ग्रामीण युवाओं को मिलेगा स्वरोजगार का नया संबल
वाराणसी में
दोना-पत्तल
और
पॉपकॉर्न
मेकिंग
मशीनें
होंगी
निःशुल्क
वितरित,
10 जून
तक
करें
आवेदन
खादी एवं
ग्रामोद्योग
बोर्ड
की
पहल;
पारंपरिक
कारीगरों,
महिलाओं
और
युवाओं
को
आत्मनिर्भर
बनाने
की
तैयारी
"गांव में
ही
रोजगार,
हाथों
को
काम
और
परिवार
को
सम्मान"—
खादी
एवं
ग्रामोद्योग
बोर्ड
की
यह
योजना
ग्रामीण
उद्यमिता
को
नई
उड़ान
देने
की
दिशा
में
अहम
पहल
मानी
जा
रही
है
सुरेश गांधी
वाराणसी। ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत करने
और गांवों में स्वरोजगार के
नए अवसर सृजित करने
की दिशा में उत्तर
प्रदेश खादी एवं ग्रामोद्योग
बोर्ड ने महत्वपूर्ण पहल
की है। इसके तहत
वर्ष 2026-27 में वाराणसी जनपद
के पात्र लाभार्थियों को सेमी मोटराइज्ड
दोना मेकिंग मशीन तथा पॉपकॉर्न
मेकिंग मशीन का निःशुल्क
वितरण किया जाएगा। योजना
का उद्देश्य पारंपरिक कारीगरों, बेरोजगार युवाओं, महिलाओं और ग्रामोद्योग से
जुड़ने के इच्छुक लोगों
को आत्मनिर्भर बनाना है। "गांव में ही
रोजगार, हाथों को काम और
परिवार को सम्मान"— खादी
एवं ग्रामोद्योग बोर्ड की यह योजना
ग्रामीण उद्यमिता को नई उड़ान
देने की दिशा में
अहम पहल मानी जा
रही है।
खादी एवं ग्रामोद्योग
विभाग को मुख्यालय से
वाराणसी के लिए 10 सेमी
मोटराइज्ड दोना मेकिंग मशीन
और 10 पॉपकॉर्न मेकिंग मशीन वितरित करने
का लक्ष्य प्राप्त हुआ है। इसके
लिए इच्छुक अभ्यर्थियों से ऑनलाइन आवेदन
आमंत्रित किए गए हैं।
विभाग का मानना है
कि छोटी पूंजी में
शुरू होने वाले ये
उद्योग ग्रामीण क्षेत्रों में रोजगार का
मजबूत माध्यम बन सकते हैं
तथा परिवारों की आय बढ़ाने
में सहायक होंगे।
जिला ग्रामोद्योग अधिकारी यूपी सिंह ने
बताया कि दोना-पत्तल
निर्माण का व्यवसाय पर्यावरण
संरक्षण से भी जुड़ा
हुआ है। प्लास्टिक के
उपयोग पर बढ़ती रोक
और जैविक उत्पादों की मांग बढ़ने
के कारण दोना-पत्तल
उद्योग में रोजगार की
अपार संभावनाएं हैं। वहीं पॉपकॉर्न
निर्माण एवं बिक्री का
व्यवसाय भी कम लागत
में बेहतर आय का साधन
बन सकता है।
योजना के अंतर्गत आवेदन
केवल ऑनलाइन माध्यम से विभागीय वेबसाइट
पर स्वीकार किए जाएंगे। प्राप्त
आवेदनों की जांच के
बाद मुख्यालय के निर्देशानुसार जनपद
स्तर पर गठित चयन
समिति द्वारा पात्र लाभार्थियों का चयन किया
जाएगा। चयनित अभ्यर्थियों को निःशुल्क मशीनें
उपलब्ध कराई जाएंगी, जिससे
वे अपना स्वयं का
लघु उद्योग स्थापित कर सकें।
जिला ग्रामोद्योग अधिकारी यूपी सिंह ने
बताया कि आवेदन के
साथ अभ्यर्थियों को पासपोर्ट आकार
का फोटो, आधार कार्ड, निवास
प्रमाण पत्र, जाति प्रमाण पत्र,
शैक्षिक प्रमाण पत्र, राशन कार्ड अथवा
परिवार आईडी तथा मोबाइल
नंबर सहित आवश्यक दस्तावेज
प्रस्तुत करने होंगे। अभ्यर्थी
की आयु 18 वर्ष से 50 वर्ष
के बीच होनी चाहिए।
ऑनलाइन आवेदन करने के बाद
उसकी हार्ड कॉपी एवं समस्त
प्रमाण पत्रों की प्रतियां जिला
ग्रामोद्योग कार्यालय, टकटकपुर, वाराणसी में 10 जून तक जमा
करनी होंगी। निर्धारित तिथि के बाद
प्राप्त आवेदन स्वीकार नहीं किए जाएंगे।
खादी एवं ग्रामोद्योग
अधिकारी यूपी सिंह ने
बताया कि यह योजना
प्रधानमंत्री और प्रदेश सरकार
की आत्मनिर्भर भारत एवं आत्मनिर्भर
गांव की अवधारणा को
मजबूत करने की दिशा
में एक महत्वपूर्ण कदम
है। इससे ग्रामीण युवाओं
को स्थानीय स्तर पर रोजगार
उपलब्ध होगा, पलायन में कमी आएगी
और गांवों की आर्थिक गतिविधियों
को नई गति मिलेगी।
आवेदन के लिए जरूरी बातें
मशीनें पूरी तरह निःशुल्क
वितरित होंगी
वाराणसी को 10 दोना मेकिंग और
10 पॉपकॉर्न मेकिंग मशीनों का लक्ष्य
आयु सीमा : 18 से
50 वर्ष
आवेदन की अंतिम तिथि
: 10 जून 2026
आवेदन वेबसाइट पर ऑनलाइन करना
होगा
हार्ड कॉपी जिला ग्रामोद्योग
कार्यालय, टकटकपुर में जमा करनी
होगी
अधिक जानकारी के
लिए संपर्क : 9580503155

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