मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ करेंगे 50वें गोल्डन जुबली इंडिया कार्पेट एक्सपो का उद्घाटन; 65 देशों के 430 विदेशी खरीदार, 223 से अधिक प्रदर्शक जुटेंगे
भदोही में गोल्डन जुबली एक्सपो का महासंगम नहीं, वैश्विक कारोबार
50वें गोल्डन जुबली
इंडिया
कार्पेट
एक्सपो
में
223 से
अधिक
प्रदर्शक;
BRICS देशों
के
106 खरीदार
भी
पहुंचे,
वैश्विक
बाजार
में
भारतीय
कालीन
की
नई
उड़ान
एमएसएमई
मंत्री
भूपेंद्र
चौधरी,
प्रमुख
सचिव
शशि
भूषण
लाल
सुशील,
सांसद
भदोही
डॉ.
विनोद
कुमार
बिंद,
विधायक
औराई
दीनानाथ
भास्कर,
विधायक
ज्ञानपुर
विपुल
दुबे
, जिला पंचायत अध्यक्ष
अनिरुद्ध
त्रिपाठी,
विंध्याचल
मंडलायुक्त
राजेश
प्रकाश
तथा
जिलाधिकारी
भदोही
शैलेष
कुमार
की
गरिमामयी
उपस्थिति
एवं
आशीर्वाद
प्राप्त
होगा
सुरेश गांधी
भदोही। धागे-धागे में हुनर, गांठ-गांठ में परंपरा और रंगों में सदियों की विरासत...। भदोही की धरती एक बार फिर उस कला की वैश्विक मेजबानी के लिए तैयार है, जिसने इस कालीन नगरी को दुनिया के नक्शे पर अलग पहचान दी है। हाथों की महीन कारीगरी से बुने भारतीय कालीन अब केवल फर्श की खूबसूरती नहीं, बल्कि भारत की शिल्प-संस्कृति, रचनात्मकता और निर्यात क्षमता के दूत बनकर दुनिया के बाजारों तक पहुंच रहे हैं। इसी विरासत का उत्सव 50वें गोल्डन जुबली इंडिया कार्पेट एक्सपो में दिखाई देगा। कारपेट एक्सपोर्ट प्रमोशन काउंसिल (CEPC) की ओर से 04 से 07 अक्टूबर 2026 तक कार्पेट एक्सपो मार्ट, भदोही में इंडिया कार्पेट एक्सपो का आयोजन किया जा रहा है।
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ 50वें गोल्डन जुबली इंडिया कार्पेट एक्सपो का उद्घाटन करेंगे। कारपेट एक्सपोर्ट प्रमोशन काउंसिल (CEPC) की ओर से 04 से 07 अक्टूबर तक कार्पेट एक्सपो मार्ट में आयोजित होने वाले इस अंतरराष्ट्रीय आयोजन में 65 देशों के 430 विदेशी खरीदार और 223 से अधिक प्रदर्शक हिस्सा ले रहे हैं। इनमें BRICS देशों के 106 खरीदार भी शामिल हैं। भदोही में यह एक्सपो पांचवीं बार आयोजित हो रहा है। हस्तनिर्मित कालीन, रग्स और फ्लोर कवरिंग्स की दुनिया में यह प्रदर्शनी एशिया के प्रमुख व्यापारिक मंचों में अपनी पहचान बना चुकी है।65 देशों से आएंगे कालीन के खरीदार
गोल्डन जुबली संस्करण का सबसे बड़ा आकर्षण इसका अंतरराष्ट्रीय स्वरूप है। इस बार 223 से अधिक प्रदर्शक हिस्सा ले रहे हैं, जबकि 65 देशों के 430 विदेशी खरीदारों ने पंजीकरण कराया है। इनमें BRICS देशों के 106 खरीदार शामिल हैं। परिषद की ओर से करीब 196 विदेशी खरीदारों को आतिथ्य पैकेज दिया गया है। इनमें 168 पूर्ण आतिथ्य और 28 केवल होटल पैकेज शामिल हैं। यह आंकड़ा बताता है कि भदोही के करघों पर बुनी जा रही कला की पहुंच अब स्थानीय बाजारों से निकलकर वैश्विक कारोबारी गलियारों तक पहुंच चुकी है।
धागों में परंपरा, डिजाइनों में आधुनिकता
एक्सपो में भारतीय बुनकरों
और निर्माताओं की पारंपरिक बुनाई
के साथ आधुनिक डिजाइन
और समकालीन रचनात्मकता का मेल देखने
को मिलेगा। सदियों पुरानी भारतीय हस्तनिर्मित कालीन परंपरा जहां अपनी मौलिक
