काशी : पद्म विभूषण पं. छन्नूलाल मिश्रा आईसीयू में, हालत नाजुक पर सुधार के संकेत
एंटीबायोटिक, इंसुलिन
और
अन्य
सहायक
दवाएं
दी
जा
रही
हैं
सुरेश गांधी
वाराणसी। बनारस हिंदू विश्वविद्यालय के सर सुन्दर
लाल चिकित्सालय में पद्म विभूषण
शास्त्रीय गायक पंडित छन्नूलाल
मिश्रा (89) गंभीर अवस्था में भर्ती हैं।
उन्हें 13 सितंबर को तबीयत बिगड़ने
पर अस्पताल के गहन चिकित्सा
कक्ष (आईसीयू) में भर्ती कराया
गया था।
अस्पताल प्रशासन के अनुसार पंडित
जी पहले से टाइप-2
डायबिटीज, हाई ब्लड प्रेशर,
ऑस्टियोआर्थराइटिस और बीपीएच (प्रोस्टेट
की समस्या) से पीड़ित हैं।
इलाज के दौरान उन्हें
बेडसोर से संक्रमण (सेप्टीसीमिया)
हुआ, जिसके बाद एक्यूट रेस्पिरेटरी
डिस्ट्रेस सिंड्रोम (एआरडीएस) और डीप वेन
थ्रॉम्बोसिस (डीवीटी) की भी पुष्टि
हुई। नॉन-इनवेसिव वेंटिलेटर
पर रखे गए पंडित
मिश्रा को एंटीबायोटिक, इंसुलिन
और अन्य सहायक दवाएं
दी जा रही हैं।
अस्पताल के अनुसार पिछले
24 घंटों में उनके महत्वपूर्ण
स्वास्थ्य मानकों में स्थिरता और
हल्का सुधार दर्ज हुआ है।
विशेषज्ञ चिकित्सकों की टीम लगातार
उनकी निगरानी कर रही है।
अस्पताल ने सभी शुभचिंतकों से
प्रार्थना की है कि
वे पंडित जी के शीघ्र
स्वस्थ होने की दुआ
करें और परिवार की
गोपनीयता का सम्मान करें।
उनके दादा गुदई महाराज शांता प्रसाद प्रसिद्ध तबला वादक थे। उन्होंने बचपन में अपने पिता बद्री प्रसाद मिश्र से संगीत की बारीकियां सीखीं।
बाद में उस्ताद अब्दुल गनी खान (किराना घराना) और ठाकुर जयदेव सिंह जैसे गुरुओं से उन्होंने शास्त्रीय संगीत की विधिवत शिक्षा ली।
बिहार के मुजफ्फरपुर में प्रारंभिक
संगीत शिक्षा प्राप्त करने के बाद वे करीब चार दशक पहले वाराणसी आ गए और यहीं अपनी
संगीत साधना को नई ऊंचाइयों तक पहुंचाया। 2014 लोकसभा चुनाव में वे प्रधानमंत्री नरेंद्र
मोदी के प्रस्तावक भी रहे थे। उनका प्रसिद्ध गीत ‘खेले मसाने में होली’
आज भी लोगों के बीच बेहद लोकप्रिय है। उनकी बेटी नम्रता मिश्र ने बताया कि बीते दिनों
शुगर लेवल बढ़ने और हीमोग्लोबिन कम होने के कारण उनकी तबीयत अचानक बिगड़ी और इसी वजह
से हार्ट अटैक हुआ।




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