रविदास घाट पर दीपों से जगमगाई काशी, समरसता दीप अभियान का शुभारंभ
मुख्यमंत्री योगी
आदित्यनाथ
ने
संत
रविदास
प्रतिमा
पर
माल्यार्पण
कर
किया
दीपोत्सव
का
उद्घाटन
सुरेश गांधी
वाराणसी। संत शिरोमणि गुरु
रविदास महाराज के 650वें प्रकाश पर्व
वर्ष के अवसर पर
मंगलवार की शाम काशी
आध्यात्मिक आभा और सामाजिक
समरसता के संदेश से
आलोकित हो उठी। मुख्यमंत्री
योगी आदित्यनाथ ने श्री काशी
विश्वनाथ मंदिर और कालभैरव मंदिर
में दर्शन-पूजन कर प्रदेश
की सुख-समृद्धि की
कामना की। इसके बाद
उन्होंने नगवां स्थित रविदास पार्क पहुंचकर संत रविदास की
प्रतिमा पर माल्यार्पण एवं
पुष्पांजलि अर्पित की।
मुख्यमंत्री ने संत रविदास
के प्रति श्रद्धा व्यक्त करते हुए उनके
समता, श्रमसम्मान और मानवता के
संदेश को आज के
समाज के लिए अत्यंत
प्रासंगिक बताया। उन्होंने कहा कि संत
रविदास की वाणी समाज
को भेदभाव से ऊपर उठकर
मानवता के पथ पर
चलने की प्रेरणा देती
है। इसके पश्चात मुख्यमंत्री
रविदास घाट पहुंचे, जहां
उन्होंने दीप प्रज्ज्वलित कर
'गुरु रविदास महाराज समरसता दीप अभियान' का
शुभारंभ किया। मुख्यमंत्री के दीप प्रज्ज्वलन
के साथ ही गंगा
तट पर हजारों दीप
एक साथ जल उठे
और पूरा रविदास घाट
स्वर्णिम प्रकाश से जगमगा उठा।
गंगा की लहरों पर
झिलमिलाते दीपों का दृश्य श्रद्धालुओं
के लिए अत्यंत आकर्षण
का केंद्र रहा।
रविदास घाट पर आयोजित दीपोत्सव को लेकर प्रशासन ने व्यापक व्यवस्था की थी। घाट परिसर को आकर्षक प्रकाश सज्जा से सजाया गया था तथा सुरक्षा, यातायात और श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए विशेष प्रबंध किए गए थे। बड़ी संख्या में श्रद्धालु, संत समाज और स्थानीय नागरिक कार्यक्रम में शामिल हुए। काशी में आयोजित यह दीपोत्सव केवल धार्मिक आयोजन नहीं रहा, बल्कि संत रविदास के समरस समाज के संदेश को जनमानस तक पहुंचाने का सशक्त सांस्कृतिक अभियान बनकर उभरा। गंगा तट पर जलते दीपों ने मानो यह संदेश दिया कि संत परंपरा की ज्योति आज भी समाज को एकता, समानता और सद्भाव की दिशा दिखा रही है।


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