काशी में तिरंगे का महाअभियानकाशी में तिरंगे का महाअभियान
आज से
16 जिलों
में
राष्ट्रभक्ति
की
पदयात्रा,
13 अगस्त
को
जिला-महानगरों
में
जनसैलाब
के
बीच
भव्य
तिरंगा
यात्राएं
• युवा मोर्चा
अग्रिम
पंक्ति
में,
महिला
मोर्चा
समेत
सभी
संगठन
सक्रिय
• शहीद स्थलों
पर
स्वच्छता-पुष्पांजलि
• 14 अगस्त को
विभाजन
विभीषिका
स्मृति
दिवस
पर
मौन
जुलूस
सुरेश गांधी
वाराणसी. सावन की आध्यात्मिक
धड़कनों के बीच काशी
आज राष्ट्रभक्ति के रंग में
भीग उठी। प्रधानमंत्री नरेंद्र
मोदी के आह्वान से
प्रारंभ हुआ हर घर
तिरंगा अभियान अब जनभागीदारी के
विराट उत्सव का रूप ले
चुका है। इसी कड़ी
में भारतीय जनता पार्टी के
काशी क्षेत्र में सोमवार से
तिरंगा यात्रा अभियान का शुभारंभ हो
गया। वाराणसी जिला और महानगर
सहित काशी क्षेत्र के
सभी 16 जिलों में 10 से 12 अगस्त तक मंडल और
वार्ड स्तर पर एक
से दो किमी लंबी
तिरंगा यात्राएं निकाली जाएंगी, जबकि 13 अगस्त को जिला मुख्यालयों
और महानगरों में समाज के
सभी वर्गों की सहभागिता से
भव्य तिरंगा यात्राओं का आयोजन होगा।
यह अभियान केवल
राजनीतिक कार्यक्रम नहीं, बल्कि स्वतंत्रता संग्राम की स्मृतियों को
जनमानस से जोड़ने और
राष्ट्रीय एकता की भावना
को पुनः जागृत करने
का प्रयास माना जा रहा
है। काशी की [7:34 pm, 10/8/2026] Suresh Gandhi: गलियों, कस्बों और गांवों में
तिरंगे के साथ निकलने
वाली यात्राएं राष्ट्रध्वज के प्रति सम्मान,
शहीदों के प्रति कृतज्ञता
और लोकतांत्रिक चेतना के सामूहिक उत्सव
का दृश्य उपस्थित करेंगी। यह अभियान स्वतंत्रता दिवस को केवल
औपचारिक ध्वजारोहण तक सीमित न
रखकर उसे जनभागीदारी के
व्यापक उत्सव में बदलने का
प्रयास है। काशी की
सांस्कृतिक चेतना में तिरंगे की
यह यात्रा यदि नागरिक उत्तरदायित्व,
सामाजिक सद्भाव और राष्ट्रीय एकता
की भावना को और प्रगाढ़
करती है, तो यह
अभियान स्वतंत्रता पर्व की आत्मा
को नई पीढ़ी तक
पहुंचाने में सफल माना
जाएगा। सावन की भक्ति
और स्वतंत्रता की स्मृति के
संगम पर काशी आज
तिरंगे के साथ एक
नए राष्ट्रीय उत्सव की ओर बढ़ती
दिखाई दे रही है।
रोहनिया स्थित भाजपा काशी क्षेत्र कार्यालय
में आयोजित बैठक को संबोधित
करते हुए क्षेत्रीय अध्यक्ष
अशोक चौरसिया ने कहा कि
सभी 16 जिलों से प्राप्त रिपोर्ट
के अनुसार 13 अगस्त के मुख्य आयोजन
की तैयारियां लगभग पूर्ण कर
ली गई हैं। उन्होंने
कहा कि तिरंगा किसी
दल का प्रतीक नहीं,
बल्कि राष्ट्र की आत्मा का
ध्वज है। अभियान का
उद्देश्य हर नागरिक को
भारत की गौरवगाथा से
जोड़ना और अखंडता की
भावना को सुदृढ़ करना
है। उन्होंने याद दिलाया कि
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने वर्ष
2022 में हर घर तिरंगा
अभियान का आह्वान करते
समय यह संदेश दिया
था कि स्वतंत्रता केवल
इतिहास की घटना नहीं,
बल्कि प्रत्येक नागरिक की जीवित चेतना
है। आज वही अभियान
गांव-गांव, घर-घर और
जन-जन तक पहुंचकर
राष्ट्रीय उत्सव का रूप धारण
कर चुका है।
अशोक चौरसिया ने
उत्तर प्रदेश की स्वतंत्रता संग्राम
में भूमिका का उल्लेख करते
