोजन को विशेष गरिमा
दी। 42 साल बाद यूपी
को और पहली बार
पूर्वांचल को इस स्तर
की प्रतियोगिता की मेजबानी मिली।
इससे पहले 1984 में कानपुर में
सीनियर नेशनल वॉलीबॉल हुआ था। यह
आयोजन न केवल खिलाड़ियों
के लिए मंच बना,
बल्कि काशी के खेल
बुनियादी ढांचे और खेल पर्यटन
को भी नई पहचान
दे गया।
एक नजर में 72वीं सीनियर नेशनल वॉलीबॉल चैंपियनशिप
30 राज्य,
6 केंद्र शासित प्रदेश
1044 खिलाड़ी
पुरुष
वर्गः 30 टीमें द्य महिला वर्गः
28 टीमें
100 रेफरी, 60 वीएफआई
अधिकारी
200 वालंटियर्स
700 होटल कमरे,
2000 लोगों की दैनिक भोजन
व्यवस्था
गंगा
दर्शन के लिए क्रूज
व स्टीमर





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