Wednesday, 26 August 2026

आठ नदियों का जल, शिवभक्ति का सैलाब

आठ नदियों का जल, सड़कों पर जलाभिषेक को उमड़ा शिवभक्ति का सैलाब 

गौदौलिया से बाबा दरबार तक निकली वैश्य समाज की भव्य जलाभिषेक यात्रा, हाथी-घोड़े और शिव-पार्वती की झांकियों ने मोहा मन

सिर पर कलश, जुबां पर हर-हर महादेव... गोपी रूप में गरबा और भजनों ने बांधा समां; मंत्री रविंद्र जायसवाल ने परिवार संग किया रुद्राभिषेक, शंकराचार्य चौराहे पर सजी भक्ति की सांस्कृतिक शाम

5000 कलश पूजन से शुरू हुई यात्रा, पौधरोपण से दिया पर्यावरण संरक्षण का संदेश

सुरेश गांधी

वाराणसी. सावन के अंतिम बुधवार को काशी की गलियां उस समय शिवभक्ति के रंग में रंग गईं, जब सर्व वैश्य समाज समिति, काशी के आह्वान पर वैश्य समाज की भव्य जलाभिषेक यात्रा निकली। सिर पर आठ पवित्र नदियों के जल से भरे कलश लिए महिलाओं और पुरुषों की कतार, आगे चलते हाथी-घोड़े, भगवान भोलेनाथ और मां पार्वती की झांकियां और गूंजता हर-हर महादेव का जयघोष... मानो पूरी काशी बाबा विश्वनाथ के दरबार की ओर उमड़ पड़ी हो।

जलाभिषेक यात्रा का शुभारंभ मारवाड़ी समाज भवन, लक्सा में 5000 कलशों के पूजन के साथ हुआ। मंत्री रविंद्र जायसवाल की अध्यक्षता में निकली शोभायात्रा में गणेश जी, हनुमान जी और माता काली के स्वरूप, बैंड-बाजा, डमरू दल तथा नंदी पर विराजमान भगवान शिव-पार्वती की झांकी आकर्षण का केंद्र रही। शंखवादन करती महिलाएं और सिर पर कलश धारण किए वैश्य समाज की महिलाएं यात्रा की शोभा बढ़ा रही थीं। बड़ी संख्या में महिला, पुरुष और बच्चे भक्ति धुनों पर नाचते-गाते बाबा के दरबार की ओर बढ़े। समिति के संरक्षक एवं प्रदेश सरकार के मंत्री रविंद्र जायसवाल ने यात्रा की अगुवाई की। आठ नदियों के जल से भरे इन कलशों को बाबा विश्वनाथ के चरणों में अर्पित करने के लिए श्रद्धालुओं में विशेष उत्साह दिखा।

यात्रा में धार्मिक आस्था के साथ काशी की लोक संस्कृति भी कदमताल करती नजर आई। भगवान शिव और माता पार्वती की आकर्षक झांकियां लोगों का ध्यान खींच रही थीं। हाथी-घोड़ों की मौजूदगी ने यात्रा की भव्यता बढ़ा दी। वहीं गोपी रूप में सजी महिलाओं और युवतियों ने गरबा की प्रस्तुति देकर माहौल में रंग भर दिया। रास्ते भर श्रद्धालु भक्ति गीतों पर झूमते और बाबा के जयकारे लगाते रहे।

कलश में आठ नदियों की धार, मंजिल बाबा का दरबार

शोभायात्रा निर्धारित मार्ग से होती हुई श्री काशी विश्वनाथ धाम पहुंची। यहां श्रद्धालुओं ने क्रमवार बाबा विश्वनाथ का जलाभिषेक किया। आठ नदियों के जल से बाबा के अभिषेक के दौरान पूरा परिसर हर-हर महादेव के उद्घोष से गूंज उठा। मंत्री रविंद्र जायसवाल ने भी परिवार के साथ बाबा विश्वनाथ का रुद्राभिषेक किया। उन्होंने बाबा से काशी, प्रदेश और देश की सुख-समृद्धि तथा सभी के स्वस्थ और मंगलमय जीवन की कामना की।

बाबा के दरबार में आने की इच्छा हो तो रास्ता

खुद बन जाता है : रविंद्र जायसवाल

कार्यक्रम के दौरान अपने संबोधन में रविंद्र जायसवाल ने कहा कि सावन में बाबा विश्वनाथ के दर्शन की इच्छा हर सनातनी के मन में होती है। कई बार श्रद्धालु भीड़ और व्यवस्थाओं को देखकर सोचते हैं कि बाबा के दर्शन कैसे होंगे, लेकिन जब मन में सच्ची आस्था होती है तो रास्ता अपने आप बन जाता है। उन्होंने कहा कि सावन के अंतिम बुधवार को स्थानीय लोगों और समाज के उन श्रद्धालुओं के लिए विशेष आयोजन किया जाता है, जो किसी कारण से नियमित रूप से बाबा का दर्शन नहीं कर पाते। आठ नदियों के जल से बाबा का अभिषेक इसी भावना का प्रतीक है। उन्होंने आयोजन की सराहना करते हुए कहा कि दर्शन के बाद भजन और फिर भंडाराबाबा के दरबार में दो-चार घंटे बैठकर भक्ति में डूबने से बड़ा सौभाग्य क्या हो सकता है। ऐसे आयोजन समाज में सौहार्द और एकजुटता को मजबूत करते हैं।

