Thursday, 16 July 2026

पीओके में भी लहराएगा तिरंगा, भारत अब न किसी को डराता है, न किसी से डरता

पीओके में भी लहराएगा तिरंगा, भारत अब किसी को डराता है, किसी से डरता

उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य बोलेसर्जिकल स्ट्राइक, एयर स्ट्राइक और ऑपरेशन सिंदूर ने बदल दी दुनिया की सोच; विकसित भारत के लिए गांवों को बनाना होगा विकास का केंद्र

सुरेश गांधी

वाराणसी। उत्तर प्रदेश के उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य ने कहा कि देश आज आत्मविश्वास के नए दौर में प्रवेश कर चुका है। भारत अब किसी को डराता है और ही किसी के दबाव में झुकता है। आतंकवाद के खिलाफ भारत की निर्णायक कार्रवाई ने पूरी दुनिया को स्पष्ट संदेश दिया है कि देश अपनी सुरक्षा और संप्रभुता से किसी भी प्रकार का समझौता नहीं करेगा। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि जिस तरह देश ने जम्मू-कश्मीर में नई परिस्थितियां निर्मित की हैं, उसी प्रकार एक दिन पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर (पीओके) में भी तिरंगा शान से लहराएगा।

रुद्राक्ष कन्वेंशन सेंटर में आयोजित श्विकसित भारत जी राम जी अधिनियम-2025श् के प्रथम पंच सम्मेलन के बाद पत्रकारों से बातचीत करते हुए उप मुख्यमंत्री एवं ग्राम्य विकास मंत्री केशव प्रसाद मौर्य ने कहा कि देशवासियों, विशेषकर रामभक्तों, कृष्णभक्तों और शिवभक्तों का विश्वास है कि राष्ट्रहित की हर लड़ाई में अंततः भारत की ही विजय होगी। वर्षों पहले जम्मू-कश्मीर के लाल चौक पर तिरंगा फहराना भी चुनौती माना जाता था। उस समय राष्ट्रभक्तों को आतंकवादियों की धमकियों, पत्थरबाजी, लाठीचार्ज और गोलियों का सामना करना पड़ता था, लेकिन आज वही कश्मीर बदलते भारत की नई तस्वीर प्रस्तुत कर रहा है।

आतंकवाद पर जीरो टॉलरेंस की नीति

उपमुख्यमंत्री ने कहा कि आतंकवादी घटनाओं का भारत ने जिस दृढ़ता और साहस से जवाब दिया है, उसे पाकिस्तान ही नहीं बल्कि पूरी दुनिया ने देखा है। चाहे सर्जिकल स्ट्राइक हो, एयर स्ट्राइक हो या ऑपरेशन सिंदूर, प्रत्येक कार्रवाई ने यह सिद्ध किया कि भारत अपनी सुरक्षा के लिए हर आवश्यक कदम उठाने में सक्षम है। उन्होंने कहा कि आज किसी भी शत्रु देश में भारत की सैन्य शक्ति और राजनीतिक इच्छाशक्ति को लेकर कोई भ्रम नहीं है। उन्होंने कहा कि भारत की नीति स्पष्ट है भारत किसी पर आक्रमण की मंशा नहीं रखता, लेकिन यदि देश की सुरक्षा, सम्मान और संप्रभुता को चुनौती दी जाएगी तो उसका करारा जवाब दिया जाएगा।

अब लक्ष्य विकसित भारत-2047

केशव प्रसाद मौर्य ने कहा कि अब समय केवल राजनीतिक चर्चा का नहीं, बल्कि विकसित भारत के निर्माण का है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में देश वर्ष 2047 तक विकसित राष्ट्र बनने की दिशा में आगे बढ़ रहा है। इस लक्ष्य की प्राप्ति तभी संभव होगी जब उत्तर भारत और पूर्वी भारत के वे क्षेत्र, जो लंबे समय तक विकास की मुख्यधारा से पीछे रहे, उन्हें तेजी से आगे बढ़ाया जाए। उन्होंने कहा कि गांवों का विकास ही विकसित भारत की सबसे मजबूत नींव बनेगा। प्रत्येक ग्राम सभा को शिक्षा, स्वास्थ्य, सड़क, आवास, स्वच्छता, रोजगार और डिजिटल सुविधाओं के मामले में आत्मनिर्भर बनाना होगा। उन्होंने उपस्थित लोगों से आह्वान किया कि वे अपने गांवों को ऐसा मॉडल बनाएं, जिसे पूरा प्रदेश और देश अपनाने का प्रयास करे।

गरीबों के जीवन में बदलाव ला रही योजनाएं

उपमुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री आवास योजना सहित अनेक जनकल्याणकारी योजनाओं के माध्यम से गरीबों के जीवन में सकारात्मक परिवर्तन आया है। उत्तर प्रदेश को बड़ी संख्या में आवास मिले हैं और आगे भी अधिक पात्र परिवारों को योजना से जोड़ने के लिए केंद्र सरकार से लगातार संवाद किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि सरकार का उद्देश्य है कि कोई भी गरीब परिवार पक्के घर से वंचित रहे। उन्होंने बताया कि ग्रामीण विकास, सड़क निर्माण, रोजगार सृजन, सिंचाई, पेयजल और बुनियादी सुविधाओं पर बड़े पैमाने पर निवेश किया जा रहा है, जिससे गांवों से पलायन रुके और स्थानीय स्तर पर रोजगार के नए अवसर पैदा हों।

जनप्रतिनिधियों और जनता से किया आह्वान

उन्होंने कहा कि विधायक, सांसद, ग्राम प्रधान और जनप्रतिनिधि केवल योजनाओं के लाभार्थियों की सूची तक सीमित रहें, बल्कि गांवों के समग्र विकास का विजन तैयार करें। यदि स्थानीय स्तर पर कोई बेहतर सुझाव आएगा तो सरकार उस पर गंभीरता से विचार करेगी। उन्होंने कहा कि सरकार और समाज मिलकर ही विकसित भारत का सपना साकार कर सकते हैं। इसके लिए जनभागीदारी सबसे बड़ी शक्ति है।

बाबा विश्वनाथ और काल भैरव का लिया आशीर्वाद

अपने संबोधन के समापन पर उपमुख्यमंत्री ने बाबा विश्वनाथ और काल भैरव का स्मरण करते हुए प्रदेश और देश की समृद्धि की कामना की। उन्होंने उपस्थित लोगों से विकसित भारत के संकल्प को जन-आंदोलन बनाने का आह्वान किया और पूरे उत्साह के साथ 'जय श्रीराम' तथा 'भारत माता की जय' के उद्घोष के बीच अपना संबोधन समाप्त किया।

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