सिंगापुर में यूपी का निवेश मिशन तेज
डेटा सेंटर,
लॉजिस्टिक्स
और
स्किल
पार्टनरशिप
पर
बड़े
समझौते
सिंगापुर से
वैश्विक
पूंजी
लाने
की
कवायद,
रोजगार
और
इंफ्रास्ट्रक्चर
पर
फोकस
सुरेश गांधी
उत्तर प्रदेश को वैश्विक निवेश
का प्रमुख केंद्र बनाने के उद्देश्य से
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का
सिंगापुर दौरा तेजी से
ठोस परिणामों की ओर बढ़ता
दिख रहा है। दौरे
के दौरान शीर्ष वैश्विक निवेश संस्थानों, बैंकिंग समूहों और तकनीकी शिक्षा
संगठनों के साथ हुई
बैठकों में डेटा सेंटर,
लॉजिस्टिक्स, औद्योगिक इंफ्रास्ट्रक्चर और कौशल विकास
के क्षेत्रों में निवेश सहयोग
को लेकर महत्वपूर्ण सहमति
बनी है। राज्य सरकार ने स्पष्ट संकेत
दिया है कि उत्तर
प्रदेश अब डिजिटल अर्थव्यवस्था
और आधुनिक औद्योगिक ढांचे पर आधारित विकास
मॉडल की दिशा में
निर्णायक कदम उठा रहा
है।
सिंगापुर सरकार से रणनीतिक साझेदारी पर जोर
दौरे के दौरान
मुख्यमंत्री ने सिंगापुर के
प्रधानमंत्री लॉरेंस वोंग से
मुलाकात कर निवेश, शहरी
विकास, डिजिटल अर्थव्यवस्था और कौशल प्रशिक्षण
के क्षेत्रों में सहयोग बढ़ाने
पर चर्चा की। इस दौरान
भारत और सिंगापुर के
बीच व्यापक रणनीतिक साझेदारी को राज्य स्तर
पर मजबूत करने पर सहमति
बनी। मुख्यमंत्री ने कहा कि
प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व
में भारत में निवेश
का वातावरण मजबूत हुआ है और
उत्तर प्रदेश इस अवसर को
तेजी से आगे बढ़ा
रहा है।
सिंगापुर की संप्रभु निवेश
कंपनी टीमासेक के चेयरमैन के
साथ हुई बैठक में
डेटा सेंटर, लॉजिस्टिक्स पार्क और औद्योगिक कॉरिडोर
परियोजनाओं पर विस्तार से
चर्चा की गई। राज्य
सरकार ने निवेशकों को
सिंगल विंडो सिस्टम और फास्ट ट्रैक
क्लियरेंस की जानकारी दी।
इसके अलावा वैश्विक निवेश फंड GIC के साथ दीर्घकालिक
इंफ्रास्ट्रक्चर निवेश पर बातचीत हुई।
जीआईसी पहले से उत्तर प्रदेश
की सड़क और ऊर्जा
परियोजनाओं में साझेदारी कर
चुका है, जिससे निवेश
विस्तार की संभावनाएं और
मजबूत हुई हैं।
बैंकिंग सहयोग से बढ़ेगा प्रोजेक्ट फाइनेंस
मुख्यमंत्री ने सिंगापुर के
प्रमुख बैंकिंग समूह डीबीएस ग्रूप
के वरिष्ठ नेतृत्व से मुलाकात कर
परियोजना वित्तपोषण और निवेश प्रवाह
को बढ़ाने पर चर्चा की।
राज्य सरकार का मानना है
कि बड़े औद्योगिक और
डेटा सेंटर प्रोजेक्ट्स के लिए अंतरराष्ट्रीय
वित्तीय संस्थानों की भागीदारी जरूरी
है। सूत्रों के अनुसार कई
परियोजनाओं के लिए संरचित
वित्त मॉडल पर प्रारंभिक
सहमति बनी है।
एमओयू से रोजगार और औद्योगिक विकास को गति
दौरे के दौरान
इंटीग्रेटेड टाउनशिप, लॉजिस्टिक्स पार्क और हाइपरस्केल डेटा
सेंटर से जुड़े कई
एमओयू पर हस्ताक्षर किए
गए। इन परियोजनाओं से
हजारों रोजगार अवसर सृजित होने
की संभावना जताई जा रही
है। राज्य सरकार ने निवेशकों को
आश्वासन दिया कि भूमि,
बिजली और अनुमोदन से
जुड़ी प्रक्रियाओं को समयबद्ध तरीके
से पूरा किया जाएगा।
कौशल विकास पर विशेष फोकस
दौरे का एक
महत्वपूर्ण हिस्सा तकनीकी शिक्षा सहयोग रहा। मुख्यमंत्री ने
सिंगापुर के प्रतिष्ठित संस्थान
इंस्टीच्यूट आफ टेक्निकल एजुकेशन
के साथ तकनीकी और व्यावसायिक प्रशिक्षण
मॉडल पर विस्तृत चर्चा
की। इस सहयोग के तहत एविएशन,
लॉजिस्टिक्स, एडवांस मैन्युफैक्चरिंग और डेटा सेंटर
संचालन से जुड़े प्रशिक्षण
कार्यक्रम विकसित किए जाएंगे। राज्य
सरकार जल्द ही जिला
स्तर पर रोजगार एवं
औद्योगिक क्षेत्रों के साथ स्किल
सेंटर स्थापित करने की योजना
पर काम कर रही
है।
राजनीतिक और आर्थिक दृष्टि से महत्वपूर्ण दौरा
दौरे के बाद
राज्य सरकार निवेश प्रस्तावों को तेजी से
परियोजनाओं में बदलने की
प्रक्रिया शुरू करेगी। निवेशकों
के साथ फॉलोअप बैठकें
और सेक्टर आधारित कार्ययोजनाएं तैयार की जा रही
हैं. स्पष्ट है कि सिंगापुर
दौरा उत्तर प्रदेश के लिए केवल
एक विदेशी यात्रा नहीं, बल्कि वैश्विक निवेश से विकास की
नई दिशा तय करने
वाला कदम बनता जा
रहा है।







No comments:
Post a Comment