Tuesday, 29 October 2024

घर का कोना-कोना दमका, माता लक्ष्मी के स्वागत में जले 13 दीप

द्वार-द्वार सजी रंगोली, भगवान धन्वंतरि की जयंती भी मनी

घर का कोना-कोना दमका, माता लक्ष्मी के स्वागत में जले 13 दीप 

दीपोत्सव के स्वागत में जगमगाया काशी के हर गुली-मुहल्ले 

सुरेश गांधी

वाराणसी। धनतेरस पर जितना उत्साह दिनभर नई-नई वस्तुएं व कपड़े आदि खरीदने में रहा, उससे दोगुना घर पहुंचने पर खुशियों की रौनक से घर का कोना-कोना दमका. शाम होते ही द्वार- द्वार रंगोली सजाई गई और तेरह दीपों से मां लक्ष्मी के आगमन का स्वागत हुआ. इस दौरान जमकर मोहल्ले और कॉलोनी में पटाखे फूटें. बच्चों के साथ बड़े भी काफी उत्साहित थे. मंदिरों में भगवान धन्वंतरि की आरती पूजा करके जयंती उत्सव मनाया गया. अब 31 अक्टूबर को दिवाली धूमधाम से मनेगा. इसी उत्साह उल्लास के साथ माहौल में मंगलवार को 5 दिनी दिवाली त्योहार की शुरुआत हुई. लोगों ने धनतेरस पर विधि विधान से धन कुबेर की पूजा अर्चना कर भगवान धन्वंतरि की जयंती मनाई. रोग दोष से मुक्ति की प्रार्थना की.

आयुर्वेद के जनक भगवान जन्म धनवंतरी धनतेरस के दिन ही अमृत कलश लेकर प्रकट हुए थे. पौराणिक मान्यताएं हैं. इसलिए इस अवसर पर पूरे शहर में लोग पर्व को मनाने में जुटे रहे. कई जगहों पर दमा और खांसी की दवाइयां भी वैद्यों से लेने के लिए लोग पहुंचे. गुरुवार को दीपोत्सव की धूम रहेगी। लेकिन घर-आंगन अभी से झालरों से सजा दिए गए है। पूरा शहर रोशनी से जगमगा रहा है। बाजार, रिहायशी कालोनियों में लोग अपने घर को सजाने व संवारने में जुटे है। शाम होते ही बाजार और घर रंग-बिरंगी झालरों से आबाद होते है, तो देर रात जगमगता रहता है। 

दीपावली की खुशियां मनाने के लिए हर आम व खास जुटा हुआ है। वैसे तो धनतेरस पर ही लोगों ने एक साथ धनतेरस और दीपावली की खरीदारी पूरी कर ली है। एक ओर परंपरागत मिट्टी का दीया, खिलौना और रूई की बाती का बाजार सजा था। दूसरी और मोमबत्ती और बिजली की झालरें चमक बढ़ा रही थीं। बाजार में जगह-जगह श्री गणेश व मां लक्ष्मी की विभिन्न रंग-रूप वाली मूर्तियां खूब बिक रही हैं। सभी चीजों की कीमतें चढ़ी हुई हैं, लेकिन ग्राहकों ने कीमत की परवाह किए बिना जमकर खरीदारी की। दीपावली मनाने के लिए बड़ी संख्या में प्रवासी भी अपने घर आए हैं जिससे सभी जगह गांव-घर में रौनक है। नगर में दुकानों व इमारतों को आकर्षक लाइट से सजाया गया है। लोकल फार वोकल की अपील के चलते इस बार मिट्टी के दीये खूब बिक रहे हैं।

मां अन्नपूर्णा का खजाना पाकर भक्त हो रहे निहाल, पूरी हो रही मुराद

मां अन्नपूर्णा का खजाना पाकर भक्त हो रहे निहाल, पूरी हो रही मुराद 

स्वर्णमयी मां अन्नपूर्णा के दर्शन के लिए दरबार में लगी है भक्तों की लंबी कतार

प्रसाद के रूप में भक्तों में सोना, चांदी और नवरत्नों का खजाना लुटा रहीं मां

सुरेश गांधी

वाराणसी। धनतेरस के मौके पर मां अन्नपूर्णा का खजाना भक्तों के लिए खोल दिया गया है. स्वर्णमयी मां अन्नपूर्णा का दर्शन एवं सोने-चांदी के सिक्के प्रसाद के रुप में पाकर भक्त निहाल हो रहे है. देर रात से ही भक्त कतार में लगकर मां के दर्शन के लिए उत्सुक दिखाई दे रहे हैं. जो 2 नवंबर तक जारी रहेगा। खजाने में सोने-चांदी के सिक्के, रत्न और 16 कुंतल लावा बांटे जाते हैं. मान्यता है कि मां अन्नपूर्णा का प्रसादलेने से कभी धन-धान्य की कमी नहीं होती है. महंत शंकरपुरी ने बताया कि इस बार लगभग 8 लाख सिक्के बांटे जाएंगे। 

