सेवा, सुरक्षा और सुशासन का जीवंत उदाहरण
पीएम मोदी के क्षेत्र में सीएम योगी का पहला ‘जनता दर्शन’
फरियादियों के
चेहरे
खिले,
सीएम
ने
समस्याएं
सुनीं
और
अधिकारियों
को
दिए
निर्देश
गरीब और
वंचित
वर्ग
की
शिकायतें
होंगी
प्राथमिकता
पर
दूर
जनता दर्शन
से
जनता
का
विश्वास
और
मजबूत
लोकतंत्र में
सीधे
संवाद
का
अनोखा
उदाहरण
सुरेश गांधी
वाराणसी : लोकतंत्र का सबसे बड़ा आधार यह है कि जनता अपनी समस्याएं सीधे शासक तक पहुंचा सके। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ द्वारा वाराणसी में किया गया पहला जनता दर्शन इसी आधार को मजबूत करता है।
फरियादियों को अपनी समस्या
सीधे रखने और तत्काल
कार्रवाई का भरोसा मिलने
से उनका विश्वास गहरा
हुआ। आज आम नागरिक
की सबसे बड़ी कठिनाई
यही है कि वह
अपनी बात ऊपर तक
कैसे पहुंचाए। जनता दर्शन ने
यह दूरी मिटाई है।
योगी आदित्यनाथ ने अधिकारियों को जनता की उपेक्षा न करने और विशेषकर गरीब-वंचित वर्ग की समस्याओं को प्राथमिकता पर हल करने का निर्देश देकर सुशासन की संवेदनशीलता को रेखांकित किया। सुशासन केवल नीतियों से नहीं, बल्कि जनता के साथ सीधे संवाद से स्थापित होता है।
जनता दर्शन लोकतंत्र में विश्वास की इस कड़ी को और मजबूत करता है। सेवा, सुरक्षा और सुशासन का संकल्प लेकर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने शनिवार की सुबह वाराणसी स्थित सर्किट हाउस में पहला जनता दर्शन किया। लखनऊ रवाना होने से पूर्व आयोजित इस कार्यक्रम में विभिन्न जनपदों से आए सैकड़ों लोगों ने अपनी समस्याएं रखीं।
मुख्यमंत्री ने एक-एक कर फरियादियों की समस्याएं सुनीं और अधिकारियों को उनके त्वरित और पारदर्शी निस्तारण का निर्देश दिया।इस दौरान मुख्यमंत्री ने फरियादियों से संवाद करते हुए संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिए कि सभी शिकायतों को गंभीरता से लेकर न्यायोचित कार्रवाई किया जाए।
उन्होंने कहा कि शासन का मूल मंत्र सेवा, सुरक्षा और सुशासन है और इसमें लापरवाही किसी भी स्तर पर बर्दाश्त नहीं होगी।
मुख्यमंत्री ने खास तौर पर गरीब और वंचित वर्ग की समस्याओं पर ध्यान देने को कहा। उन्होंने स्पष्ट किया कि शासन का असली उद्देश्य तभी पूरा होगा, जब अंतिम पंक्ति में खड़े व्यक्ति तक न्याय और सुविधा पहुंचे।
सीएम योगी ने गरीब, वंचित और जरूरतमंद वर्ग की शिकायतों को प्राथमिकता पर हल करने का आदेश दिया। जनता दर्शन में पहुंचे लोगों ने अपनी समस्याएं सीधे मुख्यमंत्री तक पहुंचाने का अवसर पाकर राहत और संतोष महसूस किया।विशेष बात यह रही कि यह मुख्यमंत्री का वाराणसी में पहला जनता दर्शन था। भीड़ में आए लोगों ने अपनी फरियाद सीधे मुख्यमंत्री के सामने रखीं और समाधान की उम्मीद जताई।
फरियादियों में खुशी और
आत्मविश्वास झलक रहा था।
जनता दर्शन ने एक बार
फिर यह संदेश दिया
कि मुख्यमंत्री जनता के बीच
खड़े हैं, न कि
दूर। यही लोकतंत्र की
असली पहचान है, जहां जनता
और सरकार के बीच सीधा
संवाद हो।
पीएम मोदी के क्षेत्र में योगी का पहला ‘जनता दर्शन’
उमड़ा भरोसा, सुनीं हर फरियादी की पीड़ा
सेवा, सुरक्षा
और
सुशासन
का
जीवंत
उदाहरण
मुख्यमंत्री बोले–
सेवा,
सुरक्षा
और
सम्मान
ही
सरकार
का
ध्येय
सौ से
अधिक
लोगों
की
समस्याएं
सुनीं,
अधिकारियों
को
फीडबैक
सहित
त्वरित
निस्तारण
का
निर्देश
सीवर, सड़क,
राजस्व
और
पुलिस
संबंधी
मामलों
पर
आए
फरियादी;
बच्चों
से
भी
किया
आत्मीय
संवाद
फरियादियों के
चेहरे
खिले,
सीएम
ने
समस्याएं
सुनीं
और
अधिकारियों
को
दिए
निर्देश
गरीब और
वंचित
वर्ग
की
शिकायतें
होंगी
प्राथमिकता
पर
दूर
सुरेश गांधी
