Thursday, 26 February 2026

राज्यपाल ने रामनगर बालिका गृह में किया संवाद

निराश्रित बालिकाओं के सपनों को मिला संबल

राज्यपाल ने रामनगर बालिका गृह में किया संवाद 

रोजगारपरक प्रशिक्षण, स्वास्थ्य देखभाल और एआई शिक्षा पर विशेष जोर; पुनर्वास मॉडल की सराहना

सुरेश गांधी

वाराणसी। प्रदेश की राज्यपाल आनंदीबेन पटेल ने गुरुवार को महिला कल्याण विभाग द्वारा संचालित राजकीय बाल गृह बालिका, रामनगर का निरीक्षण कर वहां निवासरत बालिकाओं से संवाद किया और उनके भविष्य निर्माण के लिए प्रेरित किया। निरीक्षण के दौरान उन्होंने संस्था में संचालित शिक्षण, प्रशिक्षण और स्वास्थ्य व्यवस्थाओं की समीक्षा की तथा अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए।

निरीक्षण के समय जिलाधिकारी सत्येंद्र कुमार, मुख्य विकास अधिकारी प्रखर कुमार सिंह, महात्मा गांधी काशी विद्यापीठ के कुलपति आनंद त्यागी, रजिस्ट्रार डॉ. सुनीता पांडेय, मुख्य चिकित्सा अधिकारी, जिला प्रोबेशन अधिकारी पंकज कुमार मिश्रा तथा जिला कार्यक्रम अधिकारी दिनेश कुमार सिंह उपस्थित रहे।

राज्यपाल ने बालिकाओं से संवाद करते हुए उनके द्वारा साझा की गई सफलता की कहानियों की सराहना की और कहा कि महिला कल्याण विभाग द्वारा बालिकाओं के सर्वांगीण विकास के लिए सकारात्मक प्रयास किए जा रहे हैं। उन्होंने जिलाधिकारी तथा काशी विद्यापीठ के कुलपति को निर्देश दिया कि बालिकाओं को रोजगारपरक प्रशिक्षण से जोड़ने के लिए विशेष योजना तैयार की जाए।

स्वास्थ्य और पोषण पर विशेष ध्यान

राज्यपाल ने संस्था की विजिटिंग डॉक्टर से बालिकाओं के स्वास्थ्य की जानकारी ली। गर्भवती बालिकाओं तथा बच्चों की माताओं के लिए अतिरिक्त पोषण, नियमित स्वास्थ्य परीक्षण और हीमोग्लोबिन स्तर की निगरानी सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने अध्ययन कक्ष, भंडार कक्ष और रसोई कक्ष का निरीक्षण भी किया।

एआई और कंप्यूटर शिक्षा पर चर्चा

संवाद के दौरान राज्यपाल ने बालिकाओं को डिजिटल शिक्षा से जोड़ने पर बल देते हुए कंप्यूटर और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस के उपयोग की जानकारी लेने के साथ उन्हें तकनीकी रूप से सक्षम बनने के लिए प्रेरित किया।

सांस्कृतिक प्रस्तुति से हुआ स्वागत

राज्यपाल के आगमन पर बालिकाओं ने तबला वादन से स्वागत किया तथा हारमोनियम की संगत में भजन प्रस्तुति दी। जिला प्रोबेशन अधिकारी पंकज कुमार मिश्रा ने संस्था के कार्यक्रमों की जानकारी दी। इसके बाद संस्था से रोजगार के माध्यम से पुनर्वासित पांच बालिकाओं ने अपने अनुभव साझा किए। इनमें से दो बालिकाएं उत्कर्ष स्मॉल फाइनेंस बैंक में कार्यरत हैं, जबकि अन्य बालिकाएं जीडी गोयनका हेल्थ इंस्टीट्यूट में प्रशिक्षण के साथ स्नातक शिक्षा प्राप्त कर रही हैं।

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