लोककल्याण की कामना संग योगी ने टेका बाबा विश्वनाथ के दर पर माथा
काल भैरव मंदिर में विधि-विधान
से पूजन, श्रद्धालुओं की सुविधा-सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता देने के निर्देश
सुरेश गांधी
वाराणसी. गुरु पूर्णिमा के पावन अवसर पर गोरक्षपीठाधीश्वर
एवं मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने बुधवार को श्री काशी विश्वनाथ धाम और काशी के कोतवाल
बाबा काल भैरव मंदिर में दर्शन-पूजन कर प्रदेश और देशवासियों के सुख, समृद्धि तथा लोककल्याण
की कामना की। श्रावण मास की पूर्व संध्या पर मुख्यमंत्री का यह काशी प्रवास आध्यात्मिक
आस्था और जनकल्याण के संदेश के रूप में देखा गया।
मुख्यमंत्री सबसे पहले बाबा काल भैरव
मंदिर पहुंचे, जहां उन्होंने विधि-विधान से पूजा-अर्चना और आरती कर आशीर्वाद प्राप्त
किया। मंदिर परिसर में उपस्थित श्रद्धालुओं ने उनका स्वागत किया और मुख्यमंत्री ने
हाथ जोड़कर सभी का अभिवादन स्वीकार किया।
इसके बाद योगी आदित्यनाथ श्री काशी विश्वनाथ
धाम पहुंचे। गर्भगृह में उन्होंने षोडशोपचार विधि से बाबा विश्वनाथ का पूजन किया और
प्रदेश तथा राष्ट्र की सुख-शांति, समृद्धि एवं लोकमंगल की प्रार्थना की। उनके दर्शन
के दौरान धाम परिसर हर-हर महादेव के जयघोष से गूंज उठा और पूरा वातावरण भक्तिमय हो
गया।
दर्शन-पूजन के बाद मुख्यमंत्री ने मंदिर
परिसर में मौजूद अधिकारियों के साथ श्रावण मास की व्यवस्थाओं की समीक्षा की। उन्होंने
स्पष्ट निर्देश दिए कि सावन में आने वाले लाखों श्रद्धालुओं को किसी प्रकार की असुविधा
न हो। सुगम दर्शन, सुरक्षा, स्वच्छता, पेयजल, चिकित्सा सहायता और भीड़ प्रबंधन की समुचित
व्यवस्था सुनिश्चित करने को कहा गया, ताकि श्रद्धालुओं को सहज एवं व्यवस्थित दर्शन
का लाभ मिल सके।
दर्शन के उपरांत मुख्यमंत्री ने मंदिर परिसर में मौजूद बच्चों को चॉकलेट वितरित की और स्नेहपूर्वक दुलार किया। उनके इस आत्मीय व्यवहार से बच्चे और उनके परिजन उत्साहित दिखाई दिए। पूजन-अर्चन के दौरान केंद्रीय मंत्री अर्जुन राम मेघवाल, राज्यसभा सांसद तरुण चुग तथा प्रदेश के समाज कल्याण राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) असीम अरुण सहित कई जनप्रतिनिधि एवं अधिकारी उपस्थित रहे.

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