राजातालाब की रॉयल पारी, 168 का पहाड़ चढ़कर बनी चैंपियन
भोलानाथ गुप्ता
मेमोरियल
इंटर-स्कूल
टूर्नामेंट
में
रन,
रोमांच
और
रुतबा,
एसएनएस
की
जुझारू
कोशिश
भी
पड़ी
फीकी
भविष्य के
सितारे
अब
स्कूल
के
मैदानों
से
ही
चमक
रहे
हैं
: नीलकांत गुप्ता
सुरेश गांधी
वाराणसी. जब बल्ले से
रन बरसते हैं, गेंद हवा
से बातें करती है और
मैदान पर हर पल
रोमांच सांसें थाम देता है,
तो वही असली क्रिकेट
होता है। 15वें लेट भोलानाथ
गुप्ता मेमोरियल इंटर-स्कूल मैत्री
सहयोग क्रिकेट टूर्नामेंट–2026 में कुछ ऐसा
ही रोमांच देखने को मिला, जहां
युवा खिलाड़ियों ने अपने खेल
से मैदान को तालियों और
उत्साह से सराबोर कर
दिया। उनके जोश, जुनून और जज्बे
का हर कोई कायल दिखा.
सुबह से ही
मैदान पर दर्शकों की
भीड़ उमड़ पड़ी थी।
हर चौका-छक्का तालियों
की गूंज में बदल
रहा था, तो हर
विकेट पर उत्साह चरम
पर पहुंच रहा था। या
यूं कहे इस क्रिकेट
संग्राम में ऊर्जा, प्रतिस्पर्धा
और खेल भावना का
अद्भुत संगम देखने को
मिला। आयोजन समिति के चेयरमैन विजय
कुमार जायसवाल, वाइस चेयरमैन नीलकांत
गुप्ता, वाइस मैनेजर शशिकांत
गुप्ता, कोषाध्यक्ष रामानंद जायसवाल और डिप्टी डायरेक्टर
के.के. पांडेय, की
सटीक रणनीति और बेहतर व्यवस्थाओं
ने टूर्नामेंट को यादगार बना
दिया।
लीग मुकाबले : शुरुआत से ही हाई-वोल्टेज टक्कर
फाइनल : रन बरसे, रोमांच चरम पर
एसएनएस की संघर्षपूर्ण पारी, लेकिन लक्ष्य रहा दूर
168 रनों के लक्ष्य का पीछा करने उतरी एसएनएस पब्लिक स्कूल की टीम ने भी हार नहीं मानी। बल्लेबाजों ने आक्रामक अंदाज में रन बटोरने की कोशिश की और बीच-बीच में बड़े शॉट्स भी लगाए। लेकिन जैसे-जैसे मैच आगे बढ़ा, राजातालाब के गेंदबाजों ने शिकंजा कसना शुरू कर दिया। सही समय पर विकेट गिराकर उन्होंने मैच को अपने पक्ष में बनाए रखा। अंततः एसएनएस की टीम 10 ओवर में 152 रन ही बना सकी और 16 रनों से मुकाबला गंवा बैठी।
गेंदबाजी का हीरो : आयुष्मान का कमाल
फाइनल में जीत के असली हीरो बने आयुष्मान जायसवाल, जिन्होंने अपनी सटीक और धारदार गेंदबाजी से विपक्ष की कमर तोड़ दी।
उन्होंने
3 महत्वपूर्ण विकेट लेकर मैच का
रुख ही बदल दिया
और ‘मैन ऑफ द
मैच’ का खिताब अपने
नाम किया।
जश्न, सम्मान और खेल भावना की जीत
जैसे ही अंतिम गेंद फेंकी गई, राजातालाब के खिलाड़ियों में जश्न की लहर दौड़ गई। मैदान तालियों और जयकारों से गूंज उठा। विजेता टीम को ट्रॉफी और पुरस्कार देकर सम्मानित किया गया। इस टूर्नामेंट ने एक बार फिर साबित कर दिया कि क्रिकेट सिर्फ खेल नहीं, बल्कि जुनून, अनुशासन और टीम भावना का संगम है। यहां हर खिलाड़ी ने न सिर्फ जीत के लिए खेला, बल्कि खेल भावना की मिसाल भी पेश की। राजातालाब की यह जीत सिर्फ एक ट्रॉफी नहीं, बल्कि उनकी मेहनत, रणनीति और आत्मविश्वास की जीत है। वहीं, एसएनएस पब्लिक स्कूल ने भी जिस जज्बे से मुकाबला किया, उसने दिल जीत लिया। क्रिकेट के इस संग्राम ने साफ कर दिया, भविष्य के सितारे अब स्कूल के मैदानों से ही चमक रहे हैं।





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