हुए कहा कि प्रथम
स्वाधीनता संग्राम से लेकर अंतिम
निर्णायक संघर्ष तक इस भूमि
ने असंख्य बलिदान दिए। मंगल पांडेय,
तात्या टोपे, रानी लक्ष्मीबाई, बिजली
पासी, ऊदा देवी, पंडित
राम प्रसाद बिस्मिल, अशफाक उल्ला खान और चंद्रशेखर
आजाद जैसे अमर सेनानियों
ने अपने रक्त से
स्वतंत्रता की ज्योति प्रज्ज्वलित
रखी। तिरंगा उनके सर्वोच्च बलिदान
का पावन प्रतीक है
और उसे सम्मान देना
उन शहीदों के प्रति राष्ट्र
की सामूहिक श्रद्धांजलि है। अभियान की
विशेषता यह होगी कि
इसमें भाजपा के सभी मोर्चों
और प्रकोष्ठों की सक्रिय भागीदारी
रहेगी। भारतीय जनता युवा मोर्चा
तिरंगा यात्राओं में अग्रणी भूमिका
निभाएगा, जबकि महिला मोर्चा
सहित अन्य संगठन भी
व्यापक जनसंपर्क और सहभागिता सुनिश्चित
करेंगे। विद्यालयों, महाविद्यालयों, सामाजिक संगठनों, व्यापारिक संस्थाओं और स्थानीय नागरिकों
को भी इसमें जोड़ने
की तैयारी की गई है।
स्वतंत्रता पर्व को सेवा
और स्मरण से जोड़ते हुए
12 से 14 अगस्त तक शहीद स्थलों,
स्वतंत्रता सेनानी स्मारकों और महत्वपूर्ण सार्वजनिक
स्थानों पर स्वच्छता अभियान
चलाया जाएगा। महापुरुषों और शहीदों की
प्रतिमाओं पर पुष्पांजलि अर्पित
कर उनके योगदान को
याद किया जाएगा। अभियान
के आयोजकों का मानना है
कि राष्ट्रभक्ति केवल नारों से
नहीं, बल्कि सार्वजनिक जीवन की स्वच्छता
और सामाजिक उत्तरदायित्व से भी प्रकट
होती है। 14 अगस्त को विभाजन विभीषिका
स्मृति दिवस के अवसर
पर सभी जिलों में
मौन जुलूस निकाले जाएंगे। प्रतिभागी बैनर और प्ले-कार्ड लेकर उन लाखों
लोगों की स्मृति को
नमन करेंगे जिन्होंने देश विभाजन की
त्रासदी झेली। जिला स्तर पर
संगोष्ठियों का आयोजन कर
विभाजन से जुड़े संस्मरणों
के माध्यम से नई पीढ़ी
को इतिहास की उस पीड़ा
से परिचित कराया जाएगा। आयोजकों के अनुसार यह
कार्यक्रम राष्ट्रीय एकता और सामाजिक
सौहार्द का संदेश देने
का महत्वपूर्ण माध्यम बनेगा।
अभियान के सफल संचालन
के लिए क्षेत्रीय स्तर
पर विशेष समिति गठित की गई
है। नागेश्वर देव पांडेय को
संयोजक तथा शैलेंद्र मौर्य,
नम्रता चौरसिया, अजीत रावत और
देवेंद्र मौर्य को सहसंयोजक बनाया
गया है। समिति प्रतिदिन
कार्यक्रमों की समीक्षा करेगी
और सभी 16 जिलों में गतिविधियों की
मॉनिटरिंग करेगी। बैठक में राकेश
शर्मा, डॉ. सुदामा पटेल,
राजेश राजभर, नवरतन राठी, अनिल श्रीवास्तव, डॉ.
उत्तम ओझा, सुरेश सिंह,
अमित राय, विपिन पाठक,
श्रीप्रकाश शुक्ला, पीयूष वर्धन सिंह, शैलेंद्र मिश्रा, सुरेंद्र पटेल और संजीव
चौरसिया सहित अनेक पदाधिकारी
उपस्थित रहे।
अभियान एक नजर में
तिरंगा यात्राएं 10–12 अगस्त
मुख्य जिला/महानगर आयोजन
13 अगस्त
शहीद स्थलों पर
स्वच्छता-पुष्पांजलि 12–14 अगस्त
विभाजन विभीषिका स्मृति दिवस 14 अगस्त
जिले 16
यात्रा लंबाई 1–2 किमी
अशोक चौरसिया, क्षेत्रीय
अध्यक्ष
“तिरंगा किसी दल का
नहीं, राष्ट्र की आत्मा का
ध्वज है। इसका सम्मान
शहीदों के बलिदान को
नमन और राष्ट्रीय एकता
को मजबूत करने का संकल्प
है।”

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