Thursday, 16 July 2026

'विकसित पंचायत' से बनेगा विकसित भारत

काशी से गांवों के विकास का नया मंत्र

'विकसित पंचायत' से बनेगा विकसित भारत 

वाराणसी से उप मुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य का संदेश : 'जी राम जी' कानून से बदलेगी पंचायतों की तस्वीर, नरेगा की बंदरबांट नहीं, स्थायी विकास होगा

चार राज्यों के पंच सम्मेलन में बोले—25 करोड़ लोगों को गरीबी से बाहर निकालना मोदी सरकार की सबसे बड़ी उपलब्धि, गांव छोड़ने नहीं, गांव संवारने का समय

गांवों में रोजगार, महिलाओं को उद्यम और विकास का 25 साल का रोडमैप

चार राज्यों के पंच सम्मेलन से ग्रामीण भारत के लिए बड़ा संदेश

सुरेश गांधी

वाराणसी। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के संसदीय क्षेत्र काशी से गुरुवार को ग्रामीण भारत के भविष्य का नया खाका खींचने का प्रयास हुआ। रुद्राक्ष कन्वेंशन सेंटर में आयोजित 'विकसित भारत जी राम जी अधिनियम-2025' के प्रथम पंच सम्मेलन में उत्तर प्रदेश, उत्तराखंड, बिहार और झारखंड के हजारों पंचायत प्रतिनिधियों के बीच उप मुख्यमंत्री एवं ग्राम्य विकास मंत्री केशव प्रसाद मौर्य ने गांवों को विकसित भारत की सबसे बड़ी ताकत बताते हुए कहा कि अब योजनाओं का उद्देश्य केवल मजदूरी देना नहीं, बल्कि आत्मनिर्भर, आधुनिक और समृद्ध गांव तैयार करना है। उन्होंने कहा कि आने वाला समय भारत का है और उत्तर प्रदेश तथा पूरे उत्तर भारत का है। विकसित भारत का सपना तभी साकार होगा, जब गांव विकास के नए मॉडल बनेंगे। ग्राम पंचायतें केवल प्रशासनिक इकाई नहीं, बल्कि विकसित भारत की आधारशिला बनेंगी।

'नरेगा की बंदरबांट' से आगे बढ़कर स्थायी विकास का दावा

केशव प्रसाद मौर्य ने पूर्ववर्ती व्यवस्था पर निशाना साधते हुए कहा कि पुरानी नरेगा योजना में केवल धन की बंदरबांट होती थी। कई स्थानों पर हर वर्ष एक ही गड्ढा खोदने जैसी शिकायतें सामने आती थीं। उन्होंने कहा कि 'विकसित भारत जी राम जी अधिनियम' के माध्यम से ग्राम पंचायतों में स्थायी परिसंपत्तियों का निर्माण, आधारभूत ढांचे का विकास, रोजगार, शिक्षा, स्वास्थ्य और आजीविका को एकीकृत रूप से जोड़ा गया है। उन्होंने कहा कि नई व्यवस्था में पीएम गतिशक्ति जैसी योजनाओं के साथ समन्वय स्थापित कर कार्यों की पुनरावृत्ति (डुप्लीकेसी) रोकी जाएगी, जिससे सरकारी धन का बेहतर उपयोग सुनिश्चित होगा।

25 करोड़ लोगों को गरीबी से बाहर निकालना ऐतिहासिक उपलब्धि

उप मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में देश ने अभूतपूर्व परिवर्तन देखा है। उनके अनुसार प्रधानमंत्री के प्रयासों से 25 करोड़ से अधिक लोग गरीबी रेखा से बाहर आए हैं। प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत जितने पक्के मकान वर्तमान सरकार में बने, उतने पहले कभी नहीं बने। गरीबों को मुफ्त राशन, आयुष्मान भारत योजना के तहत उपचार और अन्य जनकल्याणकारी योजनाओं ने सामाजिक सुरक्षा को मजबूत किया है। उन्होंने कहा कि सरकार का उद्देश्य केवल योजनाएं बनाना नहीं, बल्कि उनका लाभ अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाना है।

ऐसा काम करें कि आपके नाम पर फिर प्रधान चुना जाए

पंचायत प्रतिनिधियों को संबोधित करते हुए केशव मौर्य ने कहा कि ऐसा काम कीजिए कि अगली बार जनता आपके विकास कार्यों के आधार पर ही नेतृत्व सौंपे। पंचायतें गांवों का ऐसा विकास मॉडल तैयार करें, जिसे दूसरे जिले और राज्य भी अपनाना चाहें। उन्होंने कहा कि प्रशासनिक मद में धनराशि छह प्रतिशत से बढ़ाकर नौ प्रतिशत की गई है। प्रदेश में महिलाओं को आर्थिक रूप से मजबूत बनाने के लिए महिला उद्यमी क्रेडिट कार्ड योजना शुरू की जाएगी। स्वयं सहायता समूहों के माध्यम से गांवों में बड़े स्तर पर उत्पादन इकाइयां और रोजगार के अवसर विकसित किए जाएंगे।