पहचान बनाए रखेगी, वहीं
बदलते वैश्विक बाजार की पसंद और
जरूरतों के अनुरूप नए
डिजाइन भी आकर्षण का
केंद्र होंगे। यह आयोजन भारतीय
निर्माताओं और निर्यातकों को
दुनिया भर के खरीदारों
से सीधे संवाद और
कारोबारी साझेदारी का अवसर देगा।
ऐसे में एक्सपो को
केवल प्रदर्शनी नहीं, बल्कि भारतीय कालीन उद्योग के लिए वैश्विक
बाजार का महत्वपूर्ण संपर्क-बिंदु माना जा रहा
है।
टैरिफ की चुनौती के बीच बाजार विस्तार की कोशिश
CEPC अध्यक्ष कैप्टन मुकेश कुमार गोम्बर ने कहा कि
इंडिया कार्पेट एक्सपो वैश्विक हस्तनिर्मित कालीन बाजार में भारत की
स्थिति मजबूत करने के लिए
रणनीतिक मंच के रूप
में उभरा है। प्रमुख
आयातक देशों में टैरिफ संबंधी
चुनौतियों के बीच परिषद
सरकार के साथ लगातार
संवाद कर रही है।
इसमें प्रस्तावित भारत-ब्रिटेन मुक्त
व्यापार समझौते (India-UK FTA) से जुड़े प्रयास
भी शामिल हैं। उन्होंने कहा
कि निरंतर संवाद और मजबूत नीतिगत
सहयोग से भारतीय हस्तनिर्मित
कालीनों के लिए बेहतर
बाजार पहुंच और प्रतिस्पर्धात्मकता सुनिश्चित करने
की दिशा में काम
किया जा रहा है।
केंद्र और प्रदेश सरकार
के सहयोग को भी उन्होंने
उद्योग के लिए महत्वपूर्ण
बताया।
BRICS के बहाने दुनिया से संवाद
गोल्डन जुबली संस्करण में ‘BRICS Carpet &
Craft Conclave 2026’ भी
आयोजित किया जा रहा
है। इसकी थीम ‘Three Days – Three Themes – One Global Conversation’
रखी गई है। इसमें
BRICS देशों के साथ वैश्विक
कालीन एवं हस्तशिल्प क्षेत्र
से जुड़े हितधारक संवाद, ज्ञान-विनिमय और कारोबारी सहभागिता
करेंगे। CEPC के उपाध्यक्ष असलम
महबूब ने इसे परिषद
की यात्रा का गौरवपूर्ण पड़ाव
बताते हुए कहा कि
वर्षों में इंडिया कार्पेट
एक्सपो ऐसा वैश्विक मंच
बन चुका है, जहां
भारतीय निर्माता और निर्यातक दुनिया
के प्रतिष्ठित खरीदारों से सीधे जुड़ते
हैं। BRICS देशों के खरीदारों और
प्रतिनिधियों की भागीदारी से
बाजार विस्तार और दीर्घकालिक कारोबारी
साझेदारियों के नए अवसर
बनने की उम्मीद है।
छह ज्ञान सत्रों में उद्योग के भविष्य पर मंथन
एक्सपो के दौरान CEPC की
ओर से छह ज्ञानवर्धक
सत्र भी आयोजित किए
जाएंगे। इनमें हस्तनिर्मित कालीन और फ्लोर-कवरिंग
उद्योग से जुड़े समकालीन
विषयों, बदलते वैश्विक बाजार और महत्वपूर्ण औद्योगिक
विकास पर चर्चा होगी।
यानी भदोही में चार दिन
सिर्फ कालीनों के रंग और
डिजाइन नहीं बोलेंगे, बल्कि
उद्योग के भविष्य पर
भी गंभीर विमर्श होगा।
‘नवसृष्टि 2026’ में दिखेगा भारतीय हुनर का श्रेष्ठ रूप
इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ कार्पेट टेक्नोलॉजी
(IICT) की ओर से ‘Navshristi 2026 – A Curated Showcase of the
Best Indian Handmade Carpets’ का
आयोजन भी किया जा
रहा है। यह आयोजन
03 से 07 अक्टूबर 2026 तक चलेगा। इसमें
सहभागी प्रदर्शकों के चुनिंदा और
उत्कृष्ट कालीन प्रदर्शित किए जाएंगे। उद्देश्य
भारतीय हस्तनिर्मित कालीन उद्योग की उत्कृष्टता, नवाचार,
रचनात्मकता और शिल्पकौशल को
दुनिया के सामने प्रमुखता
से रखना है।
भदोही की मिट्टी से वैश्विक बाजार तक
कार्यकारी निदेशक-सह-सचिव डॉ.