कार्तिक कृष्ण पक्ष की त्रयोदशी पर स्वर्णमयी अन्नपूर्णा के गर्भगृह के कपाट खुल गए। आजादी से पहले के 16 तालों में बंद मां की स्वर्णिम प्रतिमा का पूजन, शृंगार और आरती के बाद भोर में पांच बजे आम श्रद्धालुओं के लिए दर्शन आरंभ हो गया। काशी के बारे में कहा जाता है सात वार नौ त्यौहार. साल के 365 दिन यहां कोई ना कोई त्यौहार का आयोजन होता है. काशी एक ऐसी नगरी है जहां पर दीपावली धनतेरस से भक्तों में आशीर्वाद के रूप में खजाने का वितरण होता है. इसके साथ ही माता से भिक्षा मांगते हुए बाबा विश्वनाथ की रजत प्रतिमा के भी दर्शन मिलते हैं।

सनातन शास्त्रों में इस बात का वर्णन है कि सृष्टि में त्राहि त्राहि मचने पर भगवान शंकर ने मां अन्नपूर्णा से भिक्षा मांगी थी. माता अन्नपूर्णा को संपूर्ण विश्व के पालनहार भरण पोषण के लिए जाना जाता है. प्रत्येक वर्ष धनतेरस के दिन श्री अन्नपूर्णा मंदिर में स्वर्णमयी माता अन्नपूर्णा के स्वरूप का दर्शन होता है. इस दौरान लावा - सिक्का के रूप में भक्तों को खजाना रूपी आशीर्वाद भी प्राप्त होता है. आज प्रातः काल से ही मंदिर के कपाट खुल चुके हैं. कतार में लगे भक्त दर्शन करने के लिए उमड़ रहे हैं.

बांसफाटक से मिल रहा है भक्तों को प्रवेश

देर रात से ही श्रद्धालु कतार में लगकर माँ अन्नपूर्णा मंदिर में दर्शन करने के लिए पहुंच रहे हैं. श्रद्धालुओं को काशी के बांसफाटक मार्ग से होते हुए अन्नपूर्णा मंदिर में प्रवेश कराया जा रहा है. आज प्रातः 5ः00 बजे से रात्रि 11ः00 बजे तक भक्तों को दर्शन प्राप्त होंगे. श्रद्धालुओं की सुविधा और सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए वाराणसी पुलिस कमिश्नरेट द्वारा 250 से अधिक जवानों की तैनाती मंदिर मार्ग और मंदिर में किया गया है. इसके अलावा सीसीटीवी कैमरे से भी हर संदिग्ध व्यक्ति वस्तु पर नजर रखी जा रही है।

काशी में सभी को भोजन देती हैं मां अन्नपूर्णा

अन्नपूर्णा मंदिर के महंत शंकर पुरी महाराज ने बताया कि शिव नगरी काशी का नाम अन्नपूर्णा- क्षेत्र सर्वत्र प्रसिद्ध है और लोक में यह भी ख्याति है कि काशी में अन्नपूर्णा ही सब किसी को भोजन पहुंचा देती हैं, जिससे कोई भूखा नहीं रहता है। काशी में भगवान विश्वनाथ गृहस्थ हैं और उनकी कुटुंबिनी भवानी अन्नपूर्णा हैं। वही समस्त काशीवासियों को मोक्ष की भिक्षा देती हैं।

धनतेरस पर हर सेक्टर गुलजार, 3500 करोड़ का वर्षा धन

धनतेरस पर हर सेक्टर गुलजार, 3500 करोड़ का वर्षा धन 


ऑटोमोबाइल, सर्राफा, इलेक्ट्रॉनिक, कपड़ा और तों और बर्तन बाजार भी दमका

खरीददारों की भीड़ से गुलजार रहे बाजार, महंगाई का नहीं दिखा असर

सुरेश गांधी

वाराणसी। धनतेरस पर मंगलवार को शुभ मुहूर्त में बाजारों में धन वर्षा हुई। अपनी-अपनी पसंद की वस्तुओं की लोगों ने जमकर खरीदारी की। सुबह से ही हो रही धनतेरस की खरीददारी में कोई सोने- चांदी के गहने खरीद रहा है तो कोई दीप और पूजा के लिए गणेश लक्ष्मी. दो और चार पहिया वाहनों के भी जमकर खरीददारी होती रही. धनतेरस पर बर्तन खरीदी को ज्यादा शुभ माना जाता है। इसलिए यह मान्यता बाजार से लेकर घर तक साकार हुई। जानकारों का मानना है कि हर सेक्टर में कारोबार होने की जैसी उम्मीद थी, वैसे ही बूम रही। शुभ मुहूर्त में करीब 3500 करोड़ का कारोबार होने का अनुमान है।

