फाइलें दौड़ीं, बुलडोजर चला, नतीजा—वीडीए के खाते में ₹358 करोड़
आठ महीनों
में
रिकॉर्ड
राजस्व;
7–15 दिन
में
नक्शा
स्वीकृति,
अवैध
कब्जों
से
मुक्त
कराई
जमीनों
की
नीलामी
और
पारदर्शी
कार्यप्रणाली
बनी
सफलता
की
सबसे
बड़ी
वजह
विकास परियोजनाओं
को
मिलेगी
नई
रफ्तार,
बोर्ड
बैठक
में
पूरी
टीम
की
सराहना
सुरेश गांधी
वाराणसी। आस्था, संस्कृति और आध्यात्मिक विरासत
की नगरी काशी अब
सुनियोजित शहरी विकास की
दिशा में भी नया
अध्याय लिख रही है।
कभी धीमी कार्यप्रणाली और
लंबित फाइलों के कारण चर्चा
में रहने वाला वाराणसी
विकास प्राधिकरण (वीडीए) अब पारदर्शिता, त्वरित
निर्णय और प्रभावी प्रशासन
का उदाहरण बनकर उभरा है।
इसका सबसे बड़ा प्रमाण
है कि नवंबर 2025 से
जून 2026 तक के महज
आठ महीनों में वीडीए ने
₹358 करोड़ की रिकॉर्ड आय
अर्जित कर नया कीर्तिमान
स्थापित किया है। यह उपलब्धि
केवल राजस्व बढ़ने का आंकड़ा नहीं
है, बल्कि यह उस बदलती
प्रशासनिक कार्यसंस्कृति का संकेत है
जिसमें आम नागरिकों का
भरोसा बढ़ा है, प्रक्रियाएं
सरल हुई हैं और
सरकारी व्यवस्था परिणाम देने वाली साबित
हुई है। यही कारण
है कि सोमवार को
आयोजित वीडीए की 134वीं बोर्ड बैठक
में इस उपलब्धि को
विशेष रूप से रेखांकित
करते हुए पूरी टीम
की सराहना की गई।
हर महीने बढ़ती गई आय, मार्च में बना नया रिकॉर्ड
सिर्फ 7 से 15 दिनों में नक्शा स्वीकृत, बढ़ा जनता का भरोसा
अवैध कब्जों से मुक्त कराई जमीनें, खुली नीलामी से बढ़ा राजस्व
अन्य स्रोतों से भी मजबूत हुई आय
भवन और सम्पत्ति
अनुभाग के अतिरिक्त विभिन्न
अन्य मदों से भी
वीडीए को ₹87.15 करोड़ की आय प्राप्त
हुई। इससे स्पष्ट है
कि प्राधिकरण ने अपने सभी
राजस्व स्रोतों को सक्रिय और
प्रभावी बनाने की दिशा में
व्यापक प्रयास किए हैं।
134वीं बोर्ड बैठक में उपलब्धि की सराहना
29 जून 2026 को आयोजित वीडीए की 134वीं बोर्ड बैठक में इस उपलब्धि पर विस्तार से चर्चा हुई।
बोर्ड ने माना कि यह सफलता किसी एक निर्णय का परिणाम नहीं, बल्कि पूरी टीम की निरंतर मेहनत, अनुशासन और जवाबदेह कार्यप्रणाली का प्रतिफल है।
बैठक में
विशेष रूप से वीडीए
उपाध्यक्ष पूर्ण बोरा के नेतृत्व
की सराहना करते हुए कहा
गया कि उनके मार्गदर्शन
में प्रशासनिक व्यवस्था अधिक पारदर्शी, परिणामोन्मुख
और नागरिक-केंद्रित बनी है। अधिकारियों
और कर्मचारियों की टीम भावना
तथा समयबद्ध कार्य निष्पादन ने इस उपलब्धि
को संभव बनाया।
विकास परियोजनाओं को मिलेगी नई गति
मजबूत राजस्व किसी भी विकास प्राधिकरण की सबसे बड़ी ताकत होता है।
बढ़ी हुई आय से शहर में नई सड़कें, आवासीय योजनाएं, सार्वजनिक सुविधाएं, पार्क, जलनिकासी, यातायात प्रबंधन और अन्य आधारभूत विकास परियोजनाओं को तेज गति मिल सकेगी।
धार्मिक पर्यटन की बढ़ती संभावनाओं और तेजी से फैलते शहरी क्षेत्र को देखते हुए वाराणसी को आधुनिक सुविधाओं से लैस करना समय की आवश्यकता है। ऐसे में वीडीए की वित्तीय मजबूती भविष्य की विकास योजनाओं के लिए सकारात्मक संकेत मानी जा रही है।वीडीए का 'विकास मॉडल' हिट
सरकारी संस्थाओं की सफलता केवल बजट या संसाधनों पर निर्भर नहीं करती, बल्कि उनकी कार्यशैली, पारदर्शिता और जवाबदेही पर भी आधारित होती है।
वाराणसी विकास प्राधिकरण ने आठ महीनों में ₹358 करोड़ की आय अर्जित कर यह संदेश दिया है कि यदि प्रशासनिक इच्छाशक्ति मजबूत हो, प्रक्रियाएं सरल हों और भ्रष्टाचार व अनावश्यक विलंब पर अंकुश लगाया जाए, तो सरकारी संस्थाएं भी उत्कृष्ट परिणाम दे सकती हैं।
काशी आज आध्यात्मिक राजधानी
के साथ-साथ आधुनिक
शहरी विकास का भी नया
मॉडल बनने की दिशा
में आगे बढ़ रही
है। वीडीए की यह उपलब्धि
केवल एक वित्तीय रिकॉर्ड
नहीं, बल्कि उस बदलते प्रशासनिक
विश्वास की कहानी है,
जो आने वाले वर्षों
में वाराणसी के सुनियोजित और
समग्र विकास की मजबूत नींव
बन सकती है।






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