स्मिता नागरकोटी के अनुसार, एक्सपो
से महत्वपूर्ण व्यावसायिक अवसर पैदा होने,
अंतरराष्ट्रीय बाजारों में भारत की
उपस्थिति मजबूत होने और हस्तनिर्मित
कालीन, रग्स एवं फ्लोर
कवरिंग्स के अग्रणी उत्पादक-निर्यातक के रूप में
भारत की प्रतिष्ठा और
मजबूत होने की उम्मीद
है। गोल्डन जुबली का यह आयोजन
उस उद्योग की यात्रा का
उत्सव भी है, जिसमें
मशीनों की चमक से
कहीं अधिक हाथों की
गर्माहट है। हर कालीन
के पीछे किसी बुनकर
की उंगलियों की मेहनत, किसी
परिवार की पीढ़ियों पुरानी
परंपरा और किसी डिजाइनर
की कल्पना छिपी है। भदोही
का यह एक्सपो इन्हीं
हाथों की मेहनत को
दुनिया के बाजार से
जोड़ने का प्रयास है।
परिषद ने भारतीय हस्तनिर्मित
कालीन उद्योग को मजबूत करने
और उसकी वैश्विक पहचान
बढ़ाने के लिए वस्त्र
मंत्रालय, वाणिज्य एवं उद्योग मंत्रालय,
भारत सरकार तथा उत्तर प्रदेश
सरकार के सहयोग के
प्रति आभार जताया है।
एक्सपो में दिग्गजों की मौजूदगी
गोल्डन जुबली संस्करण को उत्तर प्रदेश
के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ, एमएसएमई
मंत्री भूपेंद्र चौधरी, प्रमुख सचिव शशि भूषण
लाल सुशील, सांसद भदोही डॉ. विनोद कुमार
बिंद, विधायक औराई दीनानाथ भास्कर,
विधायक ज्ञानपुर विपुल दुबे, जिला पंचायत अध्यक्ष
अनिरुद्ध त्रिपाठी, विंध्याचल मंडलायुक्त राजेश प्रकाश तथा जिलाधिकारी भदोही
शैलेष कुमार की गरिमामयी उपस्थिति
एवं आशीर्वाद प्राप्त होगा।
प्रशासनिक समिति ने संभाली कमान
गोल्डन जुबली संस्करण को भव्य बनाने के लिए CEPC की प्रशासनिक समिति सक्रिय है। समिति में अध्यक्ष कैप्टन मुकेश कुमार गोम्बर, एकमाध्यक्ष उमेश गुप्ता मुन्ना, उपाध्यक्ष असलम महबूब के साथ अनिल कुमार सिंह, बोध राज मल्होत्रा, दीपक खन्ना, हुसैन जफर हुसैनी, इम्तियाज अहमद, कुलदीप राज वट्टल, पीयूष कुमार बरनवाल, महावीर प्रताप शर्मा, मेहराज यासीन जान, मोहम्मद वसीफ अंसारी, रवि पाटोदिया, रोहित गुप्ता, संजय कुमार गुप्ता, शौकत खान, शेख आशिक अहमद तथा सूर्य मणि तिवारी शामिल हैं। गोल्डन जुबली इंडिया कार्पेट एक्सपो ऐसे समय में हो रहा है, जब भदोही के करघों की आवाज को वैश्विक बाजार की नई जरूरतों से जोड़ने की चुनौती सामने है। चार दिन का यह आयोजन तय करेगा कि आधी सदी पुरानी यह व्यापारिक परंपरा आने वाले वर्षों में किन नए बाजारों, नए रिश्तों और नए डिजाइनों के साथ आगे बढ़ती है।



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