नए साल
की
पहली
सुबह
बाबा
के
नाम,
घाटों
पर
गूंजा
शंखनाद
आस्था, आरती और उल्लास में डूबी काशी, हर हर महादेव के जयघोष संग नववर्ष 2026 का स्वागत
मंदिरों-घाटों
से
बाजारों
तक
उमड़ा
जनसैलाब
विश्वनाथ धाम
में
रिकॉर्डतोड़
भीड़,
मार्कंडेय
महादेव
और
स्वर्वेद
महामंदिर
में
भक्तों
का
रेला
दशाश्वमेध घाट
पर
विशेष
गंगा
आरती
और
सूर्य
पूजा,
नमो
घाट
पर
पर्यटकों
की
चहल-पहल
समय बदला,
संकल्प
बदले,
पर
काशी
की
चेतना
वही
रही
दीप, धूप
और
दर्शन
के
बीच
काशी
ने
थामा
नववर्ष
2026 का
हाथ
सुरेश गांधी
वाराणसी. नववर्ष 2026 का स्वागत काशी ने अपने शाश्वत अंदाज में किया. जहां एक ओर उल्लास, संगीत और रोशनी थी, वहीं दूसरी ओर आस्था, साधना और संयम का अद्भुत संगम नजर आया। घड़ी की सुइयों ने जैसे ही रात के बारह बजाए, ‘हैप्पी न्यू ईयर 2026’ के उद्घोष के साथ पूरा शहर रोशनी और आतिशबाजी से जगमगा उठा। होटल, रेस्टोरेंट, रिसॉर्ट और सांस्कृतिक स्थलों पर देर रात तक जश्न चलता रहा, तो गंगा घाटों और मंदिरों में श्रद्धा का सैलाब उमड़ पड़ा। नए वर्ष की पहली सुबह काशी में आध्यात्मिक चेतना के साथ आरंभ हुई। दशाश्वमेध घाट पर नववर्ष की विशेष गंगा आरती और सूर्य पूजा का आयोजन हुआ।
ठंड और कोहरे के बावजूद श्रद्धालुओं का उत्साह चरम पर रहा। मंत्रोच्चार, शंखनाद और दीपों की कतारों के बीच गंगा की लहरों पर झिलमिलाती रोशनी ने नववर्ष 2026 को दिव्यता प्रदान की। उत्सव के बीच कानून-व्यवस्था को लेकर प्रशासन पूरी तरह सतर्क रहा। घाटों, मंदिरों, बाजारों और प्रमुख मार्गों पर सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए गए, जिससे नववर्ष का जश्न शांतिपूर्ण और व्यवस्थित ढंग से संपन्न हुआ। आस्था, आनंद और अनुशासन के इस त्रिवेणी संगम के साथ काशी ने नववर्ष 2026 का स्वागत किया, जहां हर उत्सव साधना में और हर उल्लास परंपरा में ढलता नजर आया।काशी विश्वनाथ धाम में ऐतिहासिक भीड़, टूटे पुराने रिकॉर्ड
मार्कंडेय महादेव मंदिर और स्वर्वेद महामंदिर में उमड़ा आस्था का जनसागर
घाटों और नमो घाट पर सैलानियों की चहल-पहल
नववर्ष की सुबह ‘सुबहे-ए-बनारस’ के साथ हुई। देश-विदेश से आए पर्यटकों ने गंगा में नौकाविहार कर घाटों की आध्यात्मिक छटा को निहारा। पर्यटन के आधुनिक केंद्र के रूप में विकसित हो चुके नमो घाट पर भी भारी भीड़ उमड़ी। काशी के बदले स्वरूप और विकास कार्यों ने पर्यटकों को विशेष रूप से आकर्षित किया, जिससे स्थानीय पर्यटन और कारोबार को नई गति मिली।
बाजारों में रौनक, भक्ति और मस्ती का संगम
नववर्ष की पूर्व संध्या
पर शहर से लेकर
ग्रामीण अंचलों तक उत्सव का
माहौल रहा। कहीं डीजे
की धुनों पर युवा थिरकते
दिखे, तो कहीं भजन
संध्या और देवी जागरण
में लोग प्रभु आराधना
में लीन नजर आए।
फूल, गिफ्ट, ग्रीटिंग कार्ड और नववर्ष से
जुड़े सामानों की दुकानों पर
दिनभर भीड़ रही। बाजार
रोशनी और सजावट से
दुल्हन की तरह सजे
नजर आए।







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