तानाशाही पर संगठित प्रहार : निर्दोष अभियंताओं के निलंबन से भड़के जूनियर इंजीनियर्स
अधीक्षण अभियंता
दफ्तर
पर
सामूहिक
उपस्थिति,
चेतावनी
: निलंबन
वापस
न
हुआ
तो
कामकाज
होगा
ठप
आरएफपी डॉक्यूमेंट
गोपनीय
रखने
और
टेंडर
निकाले
जाने
की
खबरों
ने
बिजली
कर्मियों
में
उबाल,
सामूहिक
जेल
भरो
आंदोलन
की
चेतावनी
सुरेश गांधी
वाराणसी. राज्य विद्युत परिषद जूनियर इंजीनियर्स संगठन ने प्रबंधन पर
मनमानी और तानाशाही का
आरोप लगाते हुए मंगलवार को
अधीक्षण अभियंता (एस.ई.) कार्यालय
पर जोरदार विरोध दर्ज कराया। संगठन
के सभी सदस्य सुबह
से ही सामूहिक उपस्थिति
दर्ज करने पहुंचे, मगर
एस.ई. खुद दफ्तर
से नदारद मिले।
जनपद अध्यक्ष इं.
मनीष राय ने कहा
कि पिछले माह संगठन के
जनपद सचिव इं. प्रमोद
कुमार का निलंबन जांच
में निर्दोष पाए जाने के
बावजूद रद्द नहीं किया
गया। हाल ही में
21 सितम्बर को डीपीएच उपकेंद्र
पर हुई विद्युत दुर्घटना
के बाद क्षेत्रीय अध्यक्ष
इं. पंकज जायसवाल और
अवर अभियंता इं. सत्येंद्र कुमार
गुप्ता को भी बिना
किसी ठोस आधार के
निलंबित कर दिया गया।
मौके पर मौजूद कर्मचारियों
के लिखित बयान और अधिशासी
अभियंता की रिपोर्ट में
भी दोनों को निर्दोष बताया
गया है।
केंद्रीय विशेष आमंत्रित सदस्य इं. अवधेश मिश्रा
ने बताया कि इं. सत्येंद्र
की वाराणसी में तैनाती को
मात्र डेढ़ माह हुए
हैं, फिर भी बिना
पक्ष सुने कार्रवाई कर
दी गई। संगठन का
आरोप है कि अधीक्षण
अभियंता और मुख्य अभियंता
द्वेषपूर्ण रवैया अपनाकर चुन-चुन कर
पदाधिकारियों को निशाना बना
रहे हैं। 22 सितम्बर को केशव सदन
में हुई आपात बैठक
में सर्वसम्मति से निर्णय लिया
गया कि जब तक
इं. पंकज जायसवाल और
इं. सत्येंद्र कुमार गुप्ता का निलंबन रद्द
नहीं किया जाता, तब
तक प्रतिदिन अधीक्षण अभियंता कार्यालय में सामूहिक उपस्थिति
दर्ज की जाएगी। यदि
प्रबंधन किसी सदस्य या
पदाधिकारी पर दंडात्मक कार्रवाई
करता है तो सभी
जूनियर और प्रोन्नत अभियंता
कार्य बहिष्कार कर धरना देंगे,
जिसकी पूरी जिम्मेदारी प्रबंधन
पर होगी।
संगठन ने स्पष्ट किया
कि नवरात्रि पर्व में उपभोक्ताओं
को निर्बाध बिजली आपूर्ति जारी रहेगी, मगर
शीर्ष प्रबंधन तत्काल हस्तक्षेप कर निर्दोष अभियंताओं
को न्याय दिलाए। विरोध सभा में केंद्रीय
उपमहासचिव इं. दीपक गुप्ता,
पूर्वांचल सचिव इं. नीरज
बिंद, संगठन सचिव इं. ज्योति
भास्कर सिन्हा, वाराणसी क्षेत्र प्रथम के अध्यक्ष इं.
पंकज जायसवाल, क्षेत्रीय सचिव इं. रवि
चौरसिया सहित सभी पदाधिकारी
और बड़ी संख्या में
सदस्य मौजूद रहे। सभा की
अध्यक्षता इं. मनीष राय
और संचालन इं. रवि चौरसिया
ने किया।
निजीकरण के विरोध में 300 दिन पूरा
विद्युत कर्मचारी संयुक्त संघर्ष समिति, उत्तर प्रदेश के बैनर तले,
पूर्वांचल और दक्षिणांचल विद्युत
वितरण निगमों के निजीकरण के
विरोध में 28 नवंबर से जारी आंदोलन
के आज 300 दिन पूरे होने
पर बनारस के समस्त बिजली
कर्मियों ने जोरदार विरोध
प्रदर्शन कर संकल्प लिया
कि वे किसानों और
उपभोक्ताओं को साथ लेकर
निजीकरण के खिलाफ अपना
आंदोलन तब तक जारी
रखेंगे जब तक सरकार
निजीकरण का निर्णय वापस
नहीं लेती। वक्ताओं ने चेतावनी दी
कि यदि जोर-जबरदस्ती
करके निजीकरण का टेंडर जारी
किया गया, तो टेंडर
निकलते ही समस्त जनपदों
में सामूहिक जेल भरो आंदोलन
प्रारंभ कर दिया जाएगा,
जिसकी पूरी जिम्मेदारी प्रबंधन
की होगी। सभा को ई0
मयाशंकर तिवारी, ई0 एस0 के0
सिंह, कृष्णा सिंह, अंकुर पांडेय, पवन कुमार, हेमंत
श्रीवास्तव, संजय गौतम, अशोक
कुमार, धर्मेन्द्र यादव, पंकज यादव, सूरज
रावत, विकास ठाकुर, बृजेश यादव, योगेंद्र कुमार, मनोज यादव आदि
ने संबोधित किया।


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