वाराणसी। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के संसदीय
क्षेत्र वाराणसी में शनिवार की
सुबह जन-आकांक्षाओं और
उम्मीदों का संगम देखने
को मिला, जब मुख्यमंत्री योगी
आदित्यनाथ ने सर्किट हाउस
में ‘जनता दर्शन’ कर
सीधे काशीवासियों की समस्याएं सुनीं।
फरियादियों का सैलाब सुबह
से ही उमड़ पड़ा
और मुख्यमंत्री ने एक-एक
कर सभी की समस्याओं
को न केवल सुना,
बल्कि समाधान का आश्वासन भी
दिया।
योगी आदित्यनाथ ने
अधिकारियों को जनता की
उपेक्षा न करने और
विशेषकर गरीब-वंचित वर्ग
की समस्याओं को प्राथमिकता पर
हल करने का निर्देश
देकर सुशासन की संवेदनशीलता को
रेखांकित किया। सुशासन केवल नीतियों से
नहीं, बल्कि जनता के साथ
सीधे संवाद से स्थापित होता
है। जनता दर्शन लोकतंत्र
में विश्वास की इस कड़ी
को और मजबूत करता
है। करीब 100 से अधिक लोग
अपनी-अपनी व्यथा लेकर
पहुंचे थे। इनमें राजस्व
विवाद, मुआवजा, पुलिस कार्रवाई, सीवर कनेक्शन, कच्ची
सड़क को पक्का करने
और रोजगार जैसे मुद्दे प्रमुख
रहे।
एक दिव्यांग ने
नेत्रहीनों के लिए डिजिटल
लाइब्रेरी की मांग रखी
तो एक कलाकार ने
प्रदर्शनी हॉल की दर
कम करने की अपील
की। मुख्यमंत्री ने सभी मांगों
को गंभीरता से सुना और
संबंधित अधिकारियों को तत्काल निस्तारण
का निर्देश दिया। उन्होंने स्पष्ट कहा कि केवल
कार्रवाई करना ही पर्याप्त
नहीं है, बल्कि “फरियादी
से फीडबैक लेना भी अधिकारियों
की जिम्मेदारी होगी।”
मुख्यमंत्री ने जनता दर्शन
में उपस्थित बच्चों से आत्मीय संवाद
किया। उनकी पढ़ाई के
बारे में पूछकर उज्ज्वल
भविष्य की शुभकामनाएं दीं।
उन्होंने कहा कि प्रदेश
सरकार का संकल्प है
कि नागरिकों के जीवन में
सेवा, सुरक्षा और सम्मान की
भावना स्थापित की जाए। “हर
नागरिक के चेहरे पर
खुशहाली लाने के लिए
सरकार निरंतर प्रयत्नशील है।”इस दौरान
आयुक्त, पुलिस आयुक्त, जिलाधिकारी समेत तमाम वरिष्ठ
अधिकारी और जनप्रतिनिधि मौजूद
रहे।
लोकतंत्र में सीधे संवाद का अनोखा उदाहरण
लोकतंत्र का सबसे बड़ा
आधार यह है कि
जनता अपनी समस्याएं सीधे
शासक तक पहुंचा सके।
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ द्वारा
वाराणसी में किया गया
पहला जनता दर्शन इसी
आधार को मजबूत करता
है। फरियादियों को अपनी समस्या
सीधे रखने और तत्काल
कार्रवाई का भरोसा मिलने
से उनका विश्वास गहरा
हुआ। आज आम नागरिक
की सबसे बड़ी कठिनाई
यही है कि वह
अपनी बात ऊपर तक
कैसे पहुंचाए। जनता दर्शन ने
यह दूरी मिटाई है।
उन्होंने कहा कि शासन
का मूल मंत्र सेवा,
सुरक्षा और सुशासन है
और इसमें लापरवाही किसी भी स्तर
पर बर्दाश्त नहीं होगी। मुख्यमंत्री
ने खास तौर पर
गरीब और वंचित वर्ग
की समस्याओं पर ध्यान देने
को कहा। उन्होंने स्पष्ट
किया कि शासन का
असली उद्देश्य तभी पूरा होगा,
जब अंतिम पंक्ति में खड़े व्यक्ति
तक न्याय और सुविधा पहुंचे।
जनता दर्शन से जनता का विश्वास और मजबूत
सीएम योगी ने गरीब, वंचित और जरूरतमंद वर्ग की शिकायतों को प्राथमिकता पर हल करने का आदेश दिया। जनता दर्शन में पहुंचे लोगों ने अपनी समस्याएं सीधे मुख्यमंत्री तक पहुंचाने का अवसर पाकर राहत और संतोष महसूस किया। विशेष बात यह रही कि यह मुख्यमंत्री का वाराणसी में पहला जनता दर्शन था। भीड़ में आए लोगों ने अपनी फरियाद सीधे मुख्यमंत्री के सामने रखीं और समाधान की उम्मीद जताई। फरियादियों में खुशी और आत्मविश्वास झलक रहा था। जनता दर्शन ने एक बार फिर यह संदेश दिया कि मुख्यमंत्री जनता के बीच खड़े हैं, न कि दूर। यही लोकतंत्र की असली पहचान है, जहां जनता और सरकार के बीच सीधा संवाद हो।
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