सुबह दुकान खुलने के साथ ही जो उत्साह खरीदारी करने वालों का बना फिर देर रात तक कायम रहा। बाजारों में काफी भीड़ थी। हर तरफ हर एक दुकानों में चार से पांच लोग सामान देने में जुटे रहे। एक ग्रुप बाहर निकलता की दूसरा अपनी बारी आने का इंतजार करता रहा। ऐसा माहौल हर सेक्टर के बाजारों में देखा गया। इसके पीछे की बड़ी वजह यह थी कि सरकारी कर्मचारियों से लेकर प्राइवेट सेक्टर के संस्थानों में दिवाली पर्व बोनस मिलने से खरीदारी का जोश दुगना हो गया। 

बाजार धनतेरस पर खरीददारों की भीड़ से खासे गुलजार रहे। इस मौके पर बाज़ारों में महंगाई और मंदी का कहीं कोई असर नहीं दिखा। लोग दिल खोलकर खरीददारी करने में जुटे रहे। खरीदारों की भारी भीड़ से बाज़ारों में खासी चहल-पहल रही। मैदागिन, गोदौलिया, मलदहियां, लहुराबीर, नई सड़क, लंका, अर्दलीबाजार, पांडेयपुर आदि बाजारों में तो तिल रखने तक की जगह रही। भीड़ और बाज़ार का रुख देखकर व्यापारियों के चेहरे खिल उठे हैं.

कारोबारियों के मुताबिक़ ज़बरदस्त महंगाई के बावजूद इस धनतेरस पर लक्ष्मी उन पर खासी मेहरबान नज़र आ रही हैं. इस बार गणेश लक्ष्मी की मूर्तियों वाले सिक्के व दूसरे सामान ज्यादा पसंद किये जा रहे हैं तो मेटल से तैयार ईको फ्रेंडली मूर्तियां भी खूब बिकी। लोगों का कहना है कि महंगाई ने उनके घर का बजट तो ज़रूर बिगाड़ रखा है लेकिन धनतेरस और दीपावली के मौके पर लक्ष्मी को अपने घर आने का न्यौता देने के शगुन में वह महंगाई  को कतई आड़े नहीं देंगे.

कपड़ों की जमकर हुई बिकवाली

कपड़ा बाजार से लेकर रेडीमेड और शॉपिंग मॉल में काफी उत्साह देखा गया। सभी बाजारों में माल भरा हुआ था। ग्राहक भी खरीदारी में लीन है। बाजार भी खरीदारों से पूरी तरह ठसा-ठस रहे। व्यापारियों का कहना जितनी उम्मीद नहीं थी कहीं उससे ज्यादा अच्छा कारोबार हुआ है।

रात 1ः00 बजे तक खुली रही दुकानें

धनतेरस के माहौल को देखते हुए मुख्य रूप से सभी बाजारों में रात 1ः00 बजे तक दकान खुले रहे। इस दौरान खरीदारी के लिए काफी रौनक भी देखी गई।

ऑटोमोबाइल, इलेक्ट्रॉनिक की अच्छी डिमांड

धनतेरस के शुभ मुहूर्त में बाइक हो हो या फिर बड़े वाहन घर ले जाने के लिए लोग 15 दिन पहले से बुक कर रहे थे, इसलिए वाहनों की बिक्री जमकर हुई। इसी तरह इलेक्ट्रॉनिक्स बाजारों में त्योहारों की रंगत दुगनी नजर आई। टीवी फ्रिज से लेकर वाशिंग मशीन की भी खूब बिक्री हुई। कारोबारियों का कहना है कि जैसी व्यापारिक तैयारी थी, उसी के अनुरुप सभी सेक्टरों में उम्मीद से ज्यादा कारोबार हुआ। सोने चांदी के भाव में उछाल के बाद भी सर्राफा बाजार की चमक बरकरार थी। हीरे की अंगूठी से लेकर चांदी की मूर्तियां भी लोगों ने खूब पसंद की। भीड़ ऐसी रही की दिनभर शहर की हर सड़कें जाम रही। क्योंकि खरीदारों से दोनों तरफ की दुकानें भरी हुई नजर आई।

ये रही बिकवाली

सर्राफा सहित अन्य व्यापारिक संगठनों के अनुसार सर्राफा में 780 करोड़ का कारोबार हुआ है। जबकि ऑटोमोबाइल 750 करोड़, कपड़ा 370 करोड़, रियल इस्टेट 550 करोड़, इलेक्ट्रॉनिक 330 करोड़ सहित अन्य मशीनरी लाइटिंग, फर्नीचर आदि में 600 करोड़ के कारोबार हुए है।

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