वाराणसी में मासूम से दरिंदगी : ‘हकीम’ के भेष में छिपा हैवान गिरफ्तार
सात साल
की
बच्ची
को
घर
से
उठाकर
ले
गया
65 वर्षीय
महमूद,
मेडिकल
में
दरिंदगी
की
पुष्टि—पाक्सो
में
मुकदमा
दर्ज
सुरेश गांधी
वाराणसी। हरतीरथ क्षेत्र से सात साल
की मासूम के साथ दुष्कर्म
की हृदयविदारक घटना सामने आई
है। खुद को हकीम
बताने वाले 65 वर्षीय महमूद अली को स्थानीय
लोगों ने पकड़कर कोतवाली
पुलिस के हवाले कर
दिया। पीड़िता की बड़ी बहन
की तहरीर पर पुलिस ने
मुकदमा दर्ज कर लिया
है और आरोपी को
गिरफ्तार कर कार्रवाई शुरू
कर दी है।
सोती हुई बच्ची को उठा ले गया आरोपी
पीड़िता की मां का
पहले ही निधन हो
चुका है। पिता मजदूरी
कर घर चलाते हैं,
जबकि दस साल का
भाई चाय की दुकान
पर काम करता है।
तहरीर के अनुसार बुधवार
भोर में बच्ची घर
में सोई थी कि
तभी कटेहर निवासी महमूद अली वहां आया
और उसे उठा ले
गया। अपने घर पर
आरोपी ने घिनौनी हरकतें
कीं। किसी तरह मौका
पाकर बच्ची वहां से भागी
और रोते हुए अपने
परिजनों को घटना बताई।
स्थानीय लोग भड़क उठे, आरोपी को घसीटकर थाने लाए
बच्ची की हालत देखकर
परिजन और स्थानीय लोग
आक्रोशित हो उठे। सभी
आरोपी के घर पहुंचे
और उसे पकड़कर सीधे
कोतवाली ले आए। बड़ी
बहन—जो कोनिया में
अपने ससुराल में रहती है—सूचना मिलते ही घर पहुंची
और आरोपी के खिलाफ कड़ी
कार्रवाई की मांग की।
पुलिस ने दर्ज किया मुकदमा, मेडिकल मुआयना पूरा
इंस्पेक्टर कोतवाली दया शंकर सिंह
ने बताया कि बड़ी बहन
की तहरीर के आधार पर
महमूद के खिलाफ पाक्सो
सहित गंभीर धाराओं में केस दर्ज
कर लिया गया है।
बच्ची का मेडिकल मुआयना
कराया गया है और
उसका मौखिक व वीडियो बयान
दर्ज किया जा रहा
है। पुलिस का कहना है
कि सभी साक्ष्य एकत्र
कर अदालत में प्रस्तुत किए
जाएंगे।
हकीम बनकर लोगों को भरोसे में लेता था आरोपी
महमूद अली दवाखाने के
नाम पर विजिटिंग कार्ड
तक बांटता था और खुद
को हकीम बताता था।
वह अक्सर बच्ची के घर आता-जाता था, जिसके
चलते परिवार को उस पर
कोई शक नहीं हुआ।
उसकी करतूत सामने आते ही पूरा
इलाका सन्न रह गया।
परिजन बोले—सजा ऐसी मिले कि मिसाल बने
पीड़िता की बड़ी बहन
ने फफकते हुए कहा— “मेरी
बहन को न्याय चाहिए…
ऐसे हैवान को कड़ी से
कड़ी सजा मिलनी चाहिए।”
वाराणसी में गूंजा सवाल—बेटियाँ कब सुरक्षित होंगी?
इस घटना ने
शहर को झकझोर दिया
है। स्थानीय लोगों का कहना है
कि ऐसे मामलों में
तेज और कठोर कार्रवाई
ही समाज में भय
पैदा कर सकती है।
काशी की पवित्र धरती
पर मासूमियत इस तरह कुचली
जाए—यह सिर्फ अपराध
नहीं, मानवता के खिलाफ सबसे
बड़ा पाप है।

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