बरसात से पहले बनारस में ‘क्लीन-अप और पावर-अप’ मिशन, मंत्री ए.के. शर्मा ने अफसरों को दिया अल्टीमेटम
देर रात
शहर
का
निरीक्षण
कर
लिया
कामकाज
का
जायजा,
नालों
की
सफाई,
कूड़ा
निस्तारण
और
बिजली
आपूर्ति
में
लापरवाही
पर
सख्ती
के
संकेत
सुरेश गांधी
वाराणसी. बरसात से पहले शहर
को जलभराव, गंदगी और बिजली संकट
जैसी समस्याओं से बचाने के
लिए प्रदेश के नगर विकास
एवं ऊर्जा मंत्री ए. के. शर्मा
ने प्रशासनिक मशीनरी को पूरी तरह
सक्रिय रहने के निर्देश
दिए हैं। वाराणसी में
नगर विकास और ऊर्जा विभाग
की अलग-अलग समीक्षा
बैठकों में मंत्री ने
साफ कहा कि विकास
कार्यों में किसी भी
स्तर पर ढिलाई स्वीकार
नहीं की जाएगी और
सभी कार्य तत्काल प्रभाव से पूरे किए
जाएं। मंत्री ने सड़क, नाली
निर्माण, दीवारों की पेंटिंग, पार्कों
के रखरखाव, पार्कों के सौंदर्यीकरण, इंटरलॉकिंग
और सड़क किनारे सौंदर्यीकरण
से जुड़े कार्यों की प्रगति की
समीक्षा की। उन्होंने अधिकारियों
को निर्देश दिया कि शहर
की सुंदरता और नागरिक सुविधाओं
से जुड़े सभी लंबित कार्य
तय समय सीमा के
भीतर पूरे किए जाएं।
समीक्षा बैठक के साथ मंत्री
ने 15 मई की देर
रात नगर आयुक्त के
साथ शहर का स्थलीय
निरीक्षण भी किया। इस
दौरान उन्होंने सड़कों, नालों, सौंदर्यीकरण परियोजनाओं और विभिन्न स्थानों
पर चल रहे निर्माण
कार्यों का जायजा लिया।
कई स्थानों पर उन्होंने स्थानीय
लोगों से सीधे बातचीत
कर निर्माण कार्यों की गुणवत्ता और
प्रगति के बारे में
जानकारी ली। स्थानीय लोगों
ने कार्यों की गुणवत्ता को
संतोषजनक बताया।
मंत्री ने अधिकारियों को
विशेष रूप से चेतावनी
देते हुए कहा कि
बारिश शुरू होने से
पहले शहर के सभी
प्रमुख और छोटे नालों
की सफाई हर हाल
में पूरी कर ली
जाए। उन्होंने कहा कि जलभराव
जैसी समस्या नागरिकों के लिए बड़ी
परेशानी बनती है, इसलिए
इसे रोकने के लिए पहले
से तैयारी जरूरी है। साथ ही
शहर में कहीं भी
कूड़ा जमा न होने
देने और नियमित सफाई
अभियान चलाने पर भी जोर
दिया गया। उन्होंने कहा कि इस
बार बनारस को स्वच्छता रैंकिंग
में बेहतर स्थान दिलाने के लिए केवल
सरकारी तंत्र ही नहीं बल्कि
नागरिकों की भागीदारी भी
महत्वपूर्ण होगी। बेहतर कार्य और स्वच्छ वातावरण
के दम पर शहर
को नई पहचान दिलाने
की तैयारी की जा रही
है।
ऊर्जा विभाग की समीक्षा बैठक में मंत्री ने गर्मी के मौसम को देखते हुए बिजली आपूर्ति व्यवस्था को लेकर भी अधिकारियों को सख्त निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि बिजली संकट की शिकायतें कम से कम हों और उपभोक्ताओं को निर्बाध बिजली उपलब्ध कराई जाए। इसके लिए ट्रांसफार्मरों की क्षमता बढ़ाने, ट्रांसमिशन लाइनों की मजबूती और तकनीकी खामियों को तत्काल दूर करने पर जोर दिया गया। उन्होंने अधिकारियों से कहा कि विद्युत उपकेंद्रों पर बैठकर आम लोगों की शिकायतें सुनी जाएं और समस्याओं का तत्काल समाधान किया जाए। मंत्री ने स्पष्ट किया कि जनता की सुविधा सर्वोच्च प्राथमिकता है और शिकायतों के निस्तारण में किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं होगी। बैठक में हंसराज विश्वकर्मा, हिमांशु नागपाल, शंभू कुमार सहित नगर विकास और ऊर्जा विभाग के अधिकारी मौजूद रहे।

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