गांव छोड़ने की मजबूरी खत्म होगी

उप मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार की प्राथमिकता है कि रोजगार, शिक्षा, स्वास्थ्य और बुनियादी सुविधाएं गांवों में ही उपलब्ध हों ताकि लोगों को शहरों की ओर पलायन करना पड़े। उन्होंने पंचायत प्रतिनिधियों से अगले 25 वर्षों का विकास रोडमैप तैयार करने का आह्वान करते हुए कहा कि विकसित पंचायत ही विकसित उत्तर प्रदेश और विकसित भारत की पहचान बनेगी। उन्होंने कहा कि सरकार ' खाऊंगा, खाने दूंगा' की नीति पर पूरी प्रतिबद्धता के साथ कार्य कर रही है।

वाराणसी की विकास परियोजनाओं का भी किया उल्लेख

केशव मौर्य ने वाराणसी के लिए स्वीकृत लगभग 25 हजार करोड़ रुपये की एलिवेटेड सड़क परियोजनाओं का उल्लेख करते हुए इसे काशी के विकास की ऐतिहासिक उपलब्धि बताया। उन्होंने कहा कि काशी, प्रयागराज, गोरखपुर, कानपुर सहित पूरे प्रदेश में तेजी से आधारभूत ढांचे का विस्तार हो रहा है। उन्होंने कानून-व्यवस्था, नक्सलवाद पर नियंत्रण तथा जम्मू-कश्मीर से अनुच्छेद-370 हटाने को भी सरकार की प्रमुख उपलब्धियों में गिनाया।

अब एक ही गड्ढा बार-बार नहीं खोदा जाएगा : कमलेश पासवान

केंद्रीय ग्रामीण विकास राज्य मंत्री कमलेश पासवान ने कहा कि देश की लगभग 70 प्रतिशत आबादी गांवों में रहती है और ग्रामीण भारत का विकास ही विकसित भारत की असली आधारशिला है। उन्होंने कहा कि 'विकसित भारत जी राम जी योजना' अगले 25 वर्षों के ग्रामीण विकास का रोडमैप है। उन्होंने मनरेगा की पुरानी कार्यप्रणाली पर टिप्पणी करते हुए कहा कि अब हर वर्ष एक ही गड्ढा खोदने की प्रवृत्ति समाप्त होगी। पंचायतों को स्थायी परिसंपत्तियां बनाने, स्वयं सहायता समूहों को बाजार उपलब्ध कराने तथा ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत करने पर ध्यान देना होगा। उन्होंने कहा कि पिछले डेढ़ दशक में काशी का जो कायाकल्प हुआ है, वह पूरे देश के सामने उदाहरण है। श्री काशी विश्वनाथ धाम बनने के बाद धार्मिक पर्यटन में अभूतपूर्व वृद्धि हुई है और करोड़ों श्रद्धालु हर वर्ष काशी पहुंच रहे हैं।

125 दिन रोजगार की व्यवस्था का उल्लेख

ग्राम्य विकास आयुक्त जी.एस. प्रियदर्शी ने बताया कि एक जुलाई 2026 से लागू नए कानून के तहत आयोजित यह पहला पंच सम्मेलन है। उन्होंने कहा कि रोजगार की अवधि 100 दिनों से बढ़ाकर 125 दिन कर दी गई है, जिससे ग्रामीण परिवारों को अधिक रोजगार उपलब्ध होगा। संयुक्त सचिव, ग्रामीण विकास मंत्रालय रोहिणी आर.जी. ने बताया कि देशभर के 2.80 लाख ग्रामों में नई व्यवस्था लागू की गई है। पंचायतों की जिम्मेदारी केवल रोजगार उपलब्ध कराना नहीं, बल्कि विकसित ग्राम का मॉडल तैयार करना भी होगी। उन्होंने बताया कि पिछले दो सप्ताह में दो करोड़ से अधिक रोजगार सृजित किए गए हैं।

चार राज्यों के पंचायत प्रतिनिधियों की रही भागीदारी

सम्मेलन में उत्तर प्रदेश, उत्तराखंड, बिहार और झारखंड के पंचायत प्रतिनिधियों ने भाग लिया। कार्यक्रम में केंद्रीय राज्य मंत्री कमलेश पासवान, केंद्रीय राज्य मंत्री हंसराज विश्वकर्मा, जिला पंचायत अध्यक्ष पूनम मौर्य, एमएलसी धर्मेंद्र सिंह, विधायक सौरभ श्रीवास्तव, त्रिभुवन राम, जिलाधिकारी सत्येंद्र कुमार, मुख्य विकास अधिकारी प्रखर कुमार सहित बड़ी संख्या में जनप्रतिनिधि और अधिकारी उपस्थित रहे।

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