रंगभरी एकादशी महोत्सव : काशी से ब्रज तक भक्ति और रंगों का सेतु
रुद्राभिषेक, वैदिक अनुष्ठान और ब्रज के रसिया से गूंजेगा श्रीकाशी विश्वनाथ धाम
श्रद्धालुओं के
लिए
होगा
कार्योक्रमों
का
विशेष
आयोजन
सुरेश गांधी
वाराणसी. काशी विश्वनाथ धाम
में रंगभरी एकादशी महोत्सव को लेकर व्यापक
तैयारियां की गई हैं।
23 फरवरी, सोमवार को धाम परिसर
में विविध धार्मिक एवं सांस्कृतिक कार्यक्रमों
का भव्य आयोजन होगा,
जिसमें काशी की परंपरा
और ब्रज की भक्ति
का अद्भुत संगम देखने को
मिलेगा।
मंदिर प्रशासन के अनुसार, इस
अवसर पर प्रातःकाल संकल्पित
सोमवासरीय रुद्राभिषेक का आयोजन विधि-विधानपूर्वक संपन्न किया जाएगा। रुद्राभिषेक
के उपरांत होली पर्व की
परंपरा के तहत भगवान
श्री विश्वेश्वर के पावन स्थान
से श्री कृष्ण जन्मभूमि,
मथुरा स्थित लड्डू गोपाल के लिए पारंपरिक
उपहार एवं अबीर-गुलाल
ससम्मान प्रेषित किए जाएंगे। यह
आयोजन काशी और ब्रज
की सांस्कृतिक एवं आध्यात्मिक एकता
का प्रतीक माना जाता है।
इसी क्रम में
मंदिर न्यास की पंचबदन प्रतिमा
के साथ माता पार्वती
एवं बाल स्वरूप भगवान
श्री गणेश का विशेष
श्रृंगार किया जाएगा। मंदिर
परिसर में श्री लक्ष्मी-नारायण जी के विग्रह
के समीप नव-निर्मित
कक्ष में वैदिक मंत्रोच्चार
के साथ पूजा-अर्चना
कर विधिवत प्रतिष्ठा संपन्न होगी।
इसके बाद 27 फरवरी
को रंगभरी एकादशी के शुभ अवसर
पर ब्रज से भगवान
श्री विश्वेश्वर के लिए प्रेषित
उपहारों को समारोहपूर्वक स्वीकार
किया जाएगा। इस दौरान ब्रज
के रसियारे कलाकारों द्वारा पारंपरिक रास और होली
रसिया की मनोहारी प्रस्तुति
धाम स्थित सांस्कृतिक मंच “शिवार्चनम्” पर
दी जाएगी, जिससे पूरा परिसर भक्तिरस
और उत्सवी रंगों से सराबोर हो
उठेगा।
परंपरा के अनुसार बाबा
की चल प्रतिमा का
आगमन हर्षोल्लास के साथ धाम
में होगा और वैदिक
विधि से गर्भगृह में
विराजमान कराया जाएगा। मंदिर न्यास एवं मुख्य कार्यपालक
अधिकारी विश्वभूषण मिश्र ने वाराणसी सहित
देश-विदेश से आने वाले
श्रद्धालुओं से अपील की
है कि वे इस
दिव्य और ऐतिहासिक आयोजन
में सहभागिता कर पुण्य लाभ
अर्जित करें।

No comments:
Post a Comment