सनातन के लिए जिए हैं, सनातन के लिए जीते रहेंगे : रविंद्र

मंत्री ने कहा कि उनका जीवन सनातन संस्कृति और समाज की सेवा के लिए समर्पित है। उन्होंने परिवारों से आग्रह किया कि वे अपने बच्चों को भगवान, धर्म और सनातन की परंपराओं से जोड़ें। केवल पुस्तकीय ज्ञान नहीं, बल्कि कथा और संस्कारों के माध्यम से बच्चों को अपनी जड़ों से परिचित कराएं। उन्होंने कहा कि आज की पीढ़ी को आस्था और विश्वास का अर्थ समझाने की जरूरत है। आस्था कुतर्क नहीं, विश्वास है। उन्होंने अभिभावकों से बच्चों को भारतीय संस्कृति और धार्मिक परंपराओं की जानकारी देने की अपील की। उन्होंने युवाओं और विशेषकर बेटियों को सावधान करते हुए कहा कि वे किसी के बहकावे में आएं और अपने संस्कार, परिवार तथा संस्कृति से जुड़े रहें।

काशी में मंदिर बढ़ा तो रास्ते भी चौड़े होने लगे : रविंद्र

रविंद्र जायसवाल ने काशी विश्वनाथ धाम के विकास और श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए किए जा रहे कार्यों का भी उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि बाबा का भव्य धाम बनने के साथ श्रद्धालुओं की सुविधाओं का विस्तार हुआ है। आसपास की गलियों और मार्गों को चौड़ा किया जा रहा है, जिससे देश-दुनिया से आने वाले श्रद्धालुओं को बाबा के दरबार तक पहुंचने में सहूलियत हो। उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के प्रयासों का उल्लेख करते हुए कहा कि काशी में विकास और सनातन संस्कृति का संरक्षण साथ-साथ आगे बढ़ रहा है।

शंकराचार्य चौराहे पर भजनों ने बांधा समां

जलाभिषेक के बाद शंकराचार्य चौराहे पर सांस्कृतिक कार्यक्रम का आयोजन हुआ। प्रसिद्ध भजन गायक शेखर जायसवाल ने शिव और भक्ति से जुड़े भजनों की प्रस्तुति से ऐसा समां बांधा कि श्रद्धालु झूम उठे। भजनों की स्वर लहरियों और हर-हर महादेव के उद्घोष से पूरा वातावरण भक्तिरस में डूब गया।  नमस्तुभ्यम्सांस्कृतिक कार्यक्रम का शुभारंभ दीप प्रज्ज्वलन से हुआ। आयोजन के अंत में श्रद्धालुओं के लिए भंडारे का आयोजन किया गया। समिति की ओर से प्रयास रहा कि समाज के लोग केवल बाबा का दर्शन और जलाभिषेक ही करें, बल्कि कुछ समय बाबा की भक्ति, भजन और प्रसाद के साथ सामूहिक रूप से बिताएं। आठ नदियों का जल जब कलशों में सिमटकर बाबा के चरणों तक पहुंचा तो यह सिर्फ जलाभिषेक नहीं थायह काशी में आस्था, परंपरा, संस्कृति और सामाजिक एकता की एक साथ बहती धारा थी।

जगह-जगह पुष्पवर्षा से स्वागत

गिरजाघर, गोदौलिया और बांसफाटक चौक पर व्यापारी समूहों, सामाजिक संस्थाओं और विभिन्न संगठनों ने शोभायात्रा का पुष्पवर्षा एवं माल्यार्पण कर स्वागत किया। बाबा दरबार पहुंचकर श्रद्धालुओं ने जल, बेलपत्र और पुष्प अर्पित किए। गंगा, यमुना, सरस्वती, सरयू समेत विभिन्न पावन नदियों के जल के साथ दूध, पंचामृत और गन्ने के रस से भी बाबा का अभिषेक किया गया।एक पेड़ मां के नामका संदेश : प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के आह्वानएक पेड़ मां के नामको साकार करते हुए मंत्री रविंद्र जायसवाल ने विश्वनाथ मंदिर कॉरिडोर में रुद्राक्ष का पौधा रोपा। श्रद्धालुओं में बेल, रुद्राक्ष, सिंदूर, पीपल, आम, अमरूद और अशोक समेत फलदार छायादार पौधे भी वितरित किए गए।

बाबा के भक्तों ने लिया बनारसी स्वाद

विश्वनाथ धाम के गंगा द्वार पर माता अन्नपूर्णा के प्रसाद स्वरूप भंडारे की व्यवस्था की गई। भक्तों को बनारसी कचौड़ी-सब्जी और जलेबी का प्रसाद वितरित किया गया। आयोजन में वाराणसी के अलावा देश के विभिन्न शहरों से वैश्य समाज के प्रतिनिधि और बड़ी संख्या में श्रद्धालु शामिल हुए।

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